बुजुर्ग की झोली में खुशियां भर दीजिए
बुजुर्ग की झोली में खुशियां भर दीजिए बुजुर्ग की यादाश्त कमजोर हो जाती है, बेचारे से अक्सर गलतियां हो जाती हैं. बेवजह उन्हें उलहना सुनना पड़ता है, जिल्लत की जिंदगी ढोनी पड़ जाती है. दिल की बात कहें तो वे किससे कहें? कोई भी हमदर्द उनकेआसपास नहीं है इसलिएअकेले में वे चुपके से रो लेते…
