कविता और कहानीसाहित्यमहिमा निज भाषा जिन जानी (हिंदी दिवस विशेष) admin2 years ago2 years ago01 mins अंजू मल्होत्रा, (नॉएडा) महिमा निज भाषा जिन जानी तिन को मानो सच्चा ज्ञानी। संतप्त ह्रदय शीतल हो जाए सूर तुलसी सा जो लिख पाएँ। प्रिय है हिन्दी का हर एक छंद जन्म -जन्म का ये अनुबंध। उगता सूरज दे ये ही गवाही हिन्दी पथ के हम हैं राही। Post Views: 445 Post navigation Previous: अब चंदा मामा दूर के नहीं, अब एक टूर के-मोदीNext: हिंदी दिवस (डॉ चंद्रसेन भारती) Leave a Reply Cancel replyYour email address will not be published. Required fields are marked *Comment * Name * Email * Website Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.
दिग्विजयनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोरखपुर में भीम प्रसाद प्रजापति के दो काव्य कृतियों का लोकार्पण admin3 weeks ago 0