8th INTERNATIONAL DAY OF YOGA-2022
CONSULATE GENERAL OF INDIAVANCOUVERCELEBRATES8th INTERNATIONAL DAY OF YOGA-2022In Collaboration withAarogya Canada Curtain Raiser Program Nutan Thakurpresent“Healthy Life Style through Yog”program was held on 13th June 2022 at 11a.m.which was live also on facebook @cgivancouver
( पितृ दिवस पर )
दर्द का मंज़र है तुम कहां हो पापा,ज़ख्मी मेरा दर है तुम कहां हो पापा । जुल्म का चश्मा रखे हैं अब अपने हीपीठ में नश्तर है तुम कहां हो पापा। छा चुकी हैं बर्बरी घटाएं शब में ,खौफ में छप्पर है तुम कहां हो पापा। झुकने से मिलती विजय गलत है बापूटूटने को घर…
पितृदिवस पर
प्रेम के अक्षय पात्र सापवित्र रिश्ताजो कभी नहीं रीतताबाहर से सख्तअंदर से नर्मदिल में दफन कई मर्मचटकती धूप से इरादे गर्मउर में आस लिएअमावस को भी कर दे रोशन ।अपना दे निवालाबच्चों के हाथों की लकीरोंको बदल दे…जिंदगी की जद्दोजहद में भीमुस्कुराहटों की रवानियांबिखेरसमुद्र सी थाह में अथाह लिएचुभती धूप में सहलाते से…ना रूके, ना…
हम कहां आ गये हैं, यूं ही साथ चलते चलते’
सम्पादकीय : मनमोहन शर्मा ‘शरण’ आप सभी को अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) की हार्दिक बधाई एवं अनन्त शुभकामनाएं । जीवन जीने का, स्वस्थ रहने का स्वआनन्द से परमानन्द तक की प्राप्ति का मार्ग दिखाने वाले भारत देश, जिसको पुन: विश्वगुरु बनाने का स्वप्न देखा जा रहा है । ऐसा हो तो सकता है किन्तु…
गर्मी के दोहे
सूरज आतिश बन गया,तपे नगर,हर गाँव। जीव सभी अकुला उठे,ढूँढ रह सब छाँव ।। सूरज का आक्रोश है,बिलख रहे तालाब । कुंओं,नदी ने भी ‘शरद’,खो दी अपनी आब ।। कर्फू सड़कों पर लगा,आतंकित हर एक । सूरज के तो आजकल,नहीं इरादे नेक ।। कूलर,पंखे हँस रहे,ए.सी.का है मान । ठंडे ने इस पल “शरद’,पाई नूतन…
विरोध प्रदर्शन का बेहद घटिया तरीका !
पहले कानपुर फिर प्रयागराज और अब मुरादाबाद में पत्थर चले ,जबकि कानपुर में हुए पत्थरबाजी को लेकर उत्तर प्रदेश प्रशासन ने जिस प्रकार कार्रवाई की है एक उदाहरण हो सकता है कानून व्यवस्था में शांति स्थापना का। लेकिन इसके बावजूद भी उन्मादियों में कोई सबक नहीं है। तब जब पूरे देश में योगी जी के…
बुकर पुरस्कार हिंदी का वैश्विक सम्मान
सर्वप्रथम तो मैं गर्व के साथ लेखिका गीतांजलि श्री को बुकर पुरस्कार प्राप्त होने की बधाई देती हूं, नमन करती हूं। यह उपन्यास “रेत समाधि “2018 में हिंदी में प्रकाशित हुआ था तब इसकी अधिक चर्चा नहीं थी किंतु 375 पेज का उपन्यास अंग्रेजी में अमेरिका में रहने वाली लेखिका अनुवादक डेजी राकवेल…
मन बुद्धि और ध्यान को योग में लगाओ,
मन बुद्धि और ध्यान को योग में लगाओ, और प्यारे प्रभु की कृपा से आनंदमई जीवन बिताओ! सारे फिकर को सौंप दो और योग में सिर्फ घ्यान दो, सब सरल हो जाएगा जीवन कमल खिल जाएगा, सकारात्मक पे सोच लो,नकारात्मक को छोड़ दो, एक बार योग का दामन तुम थाम लो,सारे फिकर त्याग दो! स्वास्थ…
