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अवध में राम आए हैं
– रवीन्द्र जुगरान कलयुग में त्रेतायुग के, सरकार आए हैं। देखो-देखो आज अवध में, राम आए हैं।। जग नियंता सीताराम, मन मंदिर में बसे हुए। भारत की माटी में खेलकर , दशरथ नंदन बढ़े हुए।। जीवन में संबंधों की, मर्यादा लाए हैं। ग्राम- नगर में खुशियों के, अम्बार छाए हैं।। …
समस्त भारत आनन्दित, हर्षित एवं गर्वित है क्योंकि मेरे राम आ रहे हैं।
अयोध्या नगरी इतिहास रचने के बहुत करीब है। जिस दिन का सभी सनातनियों को अरसों से इंतजार था, वो दिन बसआने ही वाला है। अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर में अब प्रभु विराजमान होकर अपने भक्तों को दर्शन देने वाले हैं।दुनिया की जटिल से जटिल समस्याओं के मूल में यदि गहराई से झांकेंगे,…
मातृभाषा कविता प्रतियोगिता के लिए कविता आमंत्रित
लुम्बिनी, नेपालजनवरी 18 नेपाल में मातृभाषा कविता प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। हिंदी, अवधी, नेपाली तथा देवनागरी लिपि की अन्य लोक भाषाओं के प्रचार प्रसार संरक्षण तथा संवर्द्धन के लिए अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा कविता प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है।नेपाल की प्रसिद्ध संस्था शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउन्डेशन नेपाल द्वारा आयोजित होने वाले…
श्रीराम जीवन काव्य
विधा:-दुर्मिल सवैया छंदसुत कौशलया जब राम जने,भइयों मिल चार हुये तब थे।अवधेश मिटे सब कष्ट मिले, नगरी घृत दीप जले अब थे।दरबार बॅंटे उपहार प्रजा, सचिवों नृप के मन भी खुश थे।बजती ध्वनि नूपुर गान सुना, हिजड़ों निकसे मुख आशिष थे॥ ॲंगना सब बालक खेल रहे, खुश माँ उनकीं यह देख सभी।मन चैन मिटे मुख…
आईए! राम!
आईए! राम!अयोध्या में आपका स्वागत है।वैसे, मंदिरों-महलों की आपको जरूरत नहीं;लेकिन, श्रद्धा का भाव लेकर आईए! आप ही खुद प्रकाश हो,दीपकों की आपको जरूरत क्या;मगर, ज्ञान का प्रकाश लेकर आईए! आप सर्वव्यापी हो,आप जय-जयकार नहीं चाहते;मगर, गुणों की जय-जयकार लेकर आईए! जो सबकी भूख मिटाते हैं,उनको पकवानों से क्या लेना-देना;लेकिन, आदर्श के पकवान लेकर आईए!…
राम नाम लो प्रेम से – मनमोहन शर्मा ‘शरण’ (सम्पादकीय )
#rammandir #26 january #gantantradiwas 22 जनवरी अयोध्या में श्रीराममंदिर में श्रीरामजी की भव्य मूर्ति पूरी दिव्यता–वैभवता के साथ प्राण प्रतिष्ठा के साथ विराजित होगी । यह सभी राम भक्तों के लिए गौरव के पल हैं । सौभाग्यशाली पल इसलिए भी कि जो सर्वशक्तिमान हैं, अन्तरयामी हैं उनको ही अपने स्थल पर विराजित होने में इतने…
हमारी बोलचाल, प्यार, उलाहनों और कहावतों में सदियों से रचे बसे है श्रीराम।
रामनगरी अयोध्या में 22 जनवरी 2024 रामकथा का नया अध्याय है, यह 493 वर्ष तक चली संघर्ष-कथा का अपना ‘उत्तरकांड’ है। अपनी माटी, अपने ही आंगन में ठीहा पाने को रामलला पांच सदी तक प्रतीक्षा करते रहे तो रामभक्तों की ‘अग्निपरीक्षा’ भी अब पूरी हुई। आधुनिक भारत का राममंदिर सत्य, अहिंसा और न्यायप्रिय भारत की…
अयोध्या के भाग अब खुल जाएँगे, राम आएंगे….
सोमवार यानि 22 जनवरी 2024 को ना केवल देश बल्कि संपूर्ण विश्व एक ऐसी अद्भुत घटना का साक्षी बनेगा जिसके लिये हिन्दुओं ने कई शताब्दी संघर्ष किया, बलिदान दिया, अपना तन मन धन सब न्यौछावर कर दिया, अपने ही देश में अपने ही आराध्य के मंदिर के लिये हिन्दुओं को क्या क्या दुःख, अपमान नहीं…
कोऊ नृप होऊ, हमें का हानि……..
आजकल बड़े बैनर के अखबारों का झुकाव विज्ञापन के लिए काफ़ी हद तक सरकारों के पक्ष में रहती है। शुरुआती दिनों में मैं ज़ब अखबार में काम नहीं करता था और दुर्भाग्य से एक बार एक अख़बार खरीद लिया था। उसमें लिखा था सरकारी छँटनी होनी थी वो हो चुकी थी औऱ हम कुछ ऐसे…
