Latest Updates

बारहमासी वसंत होगा

कविता मल्होत्रा (संरक्षक) किसी को नज़ारे पसंद आते है तो कोई हरियाली का तलबगार है ख़ुशियाँ बाँटकर जग को ख़ुशी देना प्रकृति के दिव्य कारोबार का आधार है ✍️ वसंत ऋतु अपने आगमन के साथ-साथ जीवन दर्शन का एक बहुत ख़ूबसूरत संकेत भी लेकर आती है।हर तरफ़ रंग बिरँगे फूल देखकर किसका मन खुश नहीं…

Read More

खुराक (कहानी)

गर्मी की चिलचिलाती धूप में, खड़ी दोपहरी में चरवाहे किसी पेड़ के नीचे बैठ जाते ,अपनी अपनी पोटली खोलते खाना खाते तथा वहीं पास के किसी कुएँ या तालाब का पानी पीकर कुछ देर आराम करते थे।उनके आसपास ही पेड़ों की छाया में उनके गाय ,बछड़े, भैंस भी वहीं पास में आज्ञाकारी बच्चे की तरह…

Read More

नदी ,ऋतुओं और स्थानीय मान्यताओँ के दृष्टिकोण से काशी का संगीत

गंगा के तट पर बसे होने के कारण काशी आदिकाल से ही हरी भरी और सम्पन्न रही है , धन धान्य से परिपूर्ण काशी मे , संतुष्टि का भाव प्रचुर रहा है , संतुष्टि के यही भाव काशी के संगीत मे चैनदारी के रूप झलकते हैं , काशी का संगीत अपने आप मे एक सरलता…

Read More

गुरू कृपा

गुरू जी की कृपा से तृप्ति मिले शरण में आया है ये प्यासा मन चिर प्रतीक्षा पूर्ण नहीं हो रही मन चाहता नहीं दूसरा कोई धन अनवरत साधना का पथ यूँ दिखे जैसे मृग ढूँढें कस्तूरी वन -वन आपकी वो कृपा आज मुझको मिले जिसको खोजे दुनिया का हर जन सार हीन जीवन भी भव…

Read More

अ से ज्ञ अलंकृत अनुप्रास  

‌अरुणोदय लालिमा अम्बर पथ  सोहेअवनि अंशुमय अंर्तमन मोहे | आभूषित आभामंडल आकाशदीप राशि मेंआध्यात्मिक मन आनंदित आलोकित काशी में | इन्दु रश्मिमयी धरा पुलकित इन्दिवर मन मोहेईश पूजन चली सखियां इंगुर श्रृंगार सोहे | उषाकाल लालिमा भरी क्षितिपथ धरणी उमंगउदित भानु उत्पल खिला उद्यान पुष्प बहुरंग | ऋत्विक ऋजु मनिषी श्रेष्ठ सर्वदाऋषि तप भूमि तट…

Read More

नववर्ष  2025

नववर्ष आ गया……. नववर्ष आ गया , नवफूल मुस्कुराए । कलियाँ खिली दिलों मे, खुशियों के चमन में। इरादे बदल गये हैं, ख्वाहिश नई जगी है । रेतों के परिन्दे , हरियाली में मुस्कुराए। मंजिलों के नए सपने , जन्म   ले   रहे   हैं  । इरादे बुलंद देखो, मन में खिल रहे हैं । छोटे से…

Read More

दिल्ली की डॉ.सरला सिंह स्निग्धा को मिला नेपाल के अंतरराष्ट्रीय हिंदी काव्य रत्न मानद सम्मान

14 सितंबर 2024 को हिंदी दिवस के अवसर पर डॉ सरला सिंह स्निग्धा को “हिंदी काव्य रत्न” मानद सम्मान से सम्मानित किया गया। हिंदी दिवस पर देश-विदेश के 16वर्ष से लेकर 75 वर्ष के वयोवृद्ध रचनाकारों ने हिंदी पर अपने स्वरचित कविता को शेयर किया गया था। “शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन नेपाल,लुम्बिनी द्वारा हिन्दी…

Read More

पनाह : उज्जवला  साखलकर

ये ठहरी आखिर महानगरी मुम्बई की सड़क , जहाँ दिन हो या रात हर समय गाड़ियों और लोगों का महापुर जमा रहता है I हर कोई अपनी धुन में, बस जल्दी गंतव्य तक पहुँचने की होड़ I आज भी  पूरी की पूरी सड़क कार, टैक्सी, बस और टू-व्हीलर से भरी हुई थी और इसमें सावित्री…

Read More

दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बलों में से एक हैं भारतीय सशस्त्र बल : सेना प्रमुख

सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने शनिवार 14 जनवरी को कहा कि भारतीय सशस्त्र बल अत्यधिक पेशेवर हैं और दुनिया में उनकी गिनती सर्वश्रेष्ठ बलों में की जाती है। जनरल मनोज पांडे ने कहा कि भूतपूर्व सैनिकों के अदम्य साहस और उनके बलिदान के कारण भारतीय सशस्त्र बल दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बलों में शुमार हैं।…

Read More

माँ (कविता-2)

मार्टिन उमेद नज्मी मैंने जमीं पे चलती फिरती ख़ुदा की अंजा देखी है , मैंने जन्नत नहीं देखी कभी मैंने अपनी माँ देखी है ॥ ———————- बेटी की शादी में गरीबी सह विधवा माँ खर्चे को हिचकिचाती रही , वो ज़बां पर ख़ामोशी के ताले डाल इक इक रस्म-ओ -रिवाज निभाती रही ! ———————- माँ…

Read More