Latest Updates

कब्रिस्तान का रहस्य

सूरज अपने एक दोस्त की शादी में कानपुर जा रहा था। सूरज का बचपन वहीं गुजरा था अतः वहाँ के इलाके से बहुत कुछ परिचित भी था । उसके साथ इलाहाबाद से ही एक और मित्र भी था ।       “कानपुर आ गया।”  यह सुनकर दोनों दोस्त चौंक पड़े। वे आपस की बातों में  इतना…

Read More

काव्य संध्या के रंग , अनुराधा प्रकाशन के संग -2, काव्य गोष्ठी का सफल आयोजन

डॉक्टर अलका अरोड़ा जी के संयोजन में अनुराधा प्रकाशन द्वारा संचालित पेज एवं समूह (अनुराधा विश्व हिंदी साहित्यकार समूह) पटल पर शानदार काव्य गोष्ठी का आयोजन आज दिनांक 22 मार्च , सायं 4 बजे से हुआ .आयोजन की मुख्य अतिथि वरिष्ठ कवियित्री नीरू सिंह जी , अध्यक्षा श्रीमती अनीता गौतम जी, विशिष्ट अतिथि : रौशनी…

Read More

आख़िरी हिचकिचाहट

आदित्य ने वर्जिनिया टेक से इंजीनियरिंग करी थी , बिज़नेस मैनेजमेंट इन सी एड  सिंगापुर से किया था , और अपने लिए लड़की ढूंढ रहा था।  शादी डाट कॉम पर उसने अपना बायो डाटा अपलोड किया , स्वयं के बारे में लिखते हुए उसने लिखा , ‘ मेरी माँ मेडिकल डॉक्टर हैं , मैं बहुत…

Read More

हे शिव

हे शिव शम्भू नमः शिवाय् ,   जगपालक जगत विधाता ।    दुर्गापति जय जनक गणेश के,     स्कन्द पिता जय नमः शिवाय् ।        वैद्यनाथ, संहारक दुर्जन के तुम,          हे केदारनाथ जय नमः शिवाय् ।            त्रिपुरारी शंकर गंगाधर प्रभु जी ,             जय त्रिनेत्र ओउम् नमःशिवाय् ।    हे भोले भंडारी जगपति…

Read More

मातृभाषा सम्मानित हो, तो आत्मनिर्भर भारत हो

धरती से अंबर तक आजकल हर कोई वसंती रंग में रंगा हुआ है, साथ ही इन दिनों हमारे देश की लगभग चार पीढ़ियों पर गुलाबी रंग का मदिर अहसास भी छाया हुआ है।मान्यता है कि वैलेंटाइन दिवस के माध्यम से पूरे विश्व में निःस्वार्थ प्रेम का संदेश दिया जाता है।लेकिन प्रेम के व्यापक स्वरूप को…

Read More

ये शायर तो….. नहीं

हम जब भी कोई शायर के बारे में सोचते हैं तो एक कोमल हृदय का नाजुक से तेवर वाला या वाली तस्वीर सामने आती हैं।एक नर्म दिल आदमी जिसके दिल में एक प्यार की शमां जलती हैं जो  खुद तो रोशन होती हैं लेकिन औरो को भी रोशन करने का काम करती हैं।वे एक नाजुक…

Read More

विजय

        राखी नाम की एक दुबली-पतली बीमार -सी ,साँवले रंग की एक लड़की,उम्र यही तेरह- चौदह की साल रही होगी । वह आठवीं कक्षा में पढ़ती थी । राखी कक्षा में बिलकुल पीछे बैठती थी। वह हमेशा चुपचाप बैठी रहती शायद इसी लिए उसकी कोई  सहेली भी नहीं बनी थी । हाँ अगर शिक्षिका कक्षा…

Read More

मुझे भी याद कर लेना

विधा – गीत मेरे आँगन का सावन जब लिये बरसात आयेगा इस फुलवारी में आकर के गुलो गुलशन महकायेगा मैं तुझको याद करूंगी तुम्हारे दर पर आँधी की जब होंगी दस्तक बेशुमार दबाकर सारी हलचल तुम मुझे बस गुनगुना लेना मुझे भी याद कर लेना जो तेरी याद सताएगी नींद बैरन हो जाएगी डसेगी नागन…

Read More

भारत के वीर पुत्र को नमन हमारा है……

जय माँ भारती , माँ भारती, जय माँ भारती….. (1) माँ भारती का लाल जब सरहद पर लड़ने जाता है। उड़ उड़ के मिट्टी बदन को चूमे दुश्मन भी थर्राता है।                   ऐसे भारत के वीर पुत्र को नमन हमारा है…… (2) सीना तान के माँ मस्तक पर शौर्य तिलक करती है। वीर सिपाही जब…

Read More

बेज़ुबा

शहर की उन गलियों से आज फिर गुज़रा , जिसने मुझे 12 साल पहले गूंगा बना दिया था। एक तो पुराना मकान उसका वो टूटा हुआ छज्जा उस पर खड़ी शरमाती लड़की जिसे देख मै हमेशा के लिये चुप हो गया। ज़ुबा हो कर भी बेज़ुबा हो गया। वो चुप खड़ीमुझे देखती और मैं दूर…

Read More