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गीत ये बन पाए हैं

गीत ये बन पाए हैं जिगर को चीर के ,बाहर ये निकाले मैंने ,फिर ये अरमान ,आंसुओं में उबाले मैंने ,तब कहीं जा के ,विरह गीत ये बन पाए हैं । इनके सीने में गम ,के तीर चुभाये मैंने ,दिल पै अपनों के दिये ,जख्म दिखाए मैंने ,तब कहीं जा के ,विरह गीत ये बन…

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सिसकती भारत माँ

तकनीकी व विज्ञानं अग्रसर करते भारत को नव वर्ष २०२३ की शुभ कामनायें (गंगा मैया के मेलेपन का निवारण करते शहीद का जो असमय ही छोड़ गया) सिसकती होगी भIरत माँ भी अपने शहीद ऐकला चलो भारतीय अन्वेषक पर जिसने अपना सारा जीवन त्याग दिया निस्वार्थ रूप तपस्वी बन उसकी सेवा कर खायी थी कसम…

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कृषि संशोधन बिल से किसानों को राहत देने की कोशिश !

केंद्र सरकार ने बीते दिनों राज्य सभा में कृषि संशोधन बिल पास कराया जिसपर विपक्ष ने जम कर हंगामा काटा । सरकार ये जो तीन बिल किसानों के हित में लेकर अाई है उससे पंजाब की राजनीति में हाहाकार मचा हुआ है । पंजाब के किसानों में सबसे अधिक बेचैनी देखी जा रही । केन्द्र…

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मनहरण घनाक्षरी

जल का जो मीठा कूप ,अपने ही पास है तो दूजे के ही कूप से जी ,जल मत पीजिए ! देकर राजभाषा का,दर्जा जो हिंदी को बस नाम मात्र का सम्मान , आप मत कीजिए! जननी  हमारी है ये,कई भाषाओं की प्यारी गर्व से इसे जो आप , हाथों-हाथ लीजिए! छोड़िए जी आप अब ,मतभेद…

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श्री लाल बिहारी “लाल” जी को जन्मदिन की बधाई

।। जन्म दिवस (10 अक्टूबर ) पर शुभकामना सन्देश।। साहित्य और समाज में अपना नाम रौशन करते रहे हमारे प्रिय मित्र, कवि गीतकार, पत्रकार, पर्यावरण प्रेमी, सामाजिक कार्यकर्ता, सच्चे सलाहकार और लाल कला सामाजिक एवं सांस्कृतिक मंच के महासचिव भाई लाल बिहारी “लाल” जी अपनें जीवन के 48 वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। हमारी साहित्यिक यात्रा के सहयोगी और…

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क्या ब्रह्मांड में हमारी पृथ्वी जैसे अन्य ग्रह भी हैं ?

                 मानव समाज आदिकाल से ही अनन्त ब्रह्मांड में अपनी धरती जैसे जीवन के स्पंदन से युक्त ग्रहों की खोज के लिए सतत प्रयत्नशील रहा है,लेकिन प्राचीनकाल में अंतरिक्ष की सूदूर अंतहीन गहराइयों में झांकने के लिए उस समय न तो बेहतरीन ढंग के दूरदर्शी थे,न आज की तरह द्रुतगामी अंतरिक्ष यान थे,समय के साथ…

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एरोप्लेन और मैं

एरोप्लेन उड़ा मैं बैठी विंडो सीट बाहर देखा सागर चला मेरे साथ चलता गया साथ साथ फिर रुकने लगा थकने लगा चला  गया कहीं  पीछे। बस मेरा एरोप्लेन ही चलता गया। एरोप्लेन और मैं आज एरोप्लेन उड़ा मैं विंडो सीट बैठी। बाहर देखा मेरे साथ मेरा शहर चला। कुछ दूर चला । फिर रुकने लगा।…

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एक झूठ

एक प्रसिद्ध पत्रिका में लिखी हुई समस्या उसे अपने एक परिचित की समस्या सी लगी।थोड़ा सा और पता करने पर उसे महसूस हुआ कि यह कहानी तो शायद उसी परिचित व्यक्ति की है । उनकी पत्नी उन्हें छोड़कर अपने मायके में रह रहीं थीं ।वे उनके ही पड़ोस में रहने वाले वर्मा जी थे ।              …

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वो , कोरोना और मैं

मेरी ड्यूटी राजकीय अस्पताल में थी | यहां दिनोदिन कोरोना के नये मरीज आ रहे थे |बहुत सारे यहाँ से ठीक होकर भी चले गये | एक शाम को ड्यूटी समाप्त करके घर जाने ही वाला था कि एक अर्जेंट केस के लिए मुझे बुलाया गया | उसकी सांसे फूल रही थी | रात आँखों…

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गाँधी जी व शास्त्री जी (दोनों विभूतियों को नमन!)

मनमोहन शर्मा ‘शरण’ (संपादक) 2 अक्टूबर , दो महान विभूतियों की जयन्ती (राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी, जिन्हें हम बापू कहकर भी पुकारते हैं और किसानों के मसीहा कहें अथवा अपने जीवन में शून्य से शिखर तक की यात्रा तय करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी) पर बधाई एवं अनन्त शुभकामनाएं ।देश की जनता का…

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