Latest Updates

“हिंदी ज्ञान ‘अ’ से ‘ज्ञ’ तक”

मैं वाणी भारती, मैं विश्व लेखनी भारतीय,वर्णों की गुथी माला की अनुपम पाठशाला हूँ। अलंकारों से सुसज्जित, आनंदित सुभाष हूँ।इंदु रश्मि पूनम, ईख की मिठास हूँ।उर मेरे हरि निवास, ऊर्जस्विता प्रभास हूँ।ऋद्धि सिद्धि का वास, एकाग्रता विश्वास हूँ।ऐश्वर्यता से भरी, ओजस्विता सुहास हूँ।और लेखनी अनुपम सी, अंतरिक्ष आकाश हूँ। कवयित्री हूँ महान, खगोल का सम्पूर्ण…

Read More

नारी (कविता-6)

विश्व की शान है नारी विश्व की …………. हर घर की पहचान है  नारी नारी है तो मान है नारी है तो सम मान है क्यों भूल जाते हो नारी ही नर की खान है नारी है हर सफलता है नारी है तो ममता है नारी से ही समता है नारी नहीं विफलता है ।…

Read More

दिल्ली में CNG की कीमत बढ़ी, नोएडा में PNG हुई महंगी, जानिए कितने बढ़ गए दाम

प्राकृतिक गैस की कीमतों में रिकॉर्ड वृद्धि के बाद शुक्रवार को दिल्ली में सीएनजी की कीमत में 80 पैसे प्रति किलोग्राम का इजाफा हो गया। इसके अलावा इनपुट गैस लागत में आंशिक रूप से वृद्धि के बाद नोएडा में घरेलू पीएनजी की कीमत में 5.85 रुपये प्रति एससीएम की वृद्धि की गई है। यह दर…

Read More

कस्तूरबा गाँधी : डॉक्टर मनोज

(11 अप्रैल, 1869 से 22 फरवरी, 1944) प्रारंभिक जीवन :- कस्तूरबा गाँधी का जन्म 11 अप्रैल सन् 1869 में काठियावाड़ के पोरबंदर नगर में हुआ था। कस्तूरबा के पिता ‘गोकुलदास मकनजी’ एक साधारण व्यापारी थे और कस्तूरबा उनकी तीसरी संतान थी। उस जमाने में ज्यादातर लोग अपनी बेटियों को पढ़ाते नहीं थे और विवाह भी…

Read More

हिन्दी भाषा देश की आन बान शान

मंजू लता (राजस्थान_ आज का दिन मेरे लिए बहुत ही खुशी का दिन होता है । आज मेरे विषय हिन्दी को सम्मान दिया जाता है । हमारे भारत में पूरे साल भर हिन्दी भाषा के साथ उपेक्षित व्यवहार किया जाता है । आज के दिन को हिन्दी दिवस मनाकर इतिश्री कर ली जाती है ।…

Read More

नेताओं की देशभक्ति की अग्निपरीक्षा, सेना में बेटा भेजो, पेंशन लो!”

भारत में एक बार विधायक या सांसद बन जाना आजीवन पेंशन की गारंटी बन चुका है, चाहे उनका संसदीय रिकॉर्ड शून्य क्यों न हो। वहीं, सीमाओं पर तैनात सैनिक हर रोज़ जान जोखिम में डालते हैं, लेकिन उनके परिवारों को न्यूनतम सुविधाएं भी संघर्ष से मिलती हैं। सवाल उठता है – क्या नेताओं की देशभक्ति…

Read More

परवरिश : डॉक्टर अरुणा पाठक

हर किसी को आते जाते…….. वह घर अपनी और आकर्षित करता था। करें क्यों ना आसपास के पूरे क्षेत्र में इतना सुंदर इतना महंगा इतना आलीशान घर, दूसरा नहीं था। वहां से गुजरने वाले उस घर को जरूर देखते बाहर एक बड़ी सी गाड़ी खड़ी रहती. और उसमें टोपी पहना हुआ ड्राइवर बैठा रहता। अक्सर…

Read More

पूजा का शंख : अजय कुमार पाण्डेय

पूजा का शंख             आज दीपावली के दिन लक्ष्मी पूजा की थाली सजाते हुए सविता ने शंख निकाला तो कुछ देर के लिए उसे हाथ में लेकर ठिठकी रह गई। इस शंख में उसे दो मासूम सी आंखें अपनी ओर ताकती दिखाई दीं। इन आंखों में एक करुणा थी, एक अपनापन था, एक शिकायत…

Read More

बाल बहार, (कविता) दिवाली की छुट्टियां

दीपावली त्यौहार का,अनुपम अपना ढंग।  बच्चे मनाते हैं खुशी से, घरवालों के संग॥  घरवालों के संग, मजा तब दुगुना हो जाता।  होते जब मित्रों संग, फुलझड़ी स्वयं चलाता॥  रहा इंतजार महीनों से, अवसर कब आयेगा।  दिया रावण दहन संदेश, मास अगले आयेगा॥  हम दिन गिन रहे थे रोज,माह कार्तिक का आया।  तब अमावस्या से पूर्व,…

Read More