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नए साल की नई सुबह : राजनीतिक सफरनामान

                                                                                                   कुशलेन्द्र श्रीवास्तव नए कैलेण्डर के नए वर्ष के सुनहरे पन्ने पर दर्ज नए साल के भावो को अंगीकार कर सूरज की शीतल रष्मियों से आल्हादित आंगन की भोर में नया भले ही कुछ भी न हो पर मन में नएपन का उत्साह अवश्य होता है । चिड़ियों की सहक तो पुरानी ही है पर…

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एक खुली चिट्ठी प्रधानमंत्री मोदी के नाम

आदरणीय महामना मान्यवर मोदी जी आपको इस वर्ष के पहले दिन से ही मन की बात एक आम नागरिक के तौर पर कहना चाह रहा था।कुछ अच्छा होने की आशा कीइंतजार करते करते थक कर आज लिख रहा हूं!बहुत ही अच्छा लगा था,जब आप पहली बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेनेसे पहले लोकतन्त्र के…

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मेरी भाषा, मेरा अभिमान

सुमित को नौकरी मिल गई थी। उसकी खुशी का ठिकाना नहीं था। आज सुबह ही उसे फोन के माध्यम से सूचना मिली थी। वह एक माह पूर्व इस नौकरी  के साक्षात्कार के लिए गया था, अपने दोस्त अमित के साथ। साक्षात्कार की उसने बहुत तैयारी की थी। अपने विषय की पढ़ाई करने के साथ साथ…

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महकता गुलाब

तुम्हारे कांटे भी तुमको बचा न पाएंगे, इतना मत महको लोग तोड़ के ले जाएंगे। प्यारी सूरत पै तुम्हारी न रहम खाएंगे, तुम्हारे अश्क किसी को नजर न आएंगे, तुम्हारा सीना छेद गूंथ लेंगे माला में, तुम्हारे घाव जरा भी नहीं सहलाएंगे। तुम्हारे दर्दे दिल को देव पर चढ़ायेंगे। इतना मत महको लोग तोड़ के…

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नव गान सुन

डॉ. वर्षा महेश “गरिमा” नव वर्ष में, नव हर्ष में जीवन के हर उत्कर्ष में हम लिख रहे नव गान सुन। कभी फर्श पर, कभी अर्श पर जीवन के हर संघर्ष पर हम लिख रहे नव गान सुन कभी धूप में कभी छांव में उम्मीदों के नए गांव में हम लिख रहे नव गान सुन।…

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हर गली में एक निर्भया है

कितना मुश्किल है इस दुनिया में औरत हो पाना कदम कदम पे परखे जाना जाना अपने आप को पवित्र दिखाना। यह परख, यह परीक्षा जो कभी खत्म नहीं होती।  क्यों एक बलात्कार में सिर्फ औरत ही है इज्जत खोती क्यों वजूद उसका इतना दबाया जाता है । लोग क्या कहेंगे कहकर चुप कराया जाता है…

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उम्मीद: नन्हे दीपों के उजियारे से

                                                                                                             कुशलेन्द्र श्रीवास्तव तिमिर के नाश का पर्व दीपोत्सव द्वार पर दस्तक दे रहा है । हमें अमावश्या की गहन काली रात को नन्हें दीपों का उजियारा कर प्रकाशवान करना है । प्रकाश ही तो हमारे पथ को आलौकिक करता है । पर अंधियारा इतना फेल चुका है कि नन्हे-नन्हे दीपों का प्रकाश हमारा मार्ग…

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प्राइवेट अस्पताल दुर्घटना पीड़ितों के इलाज को मना नहीं कर सकते : सीएम केजरीवाल

नई दिल्लीः  दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यदि प्राइवेट अस्पताल वाले दुर्घटना पीड़ितों के इलाज में मदद करने के बजाय ढुलमुल रवैया अपनाते हैं तो उन अस्पतालों पर दिल्ली सरकार सख्त ऐक्शन लेगी. उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार अपनी योजना के अंतर्गत दुर्घटना पीड़ितों के इलाज का पूरा खर्च उठा रही है. …

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रहे इस रूह की चूनर धानी

मौसम ने करवट ली और शीत ऋतु ने आगमन की सूचना दी है।लेकिन भानु काका के तेवर अब भी तीखे हैं।ग्लोबल वार्मिंग की ज़िम्मेदारी लेने के बजाय मानव जाति अब भी बदन उघाड़ू परिधानों के फ़ेवर में है।समस्या के मूल में न जाकर सतही समाधान खोजना और लापरवाही से संतुष्ट हो जाना ये असँवेदनशील पीढ़ी…

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देश को प्लास्टिक मुक्त बनाने की कमजोर मुहिम से कैंसर का खतरा चरम पर ..!

आज विश्व में कैंसर एक लाइलाज बीमारी के रूप जानी जाती है , उसके लाइलाज होने के पीछे हम आप और बढ़ता प्लास्टिक उपयोग है । सिंगल यूज प्लास्टिक सबकी जरूरत बन चुकी है और एक सर्वे के मुताबिक विश्व का 40% कैंसर प्लास्टिक के उत्पादों, प्लास्टिक के अवयवों या प्लास्टिक के कारण विकसित होता…

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