रंग गालो पे कत्थई लगाना
अबके सावन में ओ रे पियाभीग जाने दो कोरी चुनरियामीठी मीठी सी बाली उमरियाभीग जाने दो कोरी चुनरिया हम को मिल ना सकेंतेरे रहमो करमसात रंगों में डूबे सातो जन्मरंग गालो पे कत्थई लगानाधीमे धीमें से खोलो किवडियाभीग जाने दो कोरी चुनरिया रंग प्रीत का धानी बहुत हैये नशा भी बहुत ही सुहानाएसे अल्हड से…
