Special Article
महिलाएं सदैव जीवन के लिए प्रकाश स्तंभ रही हैं
(अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष) अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हर वर्ष ‘आठ मार्च’ को विश्वभर में मनाया जाता है। इस दिन सम्पूर्ण विश्व की महिलाएँ देश, जात-पात, भाषा, राजनीतिक, सांस्कृतिक भेदभाव से परे एकजुट होकर इस दिन को मनाती हैं। महिला दिवस पर स्त्री की प्रेम, स्नेह व मातृत्व के साथ ही शक्तिसंपन्न स्त्री की मूर्ति…
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मातृभाषा संवर्धन का दिन
लाल बिहारी लाल +++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++ यूनेस्को ने नवंबर 1999 में सभी लोगों, समुदायों, क्षेत्र व देशों की मातृभाषा को संरक्षण प्रदान करने के लिए 21 फरवरी का दिन अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा के लिए समर्पित किया। ++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++ यूनेस्को ने 17 नवंबर 1999 को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाए जाने की घोषणा की थी कि 21 फरवरी 1952 को…
हम हैं तुलसीदास
किसी ने मुझे दरवाजे से आवाज दी, भीतर कोउ है का..? मैंने अंदर से ही पूछा कौन है भाई ? दरवाजे से फिर आवाज आई, हम हैं तुलसीदास। मैंने दरवाजा खोला और उनसे वहीं खड़े-खड़े पूछा क्या चाहिए ? वे बोले कुछ नहीं। मैंने फिर जिज्ञासा से पूछा तो क्या? वे बड़े ही कातर स्वर…
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाते हैं स्वयं सहायता समूह
स्वयं सहायता समूह दृष्टिकोण ग्रामीण विकास के लिए एक सक्षम, सशक्त और नीचे से ऊपर का दृष्टिकोण है जिसने विकासशील देशों में कम आय वाले परिवारों को काफी आर्थिक और गैर-आर्थिक बाह्यता प्रदान की हैं। स्वयं सहायता समूह दृष्टिकोण को गरीबी का मुकाबला करने के लिए एक स्थायी उपकरण के रूप में सराहा जा रहा…
पशु चिकित्सा को चिकित्सा की जरूरत
सूदूर ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं को पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाना बहुत जरूरी है। इसके साथ ही नये पशु अस्पतालों का निर्माण और उनमें आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति, आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता,हर पशु का बीमा, खण्ड स्तर पर पशु धन मेलों का आयोजन और पालकों को हरसंभव मदद मुहैया करवाकर उन्हें दूध का सही दाम…
सनातन और वेदत्व को संचित करने का प्रयास कर रहा ब्रह्मराष्ट्र एकम..!
तन से हिंदू, मन से हिंदू , समग्र राष्ट्र बस हिन्दू ही हिंदू का नारा सुनकर कुछ लोगो के मन में आशंका उत्पन्न हो रही की कही भारत सच में हिंदू राष्ट्र न बन जाए किंतु भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने से ज्यादा जरुरी है भारत को अखंड और सनातनी राष्ट्र बनाया जाए जिसके लिए…
अडानी के चक्कर में रणभूमि बनती संसद
सभी को महाशिपरात्रि पर्व की बहुत-बहुत शुभकामनाएं । शिवजी विषपान करते है वे अपने गले मे विषधारी नाग को लपेटे दिखाई देते हैं, वे सारी वस्तुएं जिन्हें आमतौर पर हम वर्जित मानते हैं, वे उनके पास होती हैं । हमने सदियों से उनके इस स्वरूप् को ही देखा है । उनका यह रूप हमें विचार…
कार्बन न्यूट्रल कार्बन फुटप्रिंट के समाधान में वृक्षारोपण एक महत्वपूर्ण तत्व है।
हम अपने दैनिक जीवन में कितना CO2 का उत्पादन करते हैं, आप जितनी अधिक ऊर्जा का उपयोग करेंगे, कार्बन फुटप्रिंट उतना ही बड़ा होगा। चिमनी का धुआं और बिजली संयंत्र जीवाश्म ईंधन जलाते हैं। जैसे-जैसे प्रदूषण की मात्रा बढ़ती है। जैसे-जैसे वातावरण में कार्बन उत्सर्जन बढ़ता है। उस समय कार्बन फुटप्रिंट को कम करना मुश्किल…
आर्यसमाज के महान वटवृक्ष :स्वामी दयानंद सरस्वती
दयानंद सरस्वती, जिन्हें स्वामी दयानंद सरस्वती के नाम से भी जाना जाता है, एक भारतीय दार्शनिक और समाज सुधारक थे, जिन्हें “आर्य समाज” नामक एक सामाजिक सुधार आंदोलन के संस्थापक के रूप में जाना जाता है। 19वीं सदी का समय सामाजिक, राष्ट्रीय चेतना व पुनर्जागरण की दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण एवं उपादेय काल रहा है।…
रामचरित मानस का जलाया जाना : आशा सहाय
एक ऐसी घटना जिसकी भारतीय जनमानस ने कभी कल्पना तक नहीं की होगी,उसे घटित कर वर्तमान राजनीति के तथाकथित नेताओं ने देश की विभाजनकारी शक्तियों को बल प्रदान करने के लिए भारतभूमि की मूल सांस्कृतिक मानवतावादी विचारधारा पर आघातपहुँचाने की कुचेष्टा के द्वारा सनातन संस्कृति के प्रति सनातन विश्वास को ही चोट पहुचायी है। यह…
