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बुर्खा और घूँघट प्रथा —-एक सामाजिक बुराई

कभी तो देखे अपनी माँ को, जो बुर्खा मुख पर ओढ़े थी , कभी बोलती बिना जुबां के, माँ कब तू मुख खोलेगी ! क्या मेरी जवानी और बुढ़ापा तेरी तरह ही गुजरेगा , जो तेरे था साथ हुआ, क्या वो सब मुझपर बीतेगा ! कैसे गर्मी धूप में भी तू, सर ढक कर के…

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पेपर लीक पर गैर-भाजपा सरकारों से जवाबदेही कब?

– डॉ. सत्यवान सौरभ –  भारत में प्रतियोगी परीक्षाएं केवल रोजगार का माध्यम नहीं हैं, बल्कि करोड़ों युवाओं के सपनों, परिवारों की उम्मीदों और सामाजिक न्याय की आधारशिला भी हैं। कोई भी परीक्षा तभी सार्थक मानी जाती है जब उसमें प्रतिभा, मेहनत और निष्पक्षता का सम्मान हो। लेकिन जब प्रश्नपत्र लीक हो जाता है, तो…

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खुशी का गीत

गजेन्द्र अधाना जी = वन गए नाना जी। किस्मत ने खोल दिया देखो खजाना जी।       खुशियों की मिली मिठास रे ओए बल्ले बल्ले।        देखो पूरी हो गई आस रे ओए बल्ले बल्ले आप सब को मुबारक हो = स्वस्थ सुंदर बालक हो। बालक वो प्रति पालक हो = देश का अच्छा नायक हो…

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PM मोदी ने 71000 युवाओं को बांटे नियुक्ति पत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोजगार मेले में 71 हजार से ज्यादा युवाओं को नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र दिए। उन्होंने  इस कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए युवाओं से जुड़े, केंद्र सरकार के अलग-अलग डिपार्टमेंट में नौकरी पाने वाले सभी युवाओं और उनके परिवार को शुभकामनाएं भी दी। साथ ही युवाओं से कहा कि मैं…

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बनें रब का सेवादार

कविता मल्होत्रा (संरक्षक, स्तंभकार) “माता-पिता केवल शब्द नहीं ये जीवन का हैं सार ईश्वरीय श्रवण कुमार वही जो सृष्टि का सेवादार” शिक्षा के क्षेत्र में अनेक प्रकार की संभावनाएँ होती हैं जो किसी भी व्यक्ति के अस्तित्व को तराश कर एक सुघड़ आकार देतीं हैं।हर व्यक्ति की पसंद अलग होती है।अपनी पसंद के अनुसार हर…

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कभी निष्फल नहीं हो सकता हमारा दूसरों को प्यार सम्मान अथवा महत्त्व देना

कुछ समय पहले की बात है कि एक हिंदी फिल्म देख रहा था। फिल्म और मुख्य पात्र का नाम है मिली। मिली एक मॉल के फूड जंक्शन में काम करती है। एक दिन गलती से मिली रेस्टोरेंट के फ्रीजर रूम में बंद हो जाती है। फ्रीजर रूम की सरदी के कारण उसकी हालत बहुत खराब…

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डॉक्टर सरोजनी प्रीतम कहिन

ग्रास मुर्गे उदास होते हैं काकटेल में वे बलि का बकरा बनते हैं दिग्गज के ग्रास होते हैं रीेतिकाल छात्रों ने पूछा दरबारी कवियों के राजकीय सम्मान से अभिप्राय वे बोले साहित्य के दिग्गज सलामी देते हैं सूंड उठाये अनुरोध उन्होंने साहित्यिक समारोह के निमंत्रण पत्र भिजवाये लिखा आप साहित्य के दिग्गज-कृप्या अपनी गजगामिनी भी…

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सभी का भला हो सभी का भला हो

प्रभो!सद्बुद्धि दो उनको सभी का हो भला जग में। न कोई  विघ्न – बाधाएं   कभी आएं  मेरे   मग   में।।        जगत  के  जितने  प्राणी हैं                               सभी   को    आसरा   तेरा,        तुम्हीं  ने  एक  ही   पल में                               बिगड़ते   भाग्य  को   फेरा,         तुम्हारी  ही   कृपा  से सब                               जगत  का  काम  होता   है,        …

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जीवन का आधार योग

योग: कर्मसु कौशलम् अर्थात कार्य में कुशलता ही योग है योग का अर्थ है जुड़ना जब हम किसी कार्य या विचार के साथ जुड़ जाते हैं तो वह योग कहलाता है योग हमारे तन और मन को जोड़ता है योगिक क्रियाएं ना केवल शारीरिक क्रियाओं को प्रभावित करती हैं अपितु मन पर भी सकारात्मक प्रभाव…

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खजुराहो यात्रा:  एक अविस्मरणीय दैवीय अनुभव

यात्रा…….   जिसका नाम आते ही मन में  अजीब सी तरंगे  उसने लगती है।  एक  उत्साह  ,एक  जोश उत्पन्न हो जाता है  कि  लगातार  एक ही तरह की  दैनिक जीवन से  नया  कुछ हटकर  देखने को,  घूमने को,  सीखने को मिलेगा।  जहां हम स्वच्छंद होंगे , पारिवारिक जिम्मेदारियों का बोझ  शायद  कुछ कम होगा। जहां…

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