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क्या हुआ तेरा वादा……….. ! – कुशलेन्द्र श्रीवास्तव

राजनीतिक सफरनामा राजनीति तो वायदों का ही खेल है । ऐसा हो ही नहीं सकता कि कोई राजनीति करे और वायदा न करे और फिर चुनावों में….चुनावों में तो वायदे पानी की तरह बहते दिखाई देता है, वह चुनाव चाहे सरपंच का हो या लोकसभा का । इतने वायदे किए जाते हैं कि वायदा करने…

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बचाव

कोरोना वायरस को ना बनने दें अभिशाप, जागरूकता-स्वच्छता ही सर्वोपरी बचाव। साधारण मास्क और सैनिटाइजर से, इसके संक्रमण को रोकें, आत्मसात कर लें, विशेषज्ञों के दिए गए सुझाव। रहता नहीं हवा में ये, रहता ये सतह पे। जगह- जगह पहुँचे ये, वस्तु-जीव पे रह के। पड़े धातु पे तो बारह घण्टे, कपड़े पे नौ घण्टे,…

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दहेज़ नहीं लिया… या बस नाम बदल दिया?

(एक रुपये के दिखावे के पीछे छिपा “भात” और “रिवाज़” का सच—क्या सच में खत्म हो रही है दहेज़ प्रथा या सिर्फ बदल रहा है उसका रूप?) — डॉ. सत्यवान सौरभ भारतीय समाज में विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि दो परिवारों का संबंध माना जाता है। यह संबंध परंपराओं, रीति-रिवाज़ों और सामाजिक…

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हिसार की बेटी और भिवानी की बहू प्रियंका सौरभ को मिला ‘सामाजिक सरोकार पत्रकारिता नारद सम्मान 2025’

कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने मानव रचना यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद में किया सम्मानित हिसार/ भिवानी/फरीदाबाद, हरियाणा | 25 मई 2025: देवर्षि नारद जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित राज्य स्तरीय पत्रकार सम्मान समारोह में हरियाणा की चर्चित लेखिका, कवयित्री एवं स्वतंत्र पत्रकार प्रियंका सौरभ को ‘सामाजिक सरोकार पत्रकारिता नारद सम्मान – 2025’ से सम्मानित किया गया। यह…

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1 अप्रैल से दिल्ली की सड़कों पर दिखेगा बड़ा बदलाव, इस एक गलती पर 10,000 रुपये जर्माना; हो सकती है जेल भी

देश की राजधानी दिल्ली में सड़कों पर आवागमन को लेकर आगामी 1 अप्रैल से बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, जिससे सभी तरह के वाहन चालकों को बड़ा आराम मिलेगा। दरअसल, 1 अप्रैल से बसों और माल वाहनों को सड़कों पर अपनी ही निर्धारित लेन में चलना होगा। ऐसा नहीं करने वालों पर 10,000 रुपये का…

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दिल्ली के नगरनिगम की नूराकुश्ती 

कुशलेन्द्र श्रीवास्तव दिल्ली की नगर निगम का दंगल सभी की निगाहों से होकर गुजरा ‘‘ओह अच्छा ! तो हमें पार्षद बनकर ऐसे दंगल करना पड़ता है’’ । वैसे तो अब उम्मीद नहीं हैं कि किसी को ज्यादा आश्चर्य हुआ होगा, क्योंकि पिछले कुछ दशकों संे हम ऐसा होता हुआ विधानसभा से लेकर कुछ-कुछ संसद में…

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आरोपों की अन्त्याक्षरी

राजनीतिक सफरनामा :   कुशलेन्द्र श्रीवास्तव तुकबंदी का दौर आ चुका है और यह तुक बंदी उत्तरप्रदेश से प्रारंभ हुई है । वहां के मुख्मंत्री ने एक नारा दिया ‘‘बंटेगें तो कटेंगें’’ अब इस नारे की काट खाजने के लिए तुकबं दी प्रारंभ हो गई । समाजवादी पार्टी ने अन्त्याक्षरी के जैसे इसे लपक लिया…

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नववर्ष की बधाई

v नये नये उमंग हैं नये नये तरंग नववर्ष की नवकिरण में हर तरफ लाये उमंग ही उमंग। अम्बर से आई किरण लेकर प्रकाश की लालिमा पीछे छुट गया काली रात और उसकी काली कलिमा। बीत गये एक वर्ष खट्टे मीठे अनुभव लाएगी आशा का संदेश ऐसा सोचे हर मानव। बनी रहे आचार विचार ऐसा…

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परिवार

ढूँढ़ रही इस जगत में फिर     खुशहाली से भरा परिवार।     जिसमें थी बसती एकता     नेह अरु प्रेम गले का हार।     दादा-दादी औ चाचा-चाची     ताऊ ताई बुआ हर कोई।     चहल-पहल से घर जो गूँजे     सारी ही वो पलटन खोई।     सिमट गया दो जन में घर     रहता था…

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मौसम के रंग हेमंत के संग

मौसम कहता, पतझर है पर अभी नहीं आ गया मधुमास, परन्तु पीपल बृक्ष से चिपके सूखे पत्ते, हवा में हिलते डुलते जैसे बाय-बॉय करते कह रहे हों पतझर को  “जान बाँकी है अभी मुझमें” जैसे किसी बृद्ध की जान अटकी हो अपने नये वंशज को देखने के लिये। नौखेज पत्ते लगे हैं दिखने बृक्ष की…

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