मातृ भूमि को मेरा शत-शत नमन
भारत भूमि को मेरा शत-शत नमन
आर्य भूमि को मेरा शत-शत नमन
हिन्दी भाषा को मेरा शत-शत नमन
गांधी गौतम विवेकानंद, अभिमान हैं
वसुधैव कुटुंबकम का मंत्र महान है
पल्लवित -पुष्पित ही रहे ये चमन
निर्बाध संस्कारों की बहती शक्ति है
शौर्य इतना कि शहादत ही मुक्ति है
शत्रुओं का सदैव ही किया है दमन
मन से माना है, जन्मों का अनुबंध है
प्रिय हर दोहा चौपाइ सवैया छंद है
गौरव हैं हमारे अब्दुल कलाम व रामन
अनगिनत कथाएँ, कृष्ण मुरली साज है
राम नाम का प्रबल नाद ही आवाज़ है
यश गूंजे है सदैव, धरती से तक गगन
अंजू मल्होत्रा
(शिक्षाविद् एवं कवयित्री )
