भैया मान लो कि बसंत आ गया है…
भैया मान लो कि बसंत आ गया है । अब बसंत तो ऐसे ही आता है । आप को मानना है तो मानो और नहीं मानना तो मन मत मानो । बसंत कोई राजनैतिक दल की तरह तो है नहीं कि झंडा-बैनर लगाकर बताये कि देखो मैं आ गया और न ही आन्दोलकारी है कि…
भैया मान लो कि बसंत आ गया है । अब बसंत तो ऐसे ही आता है । आप को मानना है तो मानो और नहीं मानना तो मन मत मानो । बसंत कोई राजनैतिक दल की तरह तो है नहीं कि झंडा-बैनर लगाकर बताये कि देखो मैं आ गया और न ही आन्दोलकारी है कि…
कविता मल्होत्रा प्रेम है दरिया आग का,उल्टी है इसकी धार जो उतरा सो डूब गया,जो डूब गया वो पार ✍️ अपनी दृष्टि को विस्तार देकर ही सृष्टि के आधार को समझना सँभव है, वर्ना दृष्टिकोण के अभाव में तो शिक्षित लोग भी अशिक्षितों जैसा व्यवहार करने लगते हैं। ✍️ जैसे तुम सबके वैसे ही मैं…
(सम्पादकीय) आप सभी को बसन्त पंचमी की हार्दिक बधाई एवं ज्ञान की देवी माँ सरस्वती का आशीर्वाद आपको प्राप्त हो, ऐसी मेरी मंगलकामना है । मौसम बदला, मौसम का मिजाज बदला, अब पतझड़ समाप्त और पौषे खिलखिलाने लगेंगे, सर्दी की ठिठुरन अब समाप्त सी हो गई है । मनुष्य अपने अड़ियल रवैये से बदलने…
आज का विशेष संयमित जीवनशैली वास्तव में एक महत्वपूर्ण विषय है क्यूकि हमारी पीढ़ी कम्प्यूटर, मोबाइल, बर्गर, पिज्जा और देर रात की पार्टियों पर आधारित है – मूल रूप से ये सब अस्वास्थ्यकर है। पेशेवर प्रतिबद्धताओं और व्यक्तिगत मुद्दों ने सभी को जकड़ लिया है और इन सभी अराजकताओं के बीच वे अपना स्वास्थ्य खो…
बसंत यानि उल्लास। प्रेम और प्यार का आभास। ज़िन्दगी के लिए अति आवश्यक तत्व। गतिमान रहने के लिए एक आवश्यक बल। बसंत प्रतिवर्ष आता है। बीते वर्षों की कुछ यादें ताजा कर जाता है। फिर से मिठास भर जाता है। जीवन को महका जाता है। हर तरफ बिखरा हुआ रंग। रंग बिरंगे फूल खिले हुए।…
अनुराधा प्रकाशन परिवार हुआ गौरवान्वित 23 फरवरी 2021 का दिन अनुराधा प्रकाशन परिवार के लिए विशेष उपलब्धि लेकर आया । इस दिन भारत की यशस्वी वित्तमंत्री आ. निर्मला सीतारमन जी से सायं सवा चार बजे भेंट हुई । प्रमुख अवसर था श्री आर एम चोपड़ा जी द्वारा लिखित पुस्तक ‘हैप्पीनेस अनरैवल्ड’ का लोकार्पण । प्रकाशक…
कितना मुश्किल है इस दुनिया में औरत हो पाना कदम कदम पे परखे जाना जाना अपने आप को पवित्र दिखाना। यह परख, यह परीक्षा जो कभी खत्म नहीं होती। क्यों एक बलात्कार में सिर्फ औरत ही है इज्जत खोती क्यों वजूद उसका इतना दबाया जाता है । लोग क्या कहेंगे कहकर चुप कराया जाता है…
समुंदर का नीलापन आकाश का नीलापन उड़ रहे क्रेन पक्षी एक नया रंग दे रहे प्रकृति को। सुंदरता दिन को दे रही सौंदर्यबोध रात में ले रहा समुंदर करवटे लहरों की। तारों का आँचल ओढ़े चंद्रमा की चाँदनी निहार रही समुंदर को क्रेन पक्षी सो रहे जाग रहा समुंदर। मानों कह रहा हो प्रवास की…
इस तथ्य से कोई इनकार नहीं करता है कि भारतीय प्रेस में महिलाओं की बढ़ती उपस्थिति पिछले एक दशक में पहले से कहीं अधिक स्पष्ट हो गई है। उन्हें हर जगह स्पॉट किया जाता है – जहां भी समाचार उत्पन्न होता है, समाचार डेस्क को संभालना, संस्करणों की निगरानी करना और न्यूज़रूम में चारों ओर…