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कैसे

कैसे गीत गजल कविता के छंदों का विस्तार करूं । भय से विस्फारित जब आंखें ,कैसे उनसे प्यार करूं ।। घायल मन , निर्बल है तन, चेतना शून्य कुंठित विचार । प्रलयंकारी बाढ़ -वेदना का कैसे प्रतिकार करूं ।। 1 जिसको खुद उपचार चाहिए वह प्रियजन की चिता जलाता। अंधकार है गहन सूझता नहीं किरण…

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भारतीय सभ्यता सबसे प्राचीन और निरंतर विशाल विस्तार वाली : एनएसए डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने मंगलवार को कहा कि भारतीय सभ्यता “विशाल विस्तार” वाली सबसे पुरानी और निरंतर सभ्यताओं में से एक है। भारतीय इतिहास के बारे में कुछ सवाल थे, मगर किसी ने सवाल नहीं उठाया, यहां तक कि देश के निंदक ने भी नहीं। डोभाल ने नई दिल्ली में विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन…

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हर्षोल्लास के पावन पर्व होली की अनन्त शुभकामनाएं : मनमोहन शर्मा ‘शरण’

सर्वप्रथम  आप  सभी  को  हर्षोल्लास  के  पावन  पर्व  होली  की  अनन्त  शुभकामनाएं ।  बात  हम  होली  और  जो  ‘हो  +  ली’  (कोराना  महामारी)  उसकी  भी  करेंगे ।           जो  बात  हो़ली,  जिससे  पूरा  विश्व  अचम्भे  में,  सकते  में  आ  गया  था ।    2021  आते–आते  हम    खुशी  मनाने  लगे  कि  चलिए  अब  तो  बहुत  सारी  वैक्सीन …

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शोषक भी हम – शोषण भी हमारा, फिर न्याय के लिए भटकना कैसा..!

पंकज सीबी मिश्रा  / राजनीतिक विश्लेषक़ एवं पत्रकार जौनपुर यूपी  स्टार्टअप से बात शुरू हुई औऱ जज के घर करोड़ों के अधजले नोट मिले, मुद्रा लोन को बढ़ावा दिया जाना था औऱ अडानी को अरबों का लोन मिला, स्वरोजगार की बात चली औऱ सरकारी नौकरियों को कम कर दिया गया। रोजगार देने वाले 70% से…

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बच्चों, किशोरों में बढ़ती स्क्रीन टाइम की समस्या से पूरा विश्व परेशान है।

विजय गर्ग स्वीडन ने स्कूलों में स्क्रीन को बैन कर दिया। अब वहां किताबों की वापसी हो रही है। बच्चे सिर्फ किताबों से ही पढ़ेंगे। स्वीडन ने सुधारा, बाकी देश कब सुधारेंगे, वक्त बताएगा। अपने देश में तो अधिकांश दल अपने-अपने घोषणा पत्रों में बच्चों को लैपटाप और मोबाइल देने की बातें करते हैं। नौ…

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बाज़ी तेरे इश्क़ की

कविता मल्होत्रा (स्थायी स्तंभकार, उत्कर्ष मेल) जीत ही लेंगे बाज़ी हम तुम, ये खेल अधूरा छूटे न प्रेम का बंधन,जन्म का बँधन,हाथ कोई भी छूटे न ✍️ मानसून की दस्तक मौसमी हवाओं के आगमन का पैग़ाम तो लाई है लेकिन अब के बरस सावन की बूँदें मिट्टी को वो खुश्बू नहीं दे पाईं जिनसे हर…

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कभी निष्फल नहीं हो सकता हमारा दूसरों को प्यार सम्मान अथवा महत्त्व देना

कुछ समय पहले की बात है कि एक हिंदी फिल्म देख रहा था। फिल्म और मुख्य पात्र का नाम है मिली। मिली एक मॉल के फूड जंक्शन में काम करती है। एक दिन गलती से मिली रेस्टोरेंट के फ्रीजर रूम में बंद हो जाती है। फ्रीजर रूम की सरदी के कारण उसकी हालत बहुत खराब…

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लॉक डाउन में दिव्य ज्ञान

कोई न कोई ज़ुर्म तो जरूर था ही,जिसमें सभी शामिल थे,तभी तो हर इन्सान चेहरा छुपाए घूम रहा है” सच ऐसे हालात में घर रहना ही बचाव है, अंधेरे में हाथ थामने का समय है और सुनसान में गुनगुनाने का है, एक दूसरे को धीरज बंधाने का है पर इस दौरान पति पत्नी,बच्चे, छोटे बड़े,सब…

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काव्य संध्या के रंग अनुराधा प्रकाशन के संग

डॉक्टर अलका अरोड़ा , (देहरादून ) के संयोजन में प्रभु कृपा और आप सभी के आशीर्वाद से अनुराधा विश्व हिंदी साहित्यकार समूह एवं अनुराधा प्रकाशन फेसबुक पेज पर काव्य गोष्ठियों का आयोजन 21 मार्च 2022 से 28 मार्च 2022 प्रतिदिन सायं 4 बजे से 5 बजे तक होने जा रहा है , आप सभी के…

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कोरोना को हल्के में लेना, कितना भारी पड़ रहा है

मनमोहन शर्मा ‘शरण’ (प्रधान संपादक) कोरोना को हल्के में लेना हम सबको कितना भारी पड़ रहा है । हमने भी, सरकारी तंत्र् ने  भी, स्वयंसेवी संस्थाएं भी बार–बार निवेदन करती रहीं कि 2 गज की दूरी मास्क है जरूरी, कम से कम तब तक तो अवश्य ही जब तक कोरोना भारत से पूरी तरह से…

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