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पिता (कविता-7)

है आधारशिला उन सपनों की जिस पर यह परिवार टिका जग में सर्व प्रिय उद्भोधन है उसको हमने कहा पिता। संस्कार सहित हृदय से अपने सींच रहा परिवार का उपवन ख़ुद सहकर कष्ट सारा लगा रहा तन मन धन प्रातकाल निद्रा को त्यागें कर्मस्थली की ओर भागे कार्य स्थल में करके कार्य लोटे थका हारा…

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मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देकर भगाएंगे अवसाद !

मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाली गतिविधियां ,कार्यस्थल पर तनाव निवारण कार्यक्रम, हिंसा निवारण कार्यक्रम इत्यादि को संचालित कर के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं । इससे एक शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त व्यक्ति का निर्माण एवं एक बेहतर राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता हैं ।  एक शारीरिक एवं मानसिक रूप…

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भांग धतूरा

असुरों ने सर्वदा की देवों से लड़ाई एकता समुद्र मंथन ने दोनों में कराई। देवी लक्ष्मी विलुप्त हुई क्षीर सागर में समुद्र मंथन किया गया था लक्ष्मी पाने। सागर मंथन से उत्पन्न हुआ जो विष दृष्टि बचाने को इसे पी गए थे शिव। महादेव का गला नीला हो गया शिव ने विष गले में ही…

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जलजला आता है निशां छोड़ जाता है (सम्पादकीय)

मनमोहन शर्मा ‘शरण’ (प्रधान संपादक) बहुत दिनों के बाद फिर से सुनने को मिला है कि ‘कोरोना’ संक्रमण की गति धीमी  हुई है और संक्रमितों की संख्या में काफी कमी देखी गई है । प्रतिदिन लाखों में संक्रमितों की संख्या अब 50–60 हजार के आसपास आ रही है । किन्तु फिर एक बार हम सबको…

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बाबुल (कविता-3)

”कभी अभिमान तो कभी स्वाभिमान है पिता बड़ी ही हसरतों से, बड़ी ही हसरतों से … पाला पोसा बड़ा किया, उच्च शिक्षा दिला, आत्मनिर्भर बनाया संस्कार, तहजीव, सभ्यता सब सिखाया मुझे, किन्तु किन्तु …. अधिकार के लिए, सम्मान के लिए …. बोलना न सिखाया मुझे बड़ी ही हसरतों… पाला पोसा बड़ा किया… आज बहुत ही,…

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होइए वहीं जो राम रचि राखा !

” राम ही जाने ,राम की लीला ” यह महज एक सोच ,एक भाव नहीं अपितु पूर्ण सत्यता है । “जाकी रही भावना जैसी प्रभु मूरत देखी तिन्ह तैसी”  का परम भाव भी जागृत हुआ, लोगो ने 5 अगस्त को अयोध्या में जो हलचल ,जो त्योहार देखा उसमें निश्चित ही उन्हे रामराज्य नजर आया होगा…

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जलाओ री सखी मंगल दीप!

जलाओ री सखी मंगलदीप,आज घर आये हैं राजा राम।राह बुहारो ये महल सजाओ ,आयो‌ शुभ घड़ी‌ ये वर्षों बाद।फूलों का वन्दनवार लगाओ,आये हैं जग के ही तारनहार।जलाओ री सखी मंगलदीप——-।शुभ ये घड़ी शुभ गीत सुनाओ,मिलजुलकर सब नाचो गाओ।सदियों से इन्तजार था इसका,आयो शुभ दिन है वह आयो।पांव पखारो जी आरती गावो,झूमि उठे सकल संसार सखी।जलाओ…

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जाना कहाँ है जब हर तीर्थ यहाँ है

कविता मल्होत्रा (संरक्षक, स्तंभकार – उत्कर्ष मेल) मौसम ख़ुश्क,हर सू  धुँआ-धुँआ है असामयिक विदाइयाँ,सदी का बयाँ है क्रंदन मुखरित,आज ख़ामोश हर ज़ुबाँ है मानव गंतव्य भ्रमित,नकारात्मकता जवाँ है चंद धड़कनों की तलब में,प्यासा हर रोआँ है ✍️ आज हर तरफ, हर दिल की अशाँति के मुखरित पन्नों पर ओम शाँति के हस्ताक्षर दर्ज़ हो रहे…

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कैंटोनमेंट बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष व पार्षद अनिल मित्तर ने एक सच्चे ईमानदार पत्रकार का अपने निवास स्थान पर मनाया जन्मदिन

29 सितंबर 2023 को एक समाज सेवक दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड के पूर्व पार्षद व अध्यक्ष अनिल मित्तर ने एक ऐसे व्यक्ति का जन्मदिन मनाया, जो की समाज में चल रही बुराइयां, क्षेत्र में चल रहे, उल्टे सीधे कार्य, चाहे वह क्षेत्र की टूटी हुई सड़के हो, चाहे वह भरी हुई नालियां हो, चाहे वह भरे…

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राफेल की नींबू – मिर्ची

अपने देश के भीमकाय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह  जी ने  राफेल को छोटा सा नीबू क्या चढ़ाया  बाकी कांग्रेसियो को बड़ी सी मिर्ची लग गयी । अजीब बात है कुछ ना मिले तो नीबू मिर्ची को ही राष्ट्रीय मुद्दा बना दो और फिर अंधविश्वास – अंधविश्वास करके पूरे भारतीय संस्कृति का सत्यानाश कर दो । कब…

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