“करें नारी का सम्मान सभी जन”
नारी मानवता की पहचान , भरती है सबके अन्दर जान । होती सभी गुणों की खान , करें सभी उसका सम्मान ।। घर की इज्जत होती नारी , करती स्वीकार जिम्मेदारी । दिल दया-करुणा का सागर , भरें उसमे सब अपनी गागर ।। परीश्रम की होती प्रतिमूर्ति , तन-मन मे विद्धुत सी फूर्ति । कुछ …
