लोकतंत्र के लिए एक काला अध्याय है पाकिस्तान का 27वां संशोधन
– डॉ. प्रियंका सौरभ संवैधानिक संशोधन लोकतंत्र की आत्मा होते हैं, जो समय के साथ बदलती चुनौतियों का सामना करने के लिए ढांचे को लचीला बनाते हैं। लेकिन जब ये संशोधन सत्ता के संतुलन को बिगाड़ने का हथियार बन जाते हैं, तो वे लोकतंत्र को ही खोखला करने लगते हैं। पाकिस्तान की संसद द्वारा नवंबर…
