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करोना का भूचाल

करोना का भूचाल करोना ने मचा दिया देश में भूचाल, अनदेखे साये ने कर दिया बवाल। देश विदेश में कर दिया अफरा तफरी का हाल, त्योहारों के उत्सव में कर दिया आतंक। जनता भय से व्याकुल हैं, सरकार हैं विवश, पुलिस चिकित्सक सभी मिलकर लड़ रहे जंग। इस समस्या का एक मात्र अब यही हैं…

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माँ (कविता-6)

वो कहते हैं हमने भगवान नहीं देखा मैं कहता हूँ मेने देखा हैं जब मुझे तकलीफ होती हैं तो मेरी माँ रोती हैं मैं दुनिया का सबसे हसीं लाडला हूँ मेरी शैतानियों का कोई ठिकाना नहीं वो माँ ही तो हैं जो हमारे हर किरदार से प्यार करती हैं    किसी भी उम्र मे मुझे डांट लगा…

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आज के दौर में भारत-दक्षिण कोरिया रिलेशन्स 

– डॉ. प्रियंका सौरभ भारत और दक्षिण कोरिया के संबंध आज के वैश्विक दौर में नई अहमियत प्राप्त कर रहे हैं। दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्यों, आर्थिक विकास, तकनीकी प्रगति और क्षेत्रीय शांति के समर्थक हैं। एशिया के बदलते शक्ति संतुलन, चीन की बढ़ती आक्रामकता, आपूर्ति श्रृंखला संकट, यूक्रेन युद्ध, मध्य पूर्व तनाव और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र…

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शोषक भी हम – शोषण भी हमारा, फिर न्याय के लिए भटकना कैसा..!

पंकज सीबी मिश्रा  / राजनीतिक विश्लेषक़ एवं पत्रकार जौनपुर यूपी  स्टार्टअप से बात शुरू हुई औऱ जज के घर करोड़ों के अधजले नोट मिले, मुद्रा लोन को बढ़ावा दिया जाना था औऱ अडानी को अरबों का लोन मिला, स्वरोजगार की बात चली औऱ सरकारी नौकरियों को कम कर दिया गया। रोजगार देने वाले 70% से…

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कितना बदल गया इंसान’ (सम्पादकीय)

संपादक मनमोहन शर्मा ‘शरण’ अक्टूबर माह का प्रारंभ भारत की दो महान विभूतियों की जयंती से हो रहा है। 2 अक्टूबर एक और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती दूसरी ओर सादा जीवन उच्च विचार की सर्वोत्तम मिसाल भूतपूर्व प्रधानमंत्री लालबहादूर शास्त्री जी की भी। तिथि दो महानविभूतियाँ भी दो, जिन्होंने ना सिर्फ भारत अपितु…

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फ़क़ीर (कविता)

श्वेत वसन दाढ़ी सफ़ेद खाली दिखते हाथ चेहरे पर हैं झुर्रियां दीखे मलिन सी गात काम क्रोध मोह लोभ से इसका क्या सरोकार ये तो एक फ़क़ीर है जग इसका परिवार पाकर चंद सिक्के ही दे झोली भर आशीष ये दुनिया तो फ़ानी है देता सबको ये सीख सब धरा रह जाएगा मोह न किसी…

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गंतव्य संस्थान द्वारा 78 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तुलसी के पौधे वितरित किए गए।

स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर गंतव्य संस्थान द्वारा तुलसी के पौधे वितरित किए गए इस अवसर पर रोहिणी , पीतमपुरा , बुराड़ी , निरंकारी कालोनी व धीरपुर में करीब एक हजार पौधों को वितरित किया गया ।उल्लेखनीय है कि जन जागृति मिशन द्वारा रामदास कुटी धीरपुर में राष्ट्रीय ध्वजारोहण का कार्यक्रम भी आयोजित किया…

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भगवान महावीर के उपदेशों का प्रचार करने वाली पुस्तक के लिए Rs.2 लाख का पुरस्कार

भगवान महावीर फाउंडेशन द्वारा 15/02/2025 को डॉ. नेमीचंद जैन मेमोरियल अवार्ड विजेता की घोषणा की गई। प्रोफेसर भागचंद्र जैन “भास्कर” द्वारा लिखित “जैन सांस्कृतिक चेतना के स्वर” को चौथे डॉ.नेमीचंद जैन मेमोरियल पुरस्कार के लिए पुरस्कार विजेता के रूप में चुना गया है। पुरस्कार में 2 लाख रुपये की नकद राशि, एक स्मृति चिन्ह और…

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सामाजिक संरचना की प्रासंगिकता :

प्राचीन भारतीय संस्कृति मूलतः अध्यात्मिक विकास पर आधारितएक विशेष सामाजिक वैविध्य को परिलक्षित करनेवाली संरचना थी। यह कोई निकट अतीतकी नहीं, वरन हजारों हजार वर्ष की सचेत मानसिकता के द्वारा संरचित हुई थी। अगर गम्भीरतापूर्वक विचार करें तो आज भी इसकी प्रासंगिकतासे इन्कार नहीं किया जा सकता।बहुत संभव है कि भविष्य भी इसकी सार्थकता  को…

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भूलाभाई देसाई

(13 अक्टूबर, 1877 से 6 मई, 1946) प्रारंभिक जीवन :- भूलाभाई देसाई का जन्म 13 अक्टूबर, 1877 को गुजरात के वलसाड़ शहर में हुआ था। आरम्भ में उनके मामा ने ही उन्हें पढ़ाया। उसके बाद उन्होंने वलसाड़ के अवाबाई स्कूल और फिर बॉम्बे के भरदा हाई स्कूल से शिक्षा ग्रहण की। सन् 1895 में उन्होंने…

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