Special Article
वाहनों की पार्किंग के संकट से जूझते शहर
यह ज़रूरी नहीं है कि अच्छा सार्वजनिक परिवहन यातायात की भीड़ को काफ़ी कम कर दे। भीड़भाड़ की स्थिति में सुधार करने के लिए, शहरों को निजी कारों के स्वामित्व और उपयोग के कार्यात्मक, मनोवैज्ञानिक और सांस्कृतिक मूल्यों को लक्षित करने वाली गतिविधियों के साथ ही अपनी सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों को बेहतर बनाने के प्रयासों…
काले कोट, काले नोट और काले चश्मे वालों का काला षड्यंत्र
पंकज सीबी मिश्रा / राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी इंसान को जस्टिस शेखर यादव की तरह स्पष्टवादी होना चाहिए वरना तो कई लोग केवल चुनावी टिकट के लिए काला कोट पहन आतंकियों को आधी रेत बेल दिलवाने के लिए जद्दोजहद करते है और अब जजों को महाभियोग की धमकी दें रहे। खैर जस्टिस शेखर…
10 दिसंबर मानव अधिकारों के जागरुकता का दिन
विश्व मानव अधिकार दिवस पर विशेष-10 दिसंबर मानव अधिकारों के जागरुकता का दिनलाल बिहारी लालनई दिल्ली। आज मानवके अधिकारों के संरक्षण का संवैधानिक दर्जापूरी दुनिया प्राप्त है। मानव अधिकारों से अभिप्राय ”मौलिक अधिकारों एवं स्वतंत्रत से है जिसके सभी मानव प्राणी समान रुप से हकदार है। जिसमें स्वतंत्रता, समाजिक ,आर्थिक औऱ राजनैतिक रूप में देना…
‘सीखते हुए कमाएं’ योजना को मज़बूत और सार्थक बनाने की ज़रूरत है।
सार्थक व्यावसायिक शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण के लिए ‘सीखते हुए कमाएँ’ योजना को मज़बूत करना अनिवार्य है। यह दृष्टिकोण सैद्धांतिक शिक्षा के साथ व्यावहारिक अनुभव को एकीकृत करता है, जिससे रोजगार क्षमता बढ़ती है। पर्याप्त समर्थन, उद्योग सहयोग और नीति समायोजन इसकी प्रभावशीलता को बढ़ा सकते हैं, शिक्षा को वास्तविक दुनिया की माँगों के साथ…
“रत्नव” त्रिदिवसीय नाट्य महोत्सव का आयोजन
23 नवंबर 2024 को हिन्दी रंगमंच की अग्रणी संस्था ‘रत्नव'(रमा थिएटर नाट्य विद्या) का तीन दिवसीय नाट्य महोत्सव दिल्ली के ‘श्री राम सेंटर’ में पूरी भव्यता से आरंभ हुआ। महोत्सव का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। मुख्य अतिथि सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता और देश में एसिड -अटैक की शिकार लड़कियों के लिए वर्षों से…
एड्स का जागरुकता ही बचाव है
विश्व एड्स दिवस ( 1 दिसंम्बर) पर विशेष++++++++++++++++++++++++++++++++++लगातार थकान,रात को पसीना आना,लगातार डायरिया,जीभ/मूँह पर सफेद धब्बे,सुखी खांसी,लगातार बुखार आदी रहने पर एड्स की संभावना हो सकती हैं।++++++++++++++++++लाल बिहारी गुप्ता लाललगभग 200-300 साल पहले इस दुनिया में मानवों में एड्स का नामोनिशान तक नही था। यह सिर्फ अफ्रीकी महादेश में पाए जाने वाले एक विशेष प्रजाति…
तूफान में धराशायी विपक्ष
राजनीतिक सफरनामा : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव एक बहुत बड़ मंत्र मिल गया है राजनीतिक दलों को चुनाव जीतने के लिए ‘‘लाड़ली बहिना’’ । पिछले साल मध्यप्रदेश के चुनावों में इस मंत्र को सिद्ध किया गया, परिणाम बेहतर आए तो अब हर एक चुनावी राज्यों में इस का प्रयोग किया जाने लगा ‘‘आओ बहिना तुम हमे वोट…
डॉं अरुणा पाठक आभा को मिला “विद्यासागर सम्मान”
काशी हिंदी विद्यापीठ केंद्रीय कार्यकारिणी द्वाराबनारस में मिला सम्मान। साहित्य जगत में और शिक्षा जगत में अपनी विशेष उपलब्धियो के लिए कई बरसों से लगातार काम कर रही। समाज सेवा और मोटिवेशनल स्पीकर भी है अरुणा पाठक।साहित्य जगत में लेखन के साथ-साथ अपने कार्यों से अपनी गतिविधियों से समाज में एक अलग व्यक्तित्व एक पहचान…
सफलता और पूजा एक दूजे के पूरक
कि आपको यह मुकाम हासिल करने में किन परेशानी का सामना करना पड़ा। इस पर पूजा जी ने बताया कि लगभग दो साल से सोशल मीडिया पर काम कर रही हूँ। मेरे परिवार में मेरे दो बच्चे मेरे पति और मेरे मम्मी पापा है। मैंने दो साल पहले वे नहीं सोचा था कि एक वीडियो…
धंधा है सब : मुर्ख को गद्दी और चालाक को हड्डी
पंकज सीबी मिश्रा / राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी जीवन में अंतस आनंद के निमित्त दो चीजों को कभी व्यर्थ नहीं जाने देना चाहिए प्रथम के कण को और द्वितीय आनंद के क्षण को। यथावादी कहते है आधुनिक समय में प्रेमत्व का कोई मोल नहीं अपितु अपनत्व के मॉल ही मॉल है जहाँ पैसे…
