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अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा कविता प्रतियोगिता संपन्न

आनन्द गिरि मायालुलुम्बिनी, नेपाल। जनवरी 25अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा कविता प्रतियोगिता बड़े ही हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ है। अपनी मातृभाषा के लिए प्रेम जगाने, स्थानीय लोकभाषाओ के सरंक्षण तथा संवर्द्धन करने, देवनागरी लिपि के सरंक्षण तथा विकास, तथा अग्रज तथा नवोदित लेखकों को प्रोत्साहित करने के उद्वेश्य से प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था।नेपाल की प्रसिद्ध…

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“शतक संगति समारोह में सविता चडढा जन सेवा समिति सम्मानित”

काकासाहेब कालेलकर एवं विष्णु प्रभाकर की स्मृति में आयोजित सन्निधि की सौ संगोष्ठी पूर्ण होने पर शतक संगति समारोह का आयोजन गांधी हिंदुस्तानी साहित्य सभा नई दिल्ली में आयोजित किया गया।इस अवसर पर विभिन्न साहित्यकारों एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाली समिति और संस्थाओं को भी सम्मानित किया। साहित्य ,कला,संस्कृति एवं सामाजिक सरोकारों को समर्पित सविता…

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भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर

#karpuri thakur #bharatratna विधा:-दोहे भारत के राज्य बिहार, था पितौंझिया ग्राम।  जिला रहा समस्तीपुर, राजनीति सरनाम॥  जन्म स्थली प्रसिद्ध हुई, अब कर्पूरी ग्राम।  त्याग गवाही दे रहा, कर्पूरी का नाम॥  कर्पूरी ठाकुर जन्म, लेते हिन्दू धर्म।  पिता गोकुल घर पेशा, नाईगीरी कर्म॥  माँ रामदुलारि देवी, सन उनीस चौबीस।  जननायक अवतार लें, माह जनवरी बीस॥  बडा़…

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परियों की नन्ही शहजादी

परीलोक से परियों की नन्ही शहजादी आई,नन्हे हाथों के नन्हे पंखों से उड़ कर आई। उससे बातें करते रहना,कितना अच्छा लगता,जी भर कर देखें उसको पर,कभी नहीं जी भरता। इंद्रलोक की सबसे सुंदर सूरत लेकर आई।घर के मधुबन की क्यारी में ज्यों बसंत ऋतु आई।परीलोक से परियों की नन्ही शहजादी आई। सुंदर हीरे मोती सी…

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आज लड़कियों के सशक्तीकरण व उनके मानवाधिकारों को बढ़ावा देना आवश्यक है (राष्ट्रीय बालिका दिवस पर विशेष)

आज की बालिका जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ रही है चाहे वो क्षेत्र खेल हो या राजनीति, घर हो या उद्योग। एशियन या ओलम्पिक खेलों के गोल्ड मैडल जीतना हो या राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री के पद पर आसीन होकर देश सेवा करने का काम हो। देश में 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस…

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अवध में राम आए हैं

 – रवीन्द्र जुगरान      कलयुग में त्रेतायुग के, सरकार आए हैं।     देखो-देखो आज अवध में, राम आए हैं।। जग नियंता सीताराम, मन मंदिर में बसे हुए।  भारत की माटी में खेलकर , दशरथ नंदन बढ़े हुए।। जीवन में संबंधों की, मर्यादा लाए हैं। ग्राम- नगर में खुशियों के, अम्बार छाए हैं।।  …

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समस्त भारत आनन्दित, हर्षित एवं गर्वित है क्योंकि मेरे राम आ रहे हैं।

अयोध्या नगरी इतिहास रचने के बहुत करीब है। जिस दिन का सभी सनातनियों को अरसों से इंतजार था, वो दिन बसआने ही वाला है। अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर में अब प्रभु विराजमान होकर अपने भक्तों को दर्शन देने वाले हैं।दुनिया की जटिल से जटिल समस्याओं के मूल में यदि गहराई से झांकेंगे,…

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मातृभाषा कविता प्रतियोगिता के लिए कविता आमंत्रित

लुम्बिनी, नेपालजनवरी 18 नेपाल में मातृभाषा कविता प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। हिंदी, अवधी, नेपाली तथा देवनागरी लिपि की अन्य लोक भाषाओं के प्रचार प्रसार संरक्षण तथा संवर्द्धन के लिए अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा कविता प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है।नेपाल की प्रसिद्ध संस्था शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउन्डेशन नेपाल द्वारा आयोजित होने वाले…

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श्रीराम जीवन काव्य

विधा:-दुर्मिल सवैया छंदसुत कौशलया जब राम जने,भइयों मिल चार हुये तब थे।अवधेश मिटे सब कष्ट मिले, नगरी घृत दीप जले अब थे।दरबार बॅंटे उपहार प्रजा, सचिवों नृप के मन भी खुश थे।बजती ध्वनि नूपुर गान सुना, हिजड़ों निकसे मुख आशिष थे॥ ॲंगना सब बालक खेल रहे, खुश माँ उनकीं यह देख सभी।मन चैन मिटे मुख…

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आईए! राम!

आईए! राम!अयोध्या में आपका स्वागत है।वैसे, मंदिरों-महलों की आपको जरूरत नहीं;लेकिन, श्रद्धा का भाव लेकर आईए! आप ही खुद प्रकाश हो,दीपकों की आपको जरूरत क्या;मगर, ज्ञान का प्रकाश लेकर आईए! आप सर्वव्यापी हो,आप जय-जयकार नहीं चाहते;मगर, गुणों की जय-जयकार लेकर आईए! जो सबकी भूख मिटाते हैं,उनको पकवानों से क्या लेना-देना;लेकिन, आदर्श के पकवान लेकर आईए!…

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