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पुस्तक परिचय : संगम शब्दों का

लेखिका की कलम  से संगम शब्दों का – यह एक यथार्थ अभिव्यक्ति  है।  जिसमें, काल्पनिकता का समावेश ना होकर यथार्थ के चित्रण को  अभिव्यक्त किया गया है। संपूर्ण पुस्तक में उन सभी पहलुओं व मुद्दों पर प्रकाश डाला गया है जो कि,हमारे आसपास में घटित होते हैं । चाहे वह आर्थिक हो ,धार्मिक हो, सामाजिक…

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देश में पनप रहें खतरनाक वीआईपी कल्चर से निजात कब..?

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, महाकाल मंदिर,  अङ्गदानंद आश्रम इत्यादि जगहों पर तेजी से पनप चुके वीआईपी कल्चर ने ना सिर्फ आस्था को चोट पहुँचाना शुरू कर दिया है अपितु लोगो को सनातन और पूजा पाठ से भी दूर करने का काम किया है। मै अभी पिछले सप्ताह काशी विश्वनाथ धाम और महाकाल धाम गया पर…

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उथल-पुथल से भरपूर रहा पखवाड़ा

राजनीतिक सफरनामा : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव यह पखवाड़ा बहुतउथल-पुथल वाला रहा । चुनाव भी निपटे और बहुत सारे बड़े कहे जाने वाले नेता भी निपट गए । वे चुनाव जीतकर निपट गए और बुछ चुनाव हार कर निपट गए । पर सबसे पहले तो भारत के लोकतंत्र के मंदिर में अनायास घुसने वाले तथाकथितों की कहानी…

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10 दिसंबर मानव अधिकारों के जागरुकता का दिन

विश्व मानव अधिकार दिवस पर विशेष- लाल बिहारी लाल (वरिष्ठ साहित्यकार एवं पत्रकार) नई दिल्ली। आज मानव के अधिकारों के संरक्षण का संवैधानिक दर्जा पूरी दुनिया में प्राप्त है। मानव अधिकारों से अभिप्राय ”मौलिक अधिकारों एवं स्वतंत्रत से है जिसके सभी मानव प्राणी समान रुप से हकदार है। जिसमें स्वतंत्रता, समाजिक ,आर्थिक औऱ राजनैतिक रूप…

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टनल में फंसे मजदूरों को जातिवाद का फायदा क्यों नहीं मिला  …!

उत्तरकाशी  टनल में फंसे मजदूरों के जगह अगर यहीं 41 वीआईपी लोग एलीट क्लास  अथवा पिछड़े और दलित नेता टाईप के होते और वे ऐसे ही कहीं फंस जाते तो सदन के दलित नेता और मीडिया क्या करता ? पूरा देश सर पर उठा लेता।  बोलने का मतलब है सरकार से सवाल करना  मीडिया ने…

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बढ़ते हुए तलाक कर रहे सामाजिक ताने-बाने ख़ाक

पश्चिमी मीडिया और वैश्वीकरण के प्रभाव ने भारतीय समाज की प्रेम और रिश्तों की धारणा को प्रभावित किया है। युवा पीढ़ी पारंपरिक पारिवारिक अपेक्षाओं की तुलना में व्यक्तिगत खुशी और अनुकूलता को प्राथमिकता देने लगी है, जिसके कारण जब उनकी शादी में संतुष्टि नहीं मिलती है तो वे तलाक को एक व्यवहार्य विकल्प के रूप…

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फिरी की घोषणायें ही बन चुकी हैं आधार

कुशलेन्द्र श्रीवास्तव टनल में फंसे हैं मजदूर जिनको पन्द्रह दिनों की कवायद के बाद भी नहीं निकाला जा सका । हो सकता है कि जब तक यह आलेख छपे तब तक वे निकल जायें । ईष्वर ऐसा ही करे । पर टनल में मजदूरों के फंसने और एक लम्बी कवायद ने यह तो समझा ही…

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आज दिल जीते हैं, कल फिर कप जीतेंगे।

जन्म मरण के चक्र-सी है, हार जीत लग रही। लड़े-भिड़े शौर्य से, आज नही तो कल सही।। कप जितने से बड़ी बात दिल जीतना होता है। क्रिकेट खत्म नही हो गया। 46 दिन में 45 दिन आप जीते हो। हमारी भारतीय टीम ने 2023 वर्ल्ड कप के अंदर 10 मैच जीते और आज फाइनल हारने…

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सावधानी बरतें रहें सुरक्षित, एड्स से- लाल बिहारी लाल

विश्व एड्स दिवस ( 1 दिसंम्बर) पर विशेष एड्स का जागरुकता ही बचाव है – लाल बिहारी लाल Or सावधानी बरतें रहें सुरक्षित एड्स से- लाल बिहारी लाल ++++++++++++++++++++++++++++++++++लगातार थकान,रात को पसीना आना,लगातार डायरिया,जीभ/मुँह पर सफेद धब्बे,,सूखी खांसी,लगातार बुखार रहना आदि पर एड्स की संभावना हो सकती हैं।इस वर्ष 2023 का थीम है- “लेट कम्युनिटी…

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