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आशा-आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का स्वैच्छिक योगदान

-डॉ. प्रियंका सौरभ क्या राष्ट्र के स्वास्थ्य की देखभाल करने वाली इन महिलाओं को श्रमिक का दर्जा नहीं दिया जाएगा? आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की ज़रूरतें असाधारण नहीं हैं; उन्हें न्यूनतम वेतन, पेंशन, ग्रेच्युटी, तृतीय श्रेणी कर्मचारी का दर्जा और सामाजिक सुरक्षा प्राप्त है। फिर भी, सरकारें उन्हें औपचारिक श्रम अधिकारों से वंचित रखती हैं…

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सबके मन में बसे हैं राम,

सबके मन में बसे हैं राम, जय जय जय जय जय श्री राम| सजी अयोध्या आओ धाम, जय जय जय जय जय श्री राम|| कब आयेगें प्रभु धनु धारी, राह देखते सब नर नारी, करता नही कोई कुछ काम जय जय जय जय जय श्री राम| बेर लिए बैठी है शबरी, उत्सुक है किष्किंधा नगरी,…

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गीत ये बन पाए हैं

गीत ये बन पाए हैं जिगर को चीर के ,बाहर ये निकाले मैंने ,फिर ये अरमान ,आंसुओं में उबाले मैंने ,तब कहीं जा के ,विरह गीत ये बन पाए हैं । इनके सीने में गम ,के तीर चुभाये मैंने ,दिल पै अपनों के दिये ,जख्म दिखाए मैंने ,तब कहीं जा के ,विरह गीत ये बन…

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पंच से पक्षकार

          हरिप्रसाद और रामप्रसाद दोनों सगे भाई थे। उम्र के आखिरी पड़ाव तक दोनों के रिश्ते ठीक-ठाक थे। दोनों ने आपसी सहमति से रामनगर चौराहे वाली अपनी पैतृक जमीन पर दुकान बनाने का सोचा, ताकि उससे जो आय हो उससे उनका जीवन सुचारू रूप से चल सके।       दुकान का काम चल ही रहा था…

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दीपगीत

शुचि शारदी  शान्त  अमा में दीप जलता  है अकेला।             अनुराग- प्रकाश  फैला है  दिशा  में             छितरा  रही  नभ   में    गंगा- कली             कमलासिनी- कमले!  कल केशनी!             तारकों  से   होड़   लेने   है     चली एक दीया रख दो ड्योढ़ी, दूसरा कुएँ पर, हो उजेला।              साधना   का       दीप     है   यह              श्वास    में     उन्माद    …

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गणेश चतुर्थी पर श्री गणेश करें

श्रीमती कविता मल्होत्रा (संरक्षक-स्तंभकार-उत्कर्ष मेल) गणेश चतुर्थी पर श्री गणेश करें चिंतन ही जीवन का उद्देश्य करें ✍️ बुद्धि समृद्धि और सौभाग्य प्राप्त करने के लिए मनुष्य उम्र भर एक प्रतियोगी की तरह अनेक रास्तों से गुज़रता है।अधिकतर रास्ते स्वार्थ सिद्धि की बुनाई से गुँथे होते हैं इसलिए गंतव्य पर न पहुँच कर बहुत से…

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जीवन क्रिकेट खेल

अनिश्चितता मूल में जीवन क्रिकेट खेल फाइनल उनके बीच में जो करते थे ट्रेल जो करते थे ट्रेल, लीग टेबल में नीचे अब वो सब से आगे, और सब उनके पीछे ‘यश’ मत होय निराश तू , व्यर्थ लगा कर होड़ जीवन लंबी रेस है, बस तू केवल दौड़ और जिन्होंने लीग तक, किया विश्वकप…

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शोषक भी हम – शोषण भी हमारा, फिर न्याय के लिए भटकना कैसा..!

पंकज सीबी मिश्रा  / राजनीतिक विश्लेषक़ एवं पत्रकार जौनपुर यूपी  स्टार्टअप से बात शुरू हुई औऱ जज के घर करोड़ों के अधजले नोट मिले, मुद्रा लोन को बढ़ावा दिया जाना था औऱ अडानी को अरबों का लोन मिला, स्वरोजगार की बात चली औऱ सरकारी नौकरियों को कम कर दिया गया। रोजगार देने वाले 70% से…

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गीतकार अनिल भारद्वाज भारत माता अभिनंदन सम्मान 2024 से सम्मानित

साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था, भारत माता अभिनंदन संगठन रजि. इस्लामपुर पश्चिम बंगाल द्वारा दिनांक 23.01.2024 को , मध्य प्रदेश,ग्वालियर के श्रेष्ठ गीतकार एवं वरिष्ठ अभिभाषक अनिल भारद्वाज को भारत माता अभिनंदन सम्मान 2024 से सम्मानित किया गया है।गीतकार अनिल भारद्वाज को हिंदी साहित्य में उल्लेखनीय योगदान और वरिष्ठ हिंदी सेवी साहित्यकार, एवं साहित्य सृजन…

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जो तेरी रज़ा मेरी भी वही

श्रीमती कविता मल्होत्रा (संरक्षक – उत्कर्ष मेल) Your mercy is my social status -Guru Nanak परिचय इतना इतिहास यही जो तेरी रज़ा है मेरी भी वही ✍️ निर्बाध गति से तो केवल प्रकृति का दरिया बहता है, मानव जाति तो मात्र उस गति की ताल से अपनी ताल मिलाने का प्रयास किया करती है।जीवन का…

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