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आरोपों की अन्त्याक्षरी

राजनीतिक सफरनामा :   कुशलेन्द्र श्रीवास्तव तुकबंदी का दौर आ चुका है और यह तुक बंदी उत्तरप्रदेश से प्रारंभ हुई है । वहां के मुख्मंत्री ने एक नारा दिया ‘‘बंटेगें तो कटेंगें’’ अब इस नारे की काट खाजने के लिए तुकबं दी प्रारंभ हो गई । समाजवादी पार्टी ने अन्त्याक्षरी के जैसे इसे लपक लिया…

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ब्यूटी पार्लर का कमाल (व्यंग्य)

मुझे कविताएं लिखने का बड़ा शौक था। कविताएं लिखने से ज्यादा सुनाने का शौक था। कविताएं सुनाने से ज्यादा कवि सम्मेलन में जाने का शौक था। कवि सम्मेलन में जाने से ज्यादा तालियां बजवाने का शौक था। और सबसे बड़ी बात भले ही हम साठ बसंत देख चुके थे पर तीस का दिखने का शौक…

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डॉक्टर सुधीर सिंह एवं अनुराधा प्रकाशन के लिए गौरवशाली पल

शुभ दीपावली के दिन लखीसराय के कर्मयोगी श्री मिथिलेश मिश्र, जिलाधीश महोदय डॉक्टर सुधीर सिंह जी के गांव शेखपुरा के पहाड़ का अवलोकन करने आए।उनसे भेंट हुई और डॉक्टर सुधीर सिंह जी ने अपनी कुछ कृतियां ‘बापू तेरे देश में’ तथा अन्य काव्य संग्रह उन्हें उपहार के रूप में प्रदान कीं। श्री मिथिलेश जी ने…

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सम्पादकीय : मनमोहन शर्मा ‘शरण’

आप सभी को भारतीय संस्कृति के महान पर्व पंच दिवसीय महोत्सव की बधाई एवं अनन्त शुभकामनाएं। धन तेरस, नरक चतुर्दशी, दीपावली, गोवर्धन पूजा के साथ भाई-बहन के पवित्र पर्व भाई-दूज, ये सब पंच दिवसीय महोत्सव के अंग हैं।गोवर्धन पूजा एवं भाईदूज नवम्बर में (2-3) मनाएंगे। भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने की खुशी में लोग अपने…

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सामाजिक गमलों में बोन्साई से उगते हमारे कर्म

(पंकज सीबी मिश्रा, मिडिया विश्लेषक / पत्रकार जौनपुर यूपी )  यह विश्वास किया जाता है कि हमारे कर्म हमारे अगले जन्म को निर्धारित करते हैं। हमें नफरत और द्वेष से दूर रहकर प्रेम और सद्भाव को अपनाना चाहिए। हमें नकारात्मक विचारों से बचना चाहिए। कर्मों का प्रभाव हमारे वर्तमान जीवन पर पड़ता है। सकारात्मकता का…

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सूखे आंगन की दीवारी : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव

(राजनीतिक सफरनामा ) दीपमाला से कांक्रीट के आंगन सज चुके हैं और सीमेन्ट की मोटी-पतली दीवालों पर भी लाइटिंग जगमगा रही है । अब यही तो प्रदर्शित करती है कि दीपावली का त्यौहार आ चुका है । ऊंची-ऊची बिल्डिंगों पर रोशनी जगमग हो रही है, उनके परिवार के मुस्कुराते हुए चेहरों पर और पा लेने…

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यम द्वितीया का पौराणिक महत्व

 भारत त्योहारों का देश है। हिंदू धर्म में सभी त्योहारों का कोई ना कोई पौराणिक महत्व होता है ।सभी त्योहार किसी न किसी घटना से संबंधित होते हैं। कभी -कभी घटनाएं परंपराएं बन जाती है। सतयुग से कलयुग तक  हिंदू धर्म में कई परंपराएं आज भी ज्यों कि त्यों चली आ रही हैं।  आज भी…

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आर.एस.पब्लिक स्कूल ने धूमधाम से मनाया दशहरा महोत्सव

आर.एस.पब्लिक स्कूलrun by :लक्ष्मी ट्रेनिंग एजुकेशन सोसाइटीनवरात्रों में हर देवी का स्वरूप बनाकर सभी माताओं की कथा सुनाकर प्रतिदिन अतिथियो ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया गया और उनको शिक्षा के बल पर ही आगे बढ़ने की सलाह दी गई ये ही बच्चे आगे चलकर देश के निर्माण में अपनी भूमिका अदा करेंगे ।हरीनगर थानाध्यक्ष श्रीमान…

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कितना बदल गया इंसान’ (सम्पादकीय)

संपादक मनमोहन शर्मा ‘शरण’ अक्टूबर माह का प्रारंभ भारत की दो महान विभूतियों की जयंती से हो रहा है। 2 अक्टूबर एक और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती दूसरी ओर सादा जीवन उच्च विचार की सर्वोत्तम मिसाल भूतपूर्व प्रधानमंत्री लालबहादूर शास्त्री जी की भी। तिथि दो महानविभूतियाँ भी दो, जिन्होंने ना सिर्फ भारत अपितु…

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व्यंग्य : हथकंडो के हाथ पकड़े रखिए .!

       पंकज सीबी मिश्रा, राजनीतिक विश्लेषक / पत्रकार जौनपुर यूपी रूस ज़ब सीरिया के मुंह में सरिया घुसाए देश भर को शांति का पाठ पढ़ा रहा था वहीं दूसरी तरफ बांग्लादेश आ बैल मुझे मार की तर्ज पर खुद का ही उड़ता तीर अपने ऊपर लें लिया है। श्रीलंका की ज़ब लंका लगी थी तब…

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