मेरे सरताज ना आएंगे
होली में सब रंग आएंगे,प्यासे तीर उमड़ आएंगे।पर ए रंगों की बारात,मेरे सरताज ना आएंगे। सपनों में रंग डाला तुमको,प्यासी पलकों के काजल से,भिगो दिया भीगी अंखियों ने,अंसुओं के खारे बादल से । इंद्रधनुष कांधों पर रखकर,रंगों के कहार आएंगे ,पर ए सतरंगी बरसात ,मेरे सरताज ना आएंगे। सखियों के अधरों से रह-रह,मधुर मिलन के…
त्रिपुरा में नई सरकार का शपथ ग्रहण 8 मार्च को, पीएम मोदी के शामिल होने की सम्भावना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आठ मार्च को त्रिपुरा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और इसके सहयोगी दल इंडिजीनियस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) के गठबंधन की नयी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। हाल ही में संपन्न त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में भाजपा ने कुल 60…
मेरी की व्यथा ही मेरी की कथा है
मैं सीता हूँ, विनीता हूँ, लोग मुझे देवी कहते हैं। जग जननी कहते हैं, माता कहते हैं। स्त्रियों के लिए आदर्श स्वरुपा हूँ, पति अनुगामिनी हूँ, धैर्य प्रतिरुपा हूँ, आज्ञाकारिणी पुत्री हूँ, शालिनी हूँ, कामिनी हूँ। मेरे पिता जनक, विदेह, महाज्ञानी राजा हैं। मेरे श्वसुर सम्राटों के सम्राट, रथियों में महारथी दशरथ हैं। और पति!…
संघर्षशील पथिक हैं महिलाएं.
संघर्ष पथ पर संघर्षशील पथिक हैं महिलाएं…चुनौतियों को स्वीकारती त्वरित निर्णायक हैं महिलाएं।शांत सी नदी की मचलती और कभी कभार उफनती लहरें है महिलाएं…घर परिवार और द्वार की अटूट विश्वास की अनमोल धरोहर हैं महिलाएं….निस्वार्थ भाव और आत्मविश्वास से परिपूर्ण होती हैं महिलाएं… समस्त महिलाओं को महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं पूनम मेहता , ऋषिकेश
छिलका आन्दोलन
स्वच्छ वातावरण, जैविक खेती, हृष्ट पुष्ट गायों एवं पशुओं के लिए एक सजग प्रयास “छिलका आन्दोलन” | हर वर्ग, जाती, धर्म, गरीब, अमीर, प्रत्येक संगठन, सामाजिक संस्थाओं और हर जन की भागीदारी का एक प्रयास स्वस्थ, स्वच्छ, सुन्दरतम भारत के लिए| भारतीय संस्कृति प्राचीनतम और सर्वश्रेष्ठसंस्कृति है | भारतीय धर्म और ज्ञान विज्ञान विश्व में…
दूरियाँ_और_दायरे
जब-जब सिमटती है, एक स्त्री दायरे में। दूरियां बनाती है, वह अपनी कामयाबियों से। देह और प्रजनन के दायरों में सिमटकर , बढ़ती है दूरियां उसकी उपलब्धियों से । एक स्त्री भी जन्मी है ,अपना स्वतंत्र वजूद लेकर। फिर दायरो की सीमा में सदैव क्यों बंधी रही? विवेक व ज्ञान से जिसके वजूद का निर्माण…
आर्थिक स्तर पर हो जनगणना , केवल गरीबों को मिले आरक्षण और अवसर ..!
देश का लचीला संविधान कहता है कि सबको जीने का अधिकार है जिसके तहत 1980 से पहले दबे कुचले दलितों और आदिवासियों को आरक्षण देकर उनके उत्थान का काम किया गया । अब जब आरक्षण वर्तमान समय में अपना काम 70% पूर्ण कर चुका है तो इसे संशोधित करके आरक्षण का आधार केवल गरीबी रखा…
दिल्ली के नगरनिगम की नूराकुश्ती
कुशलेन्द्र श्रीवास्तव दिल्ली की नगर निगम का दंगल सभी की निगाहों से होकर गुजरा ‘‘ओह अच्छा ! तो हमें पार्षद बनकर ऐसे दंगल करना पड़ता है’’ । वैसे तो अब उम्मीद नहीं हैं कि किसी को ज्यादा आश्चर्य हुआ होगा, क्योंकि पिछले कुछ दशकों संे हम ऐसा होता हुआ विधानसभा से लेकर कुछ-कुछ संसद में…
