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चिन्तन शिविर से  उपजे सवाल

राजनीतिक सफरनामा                                                                                                    कुशलेन्द्र श्रीवास्तव मई की तपती दुपहरी और राजस्थान की मरू भूमि पर कांग्रेस का चिन्तन शिविर आयोजित किया । कांग्रेस को वैसे भी चिन्ता और चिन्तन दोनों की आवश्यकता तो है । उनके अपने ही सदस्यों ने चिन्ता व्यक्त की और हाईकमान ने चिन्तन शिविर लगा दिया ‘‘आओ हम मिलकर चिन्तन करें’’…

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बुलडोज़र की सार्थकता

कविता मल्होत्रा (स्थायी स्तंभकार एवं संरक्षक उत्कर्ष मेल) आजकल अवैध क़ब्ज़ों को लक्षित करते हुए बुलडोज़र पर चर्चा आम है अनश्वर प्रेम को नज़रअंदाज़ करती नश्वर सत्ता का ही तो ये परिणाम है रक्त मास से बनी मानव देह की ज़रूरतें उतनी बड़ी नहीं हैं जितनी बड़ी उसकी अधिग्रहण की चाहतें हैं। मानव जीवन का…

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घमासान

क्यों हो रहीं हैं घुटन क्यों डर रहा हैं मन कहीं तो हो रहा हैं इंसानियत पर जुल्म घुट घुट के मार रहें हैं लोग या मर मर के जी रहे हैं लोग मासूमों के हाल बुरे हैं सपने देखने वाले सो कहां पा रहें हैं आग सैलाब की लपटों में जुलसे जा रहें हैं…

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कुछ बेबसी ऐसी भी

          आज पहली बार आभास हुआ कि कुछ विवाहित महिलाएं कितनी वेबस और लाचार होती हैं। चाहे वे नौकरी करने वाली हों या घरेलू  महिलाएं दोनों के ही साथ बहुत सारी पाबन्दियां जुड़ी होती हैं।अभी कल की ही तो बात है मिसेज शर्मा पति के दो शर्ट पैंट लेकर गली गली प्रेस वाले की दुकान…

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सभी का भला हो सभी का भला हो

प्रभो!सद्बुद्धि दो उनको सभी का हो भला जग में। न कोई  विघ्न – बाधाएं   कभी आएं  मेरे   मग   में।।        जगत  के  जितने  प्राणी हैं                               सभी   को    आसरा   तेरा,        तुम्हीं  ने  एक  ही   पल में                               बिगड़ते   भाग्य  को   फेरा,         तुम्हारी  ही   कृपा  से सब                               जगत  का  काम  होता   है,        …

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विनायक दामोदर सावरकर

(28 मई, 1883 से 26 फरवरी, 1966) प्रारंभिक जीवन                वीर सावरकर का जन्म 28 मई, 1883 में महाराष्ट्र के नासिक जिले के भागुर गाँव में हुआ था। उनकी माता का नाम श्रीमती राधाबाई सावरकर और पिता श्री दामोदर पंत सावरकर था। वीर सावरकर के तीन भाई और एक बहन थी। उनकी प्रारंभिक शिक्षा नासिक…

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डॉ. संजय कुमार ने किया नराकास (का.-2) के सदस्य कार्यालयों को सम्मानित

दिनांक 13 मई, 2022 –  नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), नागपुर (कार्यालय-2) के पुरस्कार वितरण समारोह में वेकोलि के निदेशक (कार्मिक) डॉ. संजय कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर डॉ. संजय कुमार ने कहा कि भारत सरकार की राजभाषा नीतियों का अनुपालन करना सभी सदस्य कार्यालयों के दायित्व है। इस…

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रिश्ता आत्मा का-(चूड़ीवाला)

कहानी बहुत पुरानी है———। –मईयाँ—–मईयाँ—-। यह स्वर सुनते ही सुधा दौड़कर दरवाजे पर गयी।उसका हृदय खुशी से भर गया। दृष्टि हाथों की कलाईयों पर जा पड़ी। यह स्वर चूड़ीवाले काथा। माथे पर चूड़ियों कीटोकरी।कमर में चारखाने की रंगीन  लुंगीलपेटे वह दरवाजे पर आकर हाँक लगा रहा था।उसकी कमीज सफेद थी जिसकी पूरी बाहों को उसने…

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गर्मी की कुण्डलियाँ

अजय कुमार पाण्डेय 1 दिन सारा जलता लगे, लगे सुलगती शाम  रवि को कुछ इसके सिवा, और नहीं है काम और नहीं है काम, धूप में लगा तपाने बरसा के फिर आग, लगा औकात दिखाने न विद्युत है न नीर, जी रहे दिन गिन गिन सब प्राणी बेचैन, कठिन अब गर्मी के दिन। 2 जल…

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बदरपुर डायरेक्ट्री 2022 का कंस्टीट्यूशन क्लब में लोकार्पित

सोनू गुप्ता  नई दिल्ली । युवा कवि,लेखक,गीतकार,पत्रकार एंव साहित्य टी.वी. के संपादक  लाल बिहारी लाल के संपादन में बदरपुर डायरेक्ट्री 2022 का  लोकार्पण कंस्टीट्यूशनल क्लब ,नई दिल्ली में  भाजपा दिल्ली प्रदेश के उपाध्यक्ष श्री  के.एम. कर्मा, दिल्ली पुलिस से सेवा निवृत अधिकारी श्री पदम सिंह  पंवार, भारत सरकार के अराजपत्रित कर्मचारी यूनियन के संस्थापक श्री…

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