आयी हैं माँ
हाथी की सवारी पर आयी हैं भवानी करने कल्याण सबकी माता रुद्राणी। चँवर डुलाओ माँ की आरती उतारो अगर कपूर संग घृत दीप जलाओ । चमके मैया के माथे मुकुट स्वर्ण का आओ जी सखी दर्शन माँ के पाओ। ममता की मूरत हैं माँ अम्बे यह मेरी आयी हैं विनती सुनने माता ब्रह्माणी। जीवन जगमग…
