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है विजयी जो साँसारिक चुनौतियों से हारा नहीं कौन है जिस हृदय में मन्दिर और गुरुद्वारा नहीं

प्रकृति ने सँपूर्ण सृष्टि को समान रूप से अपने तत्व देकर गढ़ा है। अब ये तो मानव जाति पर निर्भर करता है कि वो किस परिस्थिति में किस तत्व की प्रधानता का वरण करे। चाहे माँ दुर्गा की आराधना हो, चाहे विजयादशमी का अवसर हो, प्रत्येक साँसारिक उत्सव एक ही आध्यात्मिक प्रतीक की ओर इशारा…

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10 दिसंबर मानव अधिकारों के जागरुकता का दिन

विश्व मानव अधिकार दिवस पर विशेष-10 दिसंबर मानव अधिकारों के जागरुकता का दिनलाल बिहारी लालनई दिल्ली। आज मानवके अधिकारों के संरक्षण का संवैधानिक दर्जापूरी दुनिया प्राप्त है। मानव अधिकारों से अभिप्राय ”मौलिक अधिकारों एवं स्वतंत्रत से है जिसके सभी मानव प्राणी समान रुप से हकदार है। जिसमें स्वतंत्रता, समाजिक ,आर्थिक औऱ राजनैतिक रूप में देना…

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परिवार

ढूँढ़ रही इस जगत में फिर     खुशहाली से भरा परिवार।     जिसमें थी बसती एकता     नेह अरु प्रेम गले का हार।     दादा-दादी औ चाचा-चाची     ताऊ ताई बुआ हर कोई।     चहल-पहल से घर जो गूँजे     सारी ही वो पलटन खोई।     सिमट गया दो जन में घर     रहता था…

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इंडियन इकोनॉमी बढ़ेगी तेजी से, 2030 तक 800 अरब डॉलर की होगी डिजिटल अर्थव्‍यवस्‍था : FM

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि इंटरनेट की बढ़ती पहुंच और बढ़ती आय के कारण भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था 2030 तक 800 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। IIT बॉम्बे एलुमनी एसोसिएशन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में 6,300 से अधिक फिनटेक हैं, जिनमें से 28% निवेश तकनीक…

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चूनर

धानी सी चूनर पहन धरा इतराये सुंदरता पर अपने। चहुँदिशि ही शोभा है बढ़ी पूरित हों  ज्यों सारे सपने। लहराती सी हैं नदियाँ डोलें मन चंचल है खिला-खिला। जंगल वन सब मुदित लगें जीवन का मानों मंत्र मिला। चहुँदिशि ही शोभा है बढ़ी पूरित हों  ज्यों सारे सपने। नद नदियाँ सब सूख रहे थे जीव…

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अनशन

   “कमली खाना खा ले बेटा ,जिद नहीं करते । देख ले खाना नहीं खायेगी तो कमजोर हो जायेगी।”  “ठीक है माँ मैं खाना खा लूँगी पर तू भी मेरा एडमिशन करा दे ।”  “नहीं बेटा तेरे पिताजी नहीं मान रहे हैं , कोई अच्छा रिश्ता मिल रहा है ,वे उसे छोड़ना नहीं चाहते हैं…

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 ‘बुरा न मानो होली है : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव

बुरा न मानो होली है ……अब तो कोई बुरा मानता भी नहीं है और न ही कोई रंग से भय खात है, वैसे कोई किसी को रंग लगाता भी नहीं है, सारे चेहरे स्याह रंग में यूं ही रंगे हुए हैं । राजनीति के मैदान में रंगों का त्यौहार तो चलता ही रहता है, वो…

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भगवान महावीर के उपदेशों का प्रचार करने वाली पुस्तक के लिए Rs.2 लाख का पुरस्कार

भगवान महावीर फाउंडेशन द्वारा 15/02/2025 को डॉ. नेमीचंद जैन मेमोरियल अवार्ड विजेता की घोषणा की गई। प्रोफेसर भागचंद्र जैन “भास्कर” द्वारा लिखित “जैन सांस्कृतिक चेतना के स्वर” को चौथे डॉ.नेमीचंद जैन मेमोरियल पुरस्कार के लिए पुरस्कार विजेता के रूप में चुना गया है। पुरस्कार में 2 लाख रुपये की नकद राशि, एक स्मृति चिन्ह और…

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अतिवादिता समाधान नहीं

अतिवादिता समाधान नहीं —————————————- दो गहरे और शीर्ष महत्व के आकर्षणों में फँसा है हमारा भारत। भारत काअर्थ निश्चय ही भारतीय समाज की मनोदशाओं सेहै।परिणामतःमात्र मानसिक द्वन्द्व  तथाउलझन ही नहीं,भौतिक स्तर पर भी संघर्ष झेलने ही पड़ते हैं।आग बढ़ने के लिए हमने एक निश्चित दिशा नहीं तलाशी है।जैसे जैसै हम आसमान की ऊँचाइयों,धरती की गहराइयों…

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शिव का सावन

शिव शंकर भोले भंडारी , तेरी महिमा ही बड़ी निराली, मस्तक पर है त्रिनेत्र, कहते इनको त्रिपुरारी । विषधर नीलकंठ में शोभा पाते, हिमकर जटा में सजाते, गले में मुण्ड माल है पहनते, कैलास में ये वास करते । सावन माह है अति पावन , शक्ति ने किया शिव वरण, शक्ति शंकर को है अति…

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