Latest Updates

नफरत की लाठी तोड़ो

मनमोहन शर्मा ‘शरण’ (प्रधान संपादक) मार्च के प्रथम पखवाड़े में ‘होली’ त्यौहार है । बात ‘होली’ की करूँ या जो दिल्ली में ‘हो + ली’, उसकी करूँ । संपादकीय लिखते समय यही विचार मेरे मन में उपज रहा है । ‘होली’ त्यौहार आपसी मेलजोल एवं सद्भावना को बढ़ावा देने वाला है, आप सभी को इस…

Read More

सँभल जाए अगर माली, महके हर रूह की डाली : कविता मल्होत्रा

एक प्राकृतिक आपदा की तरह कोरोना वायरस समूचे विश्व पर मँडराया और वैश्विक बँधुत्व की सीख देकर आगे निकल गया।लेकिन अब भी सीमा पार से परस्पर वैमनस्य के कारण शहादत की खबरें आती हैं तो एैसा लगता है कि अभी मानव को बहुत कुछ सीखना है। कई लोगों को बेरोज़गारी का रोना रोते देखा और…

Read More

संपादक मनमोहन शर्मा ‘शरण
को मिला ‘संपादक रत्न सम्मान’

साहित्य जगत में अपनी अनुपम अनूठी एवं गौरवमयी उपस्थिति दर्ज कराता विश्व विख्यात संस्थान ‘साहित्य मण्डल श्रीनाथद्वारा’ द्वारा 3 दिवसीय आयोजन ‘हिंदी लाओ देश बचाओ’ में देश के विभिन्न क्षेत्रों से पधारे साहित्य प्रेमियों, पत्रकार–संपादक, समाजसेवियों का मिलन हुआ जिसमें उत्कृष्ट साहित्य सृजन हेतु साहित्यकारों को तथा संपादन क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने पर संपादक…

Read More

वोटर लिस्ट पर बवाल

राजनीतिक सफरनामा कुशलेन्द्र श्रीवास्तव वैसे तो बिहार विधानसभा के होने वाले चुनाव में अभी समय है पर उसको लेकर बिगुल बज चुका है । विपक्ष फिलहाल भाजपा से नहीं चुनाव आयोग से लड़ रहा है और इसमें भाजपा पर भी निशाना साध रहा है । दरअसल चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण कराने का…

Read More

मीडिया और महिला

इस तथ्य से कोई इनकार नहीं करता है कि भारतीय प्रेस में महिलाओं की बढ़ती उपस्थिति पिछले एक दशक में पहले से कहीं अधिक स्पष्ट हो गई है। उन्हें हर जगह स्पॉट किया जाता है – जहां भी समाचार उत्पन्न होता है, समाचार डेस्क को संभालना, संस्करणों की निगरानी करना और न्यूज़रूम में चारों ओर…

Read More

हे माई अब तो कर दो बेड़ा पार

                                                                                                                 कुशलेन्द्र श्रीवास्तव माई विराज गई हैं, चेत्र नवरात्र प्रारंभ हो गए हैं । माई तो कष्टों को हरने वाली हैं, माई तो शत्रुओं का संहार करने वाली हैं । अभी तो मार्च ही निकला है पर देखो धरती कितनी तपने लगी है अभी से, माई से गुहार लगायेगें अब, हमने तो अपने पार्यावरण को…

Read More

नया सवेरा

         स्टेशन से निकल कर जैसे ही रामू थोड़ा आगे बढ़ा की तेज बारिश चालू हो गयी । पीछे से आ रहे जुगनू ने बिना सोचे समझे अपनी छतरी उसके सिर पर भी कर दी।रामू ने चौंककर उसकी ओर देखा और जुगनू की आँखों में पता नही क्या नजर आया दोनों ही हँसकर साथ साथ…

Read More

दुर्घटना पीड़ितों के लिए “कैशलेस” उपचार : नीयत नेक, व्यवस्था बेकार

इस देश में जब कोई सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त होता है, तो सबसे पहले यह नहीं पूछा जाता कि ज़ख्म कितना गहरा है — पहले यह पूछा जाता है कि “पहचान पत्र है?”, “बीमा है?”, “अस्पताल पंजीकृत है?” और फिर अंत में — “बचा पाएँगे या नहीं?”। मानो पीड़ित की जान से पहले कागज़ ज़रूरी हो।…

Read More

समय बडा बलवान

माँ ने आँगन में जो बोए थे सपनो के पौधे कभी, वक्त की कंकरीट के आगे वो पौधे ही उजड गए। पिता ने जो उम्मीद का दामन थामा था कभी, वो उम्मीदे घर छोड़,नया असियां बनाने निकल गई। दोनों ने मिलकर जो सपनो की पौध लगाई थी कभी, वक्त के माली ने उनके बढ़ते ही…

Read More

‘भारत जोड़ो यात्रा मेरी राजनीतिक पारी का अंतिम पड़ाव हो सकती है’ : सोनिया गांधी

कांग्रेस पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शनिवार को राजनीति से अपनी सेवानिवृत्ति की ओर इशारा करते हुए कहा कि उनकी पारी भारत जोड़ो यात्रा के साथ ही समाप्त हो सकती है। छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में कांग्रेस का 85वां पूर्ण अधिवेशन जारी है। शनिवार को अधिवेशन के दूसरे दिन के कांग्रेस नेता सोनिया…

Read More