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तुम गए तो आंखों में शोर था,

जैसे बारिश में छुपा कोई निचला ज़ोर था, मिट्टी की ख़ुशबू से भीगी पिच पर, तुम्हारे क़दमों का अभी तक कोई असर था। तुम्हारी हर इनिंग एक कहानी थी, पसीने से भीगी वो सफ़ेद जर्सी बेमिसाल निशानी थी, भीड़ की धड़कन, टीम की जान, तुम्हारे बिना ये मैदान कुछ वीरान था। तुम गए तो तालियों…

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पीबीएल-3: किदाम्बी श्रीकांत को हराते हुए प्रणॉय की लगातार 10वीं जीत

एच.एस. प्रणॉय ने मंगलवार को बाबू बनारसी दास उप्र बैडमिंटन संघ स्टेडियम में भारत के सर्वोच्च वरीयता प्राप्त पुरुष एकल खिलाड़ी किदाम्बी श्रीकांत को हराते हुए वोडाफोन प्रीमियर बैडमिंटन लीग में अपनी लगातार 10वीं जीत दर्ज की। प्रणॉय को इस साल हुई नालामी में अहमदाबाद स्मैश मास्टर्स टीम ने 62 लाख रुपये में अपने साथ…

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 कनाडा दिवस पर  संस्मरण – ए – संवाद का सफल आयोजन

वैकुंवर कनाडा से “मनस्विनी” किचन से कलम तक ग्रुप का एक और सफल आयोजन सम्पन्न हुआ।वैकुंवर कनाडा में शिखा पोरवाल व अस्मिता लॉरेंस ने    एक अनूठी शाम   ‘संस्मरण – ए – संवाद’ (आपकी मेरी कहानी]   अप्रवासी भारतीयों की   आपबीती अपनी जुबानीकार्यक्रम का मनस्विनी तथा अनुराधा प्रकाशन के पटल पर लाइव दिखाया गयाकार्यक्रम शनिवार 3 जुलाई  की शाम (कनाडा में) , (भारत में 4 जुलाई प्रातः) को खुशनुमा व यादगार माहौल में सम्पन्न किया गया .कार्यक्रम के तीन विशिष्ठ अतिथि थें। 1 नूतन ठाकुर जी –  स्पाइस रेडियो 1200 AM ,2 मनमोहन  शरण शर्मा जी – लेखक, प्रकाशक, पत्रकार व संपादक , अनुराधा प्रकाशन3 राकेश तिवारी जी –  टोरेंटो कनाडा में कवि, पत्रकार, संपादक और प्रकाशक।वैंकूवर में  अन्य सामुदायिक भागीदारों के साथ मिलकर किया। मनस्विनी की महिला सदस्यों ने भी बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया जैसे नरिंदरजी, मधुजी, दीपाजी , विजया जी, सुचित्रा जी व रेशमा जी ।किसी ने  सुन्दर कविता सुनाकर तो किसी ने अपने संस्मरण सुनाकर संमा बांध दिया। कसा हुआ  मंच संचालन अस्मिता  व शिखा पोरवाल  ने किया। कुल मिलाकर एक बेहतरीन शाम बीती अपनों से दूर  पर  अपनों के बीच। “मनस्विनी” ग्रुप की कोशिश…

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जो लोग लक्ष्य नहीं बनाते हैं,वे लक्ष्य बनाने वाले लोगों के लिए काम करते हैं

यदि आप अपनी योजना को सार्वजनिक कर दें, तो आप सामाजिक दबाव की वजह से उस पर अमल करने के लिए ज़्यादा समर्पित हो जाएँगे। योजना बताती है कि आदर्श परिस्थिति में क्या होना चाहिए। समीक्षा बताती है कि क्या हो रहा है और मनचाहा परिणाम पाने के लिए आपको क्या फेरबदल करना चाहिए। योजना…

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हिंदी भाषा की उत्पत्ति एवं विकास एवं अन्य भाषाओँ का प्रभाव (हिंदी दिवस पर विशेष )

डॉ सुशील शर्मा प्रारम्भिक अवस्था में मानव ने अपने भावों-विचारों को अपने अंग संकेतों से प्रषित किया होगा बाद में इसमें जब कठिनाई आने लगी तो सभी मनुष्यों ने सामाजिक समझौते के आधार पर विभिन्न भावों, विचारों और पदार्थों के लिए अनेक ध्वन्यात्मक संकेत निश्चित कर लिए। यह कार्य सभी मनुष्यों ने एकत्र होकर विचार…

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अब के बरस मानव चेतना की जागृति के दीप जलाएँ

कविता मल्होत्रा (संरक्षक एवं स्थाईस्ताभ्कर) राम राज्य की आकांक्षा तो सभी किया करते हैं मगर खुद राम होने से डरते हैं।अग्नि परीक्षा महिलाओं की ज़िम्मेदारी है।आज तक द्रौपदी का चीरहरण जारी है। कितने युग बीत गए मगर उस युग की महक आज भी हर एक मन को सुवासित करती है।कौन है जो मीरा के भक्तिभाव…

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राममय होता भारत

                                                                                                   कुशलेन्द्र श्रीवास्तव सारा देष राममय हो गया है । होगा भी क्यों नहीं नए बने राम मंदिर में भगवान राम विराजने वाले हैं । इस पूरे ायोजन के इस तरह से प्रचारित और प्रसारित किया गया कि हर कोई अपने अंदर बैठे राम के साथ एकमेव होने लगा । हर कोई भव्य राम मंदिर…

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आनन्द गिरि मायालु अंतरराष्ट्रीय हिंदी परिषद के नेपाल प्रमुख नियुक्त

कलकत्ता, 22 दिसंबर।हिंदी भाषा, साहित्य, कला और संस्कृति के विकास के लिए विश्व स्तर पर कार्य कर रही संस्था ” अंतरराष्ट्रीय हिंदी परिषद ” ने कार्य विस्तार किया है।इस अवसर पर नेपाल के युवा कवि, लेखक, पत्रकार, साहित्यकार और समाजसेवी आनन्द गिरि मायालु को संस्था का ” नेपाल प्रमुख ” नियुक्त किया गया है। परिषद…

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बजट

बजट के माध्यम से बढेगी गरीबों,मजदूरों, किसानो और महिलाओ की शक्ति सभी क्षेत्रों में योजनाओं से होगी वृद्धि राष्ट्र की बढेगी आर्थिक समृद्धि । अमीरो की हाय-हाय गरीबों का सौभाग्य अतिरिक्त टैक्स चार प्रतिशत गरीबों के लिए लाएगा अनेक वित्तीय उपहार। टेक्स स्लैब में बदलाव नहीं पाँच लाख आमदनी वालो को टैक्स देने का अधिकार…

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“करें नारी का सम्मान सभी जन”

नारी   मानवता की  पहचान , भरती है  सबके अन्दर जान । होती  सभी  गुणों  की  खान , करें  सभी   उसका   सम्मान ।। घर  की  इज्जत  होती  नारी , करती   स्वीकार   जिम्मेदारी । दिल  दया-करुणा का सागर , भरें उसमे सब अपनी  गागर ।। परीश्रम  की  होती  प्रतिमूर्ति , तन-मन मे  विद्धुत सी  फूर्ति । कुछ …

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