स्वतंत्रता दिवस का जश्न – स्वतंत्र कौन ?
जनता या चोर (शासन-प्रशासन का विशेष ध्यानाकर्षण) आज के दिन यह शीर्षक पढ़कर थोड़ा अजीब अवश्य लगेगा किन्तु पत्रकार का धर्म है कि सत्य को सामने रखे। जी हाँ, दिल्ली की बात करें विशेषकर लाजवंती गार्डन, नई दिल्ली-110046 की जिसमें गली नम्बर 8 में 5 जून को दिन दहाड़े चोरी की घटना घटित होती है।…
सुख और आनन्द
दिनांक—10-7-2024 , टाइम्स आफ इंडिया,-द स्पीकिंग ट्री में एक आर्टिकल पढ़ा -It is easy to invite joy in your life.यह विशुद्ध अनुभूत उस खुशी की बातें करता हुआ सा प्रतीत हुआ जो मानव मन की वह अवस्था है जिसे मुदितावस्था कहते हैं और जिसे अक्सर हृदय की संकीर्ण भावनाओं के तहत ,सांसारिक हानि लाभ, ईर्ष्या…
सिसकते मानव अंश
शहर का सारा कूड़ा एक बड़े सुनसान इलाके में इकट्ठा किया जाता है। जहां कूड़े के पहाड़ बन गए हैं। उसी कूड़े में पड़े हुए कुछ मानव भ्रूण सिसक रहे हैं। एक दूसरे से बात करके अपना मन कुछ हल्का कर रहे हैं। एक कन्या भ्रूण दूसरी कन्या भ्रूण से बात करते हुए कहती है…
विकास की रफ़्तार में पिछड़ रहा पश्चिम बंगाल, यूपी का भी हो पुनर्गठन
पंकज कुमार मिश्रा, राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी यूपी सीमा का दायरा बड़ा है, अलग पूर्वांचल राज्य जरुरी हो गया है क्यूंकि यहां के लोग किसानी और बेरोजगारी से तंग आ चुके है। युवा पलायन कर रहें। वहीं पश्चिम बंगाल के कई जिले मुख्य धारा से अलग थलग पड़े है । दोनो राज्यों…
” न समझे वो अनाड़ी है” — कुशलेन्द्र श्रीवास्तव
“समझने वाले समझ गए, जो न समझे वो अनाड़ी है ” यह तो गाने की पंक्तियां हैं पर इन्हें वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़ कर भी देखा जा सकता है । वित्त मंत्री ने संसद में बजट प्रस्तुत किया और हंगामा खड़ा हो गया । वैसे विगत कुछ वर्षों से यह महसूस किया जाने लगा…
पानी में डूबने के कारण एवं बचने के उपाय
बरसात में देश के विभिन्न क्षेत्रों में नदी, नहर, कुआँ, तालाब, गहरे गड्डे, झील, पोखर, जल प्रपात आदि जलाशयों में स्नान करने, जानवर नहलाने या कपड़े धोने जैसे रोज़मर्रे के काम के दौरान विभिन्न कारणों से अनजाने में बच्चों, किशोर-किशोरियों तथा वयस्क व्यक्तियों की डूबने से मृत्यु होती रहती है। सावधानी, सतर्कता एवं जागरूकता के…
भारत वन्दना
हे जन्मभूमि भारत वन्दन करूंगा तेरा, है कर्मभूमि भारत वन्दन करूंगा तेरा। तू चेतना की देवी तू कर्मणा की देवी तू भावना की देवी तू साधना की देवी हे कर्षभूमि भारत वन्दन करूंगा तेरा, हे धर्मभूमि भारत वन्दन करूंगा तेरा। तू एकता सिखाती तू नेकता दिखाती तू नीति …
भारतीय शिक्षण मंडल, काशीप्रांत और वाणिज्य संकाय, काशी हिंदू विश्वविद्यालय द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला ‘शोध आनंदशाला’ : ‘फन्डामेंटल आफ सोशल साइंसेज रिसर्च’ का आयोजन।
कई विषयों के शोधार्थियों को मिला मार्गदर्शन वाराणसी, स्थानीय संवाददाता, 23 जुलाई “जिज्ञासा ही शोध का मूल है। यह जिज्ञासा किसी सैद्धांतिक प्रश्न से उत्पन्न हो सकती है तो कभी कल्पनाशक्ति एवं व्यावहारिक जीवन की समस्याओं से पैदा हो सकती है। शोध पूर्वज्ञान की सीमाओं को रेखांकित करते हुए अनुत्तरित प्रश्नों का उत्तर देने का…
नाटिका : “मिच्छामी दुक्कडम “
पात्र परिचय: 1 नव्या एक स्कूल गर्ल। उम्र 17 वर्ष2_ नीलू कॉलेज गर्ल उम्र 18 वर्ष3_झलक कॉलेज बॉय उम्र 20 वर्ष4_ मां उम्र 50 वर्ष5 पिता उम्र 54 वर्ष 6 नाना जी (बूढ़े आदमी साधु यानी भिक्षु वेश में) उम्र 75 वर्ष7_ नानी जी (बूढ़ी महिला साध्वी वेश में श्वेतांबरी सफेद साड़ी पहने हुए, मुंह…
