सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या
यशपाल सिंह “यश” जहां अमृत भी संभावित था वहां गरल चुन लिया उन्होंनेजीवन में संघर्ष बढ़ा तो, काम सरल चुन लिया उन्होंने सूख रहे तरुवर जीवन के, पर हरियाली संभावित थीमगर शुष्क उपवन की खातिर, दावानल चुन लिया उन्होंने जीवन के हर दोराहे पर, ‘पर उपदेश कुशल बहुतेरे’जब अपनी बारी आई तो, मार्ग विफल चुन…
