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विरोध प्रदर्शन का बेहद घटिया तरीका !

पहले कानपुर फिर  प्रयागराज और अब मुरादाबाद  में पत्थर  चले ,जबकि कानपुर में हुए पत्थरबाजी को लेकर उत्तर प्रदेश प्रशासन ने जिस प्रकार कार्रवाई की है एक उदाहरण हो सकता है कानून व्यवस्था में शांति स्थापना का। लेकिन इसके बावजूद भी उन्मादियों में कोई सबक नहीं है। तब जब पूरे देश में योगी जी के…

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वारिष्ट साहित्यकार श्रीमती सविता चड्ढा की कलम से (अनुभव-2)

मेरी शादी को एक साल हो गया था। उन दिनों हम लोग पहाड़गंज के कटरा राय जी में रहते थे और वहां से प्रतिदिन बस के द्वारा में संसद मार्ग अपने कार्यालय ट्रांसपोर्ट भवन जाया  करती थी।  एक दिन जब मैं बस में चढ़ी तो मैंने देखा बस में काफी लोग खड़े हुए हैं और…

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कुर्सी की लालसा में सियासी हलचल

राजनीतिक सफरनामा                      (कुशलेन्द्र श्रीवास्तव) देश के कई राज्यों में हलचल है । यह हलचल कुर्सी के लिए है । समाजसेवा का लबादा ओढ़कर सत्ता के रसगुल्ले खाने की लालच से ग्रसित कतिपय लोगों ने लोकतंत्र को मजाक बनाकर रख दिया है । पश्चिम बंगाल में मुकुन्द राय ने टीएमसी के सत्ता पर काबिज होते ही पाला…

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ट्रॉली बैग…

‘सा’ब कुली?’ मैंने बिना उसकी ओर देखे ही ना कर दिया। ‘सा’ब, आपका सामान सीट तक पंहुचा दूंगा, बस पचास रुपए दे देना।’ मैंने मोबाइल से नजरें उठाई, बारह तेरह बरस का दुबला सा लड़का बड़ी आशान्वित नजरों से मुझे देख रहा था। मैंने कहा – ‘ज़रूरत नहीं है,’ और फिर मोबाइल पर नज़रें गड़ा…

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उम्मीद: नन्हे दीपों के उजियारे से

                                                                                                             कुशलेन्द्र श्रीवास्तव तिमिर के नाश का पर्व दीपोत्सव द्वार पर दस्तक दे रहा है । हमें अमावश्या की गहन काली रात को नन्हें दीपों का उजियारा कर प्रकाशवान करना है । प्रकाश ही तो हमारे पथ को आलौकिक करता है । पर अंधियारा इतना फेल चुका है कि नन्हे-नन्हे दीपों का प्रकाश हमारा मार्ग…

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“इंडिया इन कोरिया: कोरिया में बौद्ध धर्म का प्रभाव” का भव्य विमोचन

नई दिल्ली/सोल, 27 मार्च 2026. दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल स्थित क्वांगवून यूनिवर्सिटी के सभागार में डॉ. अजय कुमार ओझा की पुस्तक “इंडिया इन कोरिया: कोरिया में बौद्ध धर्म का प्रभाव” का भव्य विमोचन अंतरराष्ट्रीय विद्वानों और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। अनुराधा प्रकाशन, नई दिल्ली से प्रकाशित इस पुस्तक में भारत और…

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फॉलो – अनफॉलो और सोशल मीडिया से रिश्तों में मचा उथल – पुथल..!

पंकज सीबी मिश्रा / राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर, यूपी वर्तमान समय में सोशल मीडिया ने कई घर तोड़े है । लोगो ने इसका जमकर दुरुपयोग किया है । कई जगह सोशल मीडिया के रिश्तों ने बनावट का जो रेतीला महल खड़ा किया है वह घातक और जर्जर साबित हुआ है । आपसी समझ में…

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आजादी का मीठा फल जब आम आदमी खाएगा

डॉक्टर सुधीर सिंह आजादी का मीठा फल जब आम आदमी खाएगा, तब   तिरंगा  आसमान  में   लहर-लहर  लहराएगा. अभी  गरीबी गई  नहीं  है  हिंदुस्तान  के  आंगन से, मुक्त  नहीं  है आम जनता  मजबूरी और शोषण से. कृषि प्रधान देश  की  धरती  आज भी असिंचित है, बाढ़-सुखाड़ से  दुखी किसान घर में बैठा चिंतित है. कागज के…

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विकसित राष्ट्रों की सूची में हिंदुस्तान रहे ऊपर

हिमगिरी  हुंकार  रहा है; हिंदुस्तान  जिंदावाद.सीमा पर जो करे शरारत, उसे करना है बर्बाद.भारतवर्ष  चाहता  है;  सुखी  सारा  संसार रहे.सारी दुनिया ले संकल्प,आतंकी कोई नहीं बचे. यहां की सैन्यशक्ति से सभी पड़ोसी परिचित है,जानता है हिंद के आगे उसकी कोई न हस्ती है.ऐसे में यहां से पंगा लेना  बर्बादी को बुलाना है,अंतत:भारत के सामने आत्मसमर्पण…

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क्या ब्रह्मांड में हमारी पृथ्वी जैसे अन्य ग्रह भी हैं ?

                 मानव समाज आदिकाल से ही अनन्त ब्रह्मांड में अपनी धरती जैसे जीवन के स्पंदन से युक्त ग्रहों की खोज के लिए सतत प्रयत्नशील रहा है,लेकिन प्राचीनकाल में अंतरिक्ष की सूदूर अंतहीन गहराइयों में झांकने के लिए उस समय न तो बेहतरीन ढंग के दूरदर्शी थे,न आज की तरह द्रुतगामी अंतरिक्ष यान थे,समय के साथ…

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