Latest Updates

पर्यावरण संरक्षण में जनभागिदारी जरुरी – लाल बिहारी लाल

जब इस श्रृष्टि का निर्माण हुआ तो इसे संचालित करने के लिए जीवों एवं निर्जीवों का एक सामंजस्य  स्थापित करने के लिए जीवों एवं निर्जीवोके बीच एक परस्पर संबंध का रुप प्रकृति ने दिया जो कलान्तर मे पर्यावरण कहलाया।जीवों के दैनिक जीवन को संचालित करने के लिए  उष्मा रुपी उर्जा की जरुरत होती है। और…

Read More

एडवोकेट प्रदीप शर्मा ने उत्कर्ष मेल को अपनाया

अति हर्ष का विषय है कि श्री प्रदीप शर्मा एडवोकेट सुपुत्र् श्री रामसिंह शर्मा (करनीकोट–अलवर, राजस्थान निवासी) ने ‘उत्कर्ष मेल ’ पाक्षिक समाचार पत्र् को अपनाया और संरक्षण हेतु पहल की । उत्कर्ष मेल एवं अनुराधा प्रकाशन परिवार आभार व्यक्त करता है । श्री प्रदीप शर्मा जी में छात्र् जीवन से ही नेतृत्व गुण आपमें…

Read More

आंधे की माक्खी राम उड़ावै

हमारी बोलचाल, प्यार, उलाहनों और कहावतों में रचे बसे है श्रीराम    — डॉo सत्यवान सौरभ,   राम-राम जी। हरियाणा में किसी राह चलते अनजान को भी ये ‘देसी नमस्ते’ करने का चलन है। यह दिखाता है कि गीता और महाभारत की धरती माने जाने वाले हरियाणा के जनमानस में श्रीकृष्ण से ज्यादा श्रीराम रचे-बसे हैं।…

Read More

मिले मेढक कॉकरोच

मिले मेढक कॉकरोच, भोजन में आज फिर कल मध्यान्ह भोजन में, था छिपकली का सिर था छिपकली का सिर, योजना है अति भारी बड़ा है कष्टप्रद, यह आदेश सरकारी अनपढ़ ही रह जाएँ, भले शिक्षा ही न मिले बच्चों को मध्यान्ह, का भोजन अवश्य मिले। 2 मँहगाई के दौर में, ज़िन्दा है ईमान  अचरज होता…

Read More

एकता,सरदार पटेल

वतन की दरदे नेहा की दवा है एकता गरीब कौम की हाजत रवा है एकता तमाम दहर की रूहे रवा है एकता वतन से मोहब्बत नहीवह क्या जाने क्या चीज़ है एकता क्या है अनेकता ******* दे रहा है ज़माना पैगामे पटेल अब न होगा फिर कब होगा सब मे मेल जाँ हथेली पे ले…

Read More

श्रद्धा के हैं पुष्प समर्पित अमर शहीदों के चरणों में

डॉक्टर सुधीर सिंह श्रद्धा के हैं पुष्प समर्पित अमर शहीदों के चरणों में;उनकी याद में छलके आँसू,हर हिंदुस्तानी है गम में. शहीदों की इस कुर्बानी को व्यर्थ नहीं जाने देंगे हम,सबों की बलिदानी का बदला लेकर ही दम लेंगे हम. चीन कीओछी हरकत पर बौखला गया है हिंदुस्तान,खून खौल रहा है हिंद का,चीन का होगा…

Read More

हद कर दी आपने

“अरे स्वति सुन तेरे लिए बड़ा ही अच्छा लड़का ढूढ़ा है बिटिया हलवाई है हलवाई बड़ा अच्छा कमा लेता है, यह ले फोटो देख।” अम्मा ने बड़ी प्रसन्नता से स्वाति को यह खुशखबरी दी। उत्सुकतावश फोटो को अम्मा से लेकर देखते ही गुस्से से लाल पीली होती स्वाति बोली “अम्मा यह तो बुढढा है कम…

Read More

धरा को बचाने के लिए जनभागिदारी जरुरी है- लाल बिहारी लाल

देश दुनिया में पर्यावरण का तेजी से क्षति होते देख अमेरिकी सीनेटर जेराल्ट नेल्सन ने 7 सितंबर 1969 को घोषणा की कि 1970 के बसंत में पर्यावरण पर राष्ट्रब्यापी जन साधारण प्रदर्शन किया जायेगा। उनकी मुहिम रंग लायी और इसमें 20 लाख से अधिक लोगो ने भाग लिया। और उनके समर्थन में जानेमाने फिल्म और…

Read More

गुरु दक्ष प्रजापति: सृष्टि के अनुशासन और संस्कारों के प्रतीक

(13 जुलाई जयंती विशेष)  *गुरु दक्ष प्रजापति: सृष्टि के अनुशासन और संस्कारों के प्रतीक* सृष्टिकर्ता ब्रह्मा के पुत्र गुरु दक्ष प्रजापति वेदों, यज्ञों और परिवार प्रणाली के आधार स्तंभ माने जाते हैं। उन्होंने अनुशासन और मर्यादा को समाज में स्थापित किया, किन्तु शिव-सती प्रसंग के माध्यम से यह भी दिखाया कि कठोरता से प्रेम मर…

Read More

डिज़ीज़ फ़्री इँडिया

कविता मल्होत्रा शक्ति, पावर, सत्ता का, आजकल हर तरफ बोलबाला है एक दूजे से आगे निकलने की होड़, हर मन का निवाला है ✍️ ये पश्चिमी सभ्यता के गहन प्रभाव का ही परिणाम है, कि आजकल समाज में विशिष्ट दिवस मनाने का प्रचलन है, जो तथाकथित आधुनिकता की देन है।कभी मातृ दिवस कभी पितृ दिवस…

Read More