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विमान हादसों में नेताओं की असमय विदाई: संयोग, चयन-पूर्वाग्रह या व्यवस्था की गहरी कमजोरी? — डॉ. सत्यवान सौरभ

भारत की राजनीतिक यात्रा बार-बार आकाशी हादसों की भेंट चढ़ती रही है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की बारामती विमान दुर्घटना ने एक बार फिर पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। पांच लोगों की मौत के साथ राजनीति में एक ऐसा शून्य पैदा हुआ, जिसकी भरपाई केवल संवेदनाओं से संभव नहीं। यह पहला मामला नहीं…

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आओ-आओ गजानन गणेश

आओ-आओ गजानन गणेश,देवा मेरे घर आओघर आओ देवा घर आओ -2आओ-आओ गजानन ———–देवा मेरे घर आओ लाल सिंदूर तुमको है प्यारा -2फूलों से महका दरबार तुम्हाराप्रथम पूजें तुमको सब गणेश -2गजानन मेरे घर आओआओ-आओ गजानन ————+ सुख वैभव के तुम ही स्वामीमहिमा जग ने तेरी जानीमूषक सवारी करके गणेशगजानन मेरे घर आओआओ-आओ गजानन गणेशदेवा मेरे…

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नयी पीढ़ी बनाम पुरानी पीढ़ी : कालजयी द्वन्द्व — राजेन्द्र परदेसी

नयी पीढ़ी और पुरानी पीढ़ी में सदा से मतभेद रहा है, और वह रहेगा ही। कारण यह है कि नयी पीढ़ी के पास जोश होता है। वह इस जोश पर विश्वास करके सोचती है कि भविष्य के हर अवरोध को वह सहजता से पार कर जाएगी।वहीं पुरानी पीढ़ी के पास अनुभव होता है। वह जानती…

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लघुकथा – 15 अगस्त और दादी माँ की आशाएं

          पंकज की दादी 15 अगस्त की सुबह जल्दी से ही तैयार हो गयी थी।जैसा कि उसे मालूम था कि 15 अगस्त पर सभी टीवी के समाचार चैनलों पर भारत देश के सैनिकों को दिखाया जाता है।हर बार की तरह वह भी अपने पोते पंकज की एक झलक पाने के लिए टीवी के सामने बैठ…

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लाॅकडाउन

                 इलाहाबाद यानी प्रयागराज अपने आप में एक सम्पूर्ण और गौरवशाली नगरी रही है। महानगरों की तुलना में बिल्कुल शांत शहर मगर शिक्षा के क्षेत्र में उनसे कहीं आगे।यह शहर प्रतिभाओं की नगरी भी कहा जाता है। किसी समय यहां बाहरी लोग भी यदि पानी मांग लें तो उन्हें पानी के साथ साथ कुछ मीठा…

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चिटफंड कंपनियों के जरिए धोखाधड़ी में शामिल लोगों बख्शा नहीं जाएगा

सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि चिटफंड कंपनियों में निवेश करने वाले लोगों से धोखाधड़ी में शामिल रहे व्यक्तियों को छोड़ा नहीं जाएगा और वे चाहे किसी भी पद पर क्यों न हों, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सेबी चिटफंड के मामलों को देख रही है…

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गीत ये बन पाए हैं

गीत ये बन पाए हैं जिगर को चीर के ,बाहर ये निकाले मैंने ,फिर ये अरमान ,आंसुओं में उबाले मैंने ,तब कहीं जा के ,विरह गीत ये बन पाए हैं । इनके सीने में गम ,के तीर चुभाये मैंने ,दिल पै अपनों के दिये ,जख्म दिखाए मैंने ,तब कहीं जा के ,विरह गीत ये बन…

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मुंबई का ठाकरे और हिंदुत्व का शूटआउट !

मुंबई में शूटआउट शब्द बड़ा प्रसिद्ध है । ये शूटआउट शब्द निश्चित रूप से आपने बॉलीवुड फिल्मों में सुना होगा किन्तु जब बाला साहब ठाकरे नाम का दिग्गज मुंबई में राज करता था तब हिंदुत्व का ध्वज महाराष्ट्र के आसमान पर सबसे ऊंचाई पर लहराता था और शूटआउट शब्द केवल माहौल बिगाड़ने वाले के लिए…

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वर्ल्ड बुक रिकार्ड टोक्यो जापान द्वारा संजय वर्मा “दृष्टि” को सम्मानित किया जाना प्रस्तावित

हिंदी की गूंज टोक्यो जापान द्वारा आयोजित साहित्यिक प्रतियोगिता में “माँ जैसा कोई नही” वर्ल्ड रिकार्ड बुक के लेखकों में भारत की ओर से मनावर जिला धार मप्र के संजय वर्मा “दृष्टि” को हिंदी जी गूंज अंतरराष्ट्रीय संस्था की ओर से माँ की यादों की माला पिरोने के अथक प्रयास से सम्मानित किया जाना है।…

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कहानी : रिश्तों की जड़ें

परिवार बड़ा था, घर पुश्तैनी और उसमें ज़िम्मेदारियाँ सबसे भारी। इसी भार को अपने कंधों पर उठाकर संजय ने एक दिन वह निर्णय लिया, जिसने उसके पूरे जीवन की दिशा बदल दी। पुश्तैनी दुकान, बूढ़ी माँ, पत्नी और दो छोटे बच्चे, सबको पीछे छोड़कर वह विदेश चला गया। परदेश उसका सपना नहीं था, मजबूरी थी।…

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