रोटी से बड़ी हो गई गैस – शहर छोड़ते मजदूरों की मजबूरी
– महेन्द्र तिवारी भारत में प्रवासी मजदूरों का संकट एक बार फिर सामने खड़ा है, और इस बार इसकी जड़ में केवल आर्थिक मंदी या रोजगार की कमी नहीं, बल्कि एक गहरा ऊर्जा संकट है, जिसने शहरों की चमक के पीछे छिपी कमजोरियों को उजागर कर दिया है। हाल के दिनों में देश के कई…
