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बूढ़ा-बुजुर्ग जब वृद्धाश्रम में बस जाता है

सिर पर बोझ जब भीअसह्य हो जाता है, आदमी तुरंत  उसे उतार कर रख देता है. इस भरी  दुनिया में  सिर्फ माता-पिता ही, संतान की जिम्मेवारी जीवन भर ढोता है. फूल समान लगता है सबों का बोझ उसे, माँ-बाप  मुस्कुराकर उसे उठाता रहता है. खुद के बुढ़ापा का बोझ  भूल  जाता वह, गदहे की तरह…

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सुबह

सुप्रभात अलविदा करता रात कोखिले कमल औरसूरज की किरणों की लालिमालगती चुनर पहनी होफिजाओं ने गुलाबीखिलते कमल लगतेतालाब के नीर नेलगाई हो जैसेपैरों में महावारभोर का ताराछुप गया उषा के आँचलपंछी कलरव ,माँ की मीठी पुकारसच अब तो सुबह हो गईश्रम के पांव चलने लगेअपने निर्धारित लक्ष्यऔर हर दिन की तरहसूरज देता गयाधरा पर ऊर्जासंजय वर्मा…

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AWWA (आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन) सम्मान समारोह

AWWA संस्था ने सदैव ही सेना परिवार एवं उन पर आश्रित महिलाओं के सम्मान सुरक्षा का ध्यान रखा है एवं प्रतिभा शाली महिलाओं का सम्मान AWWA की विशेष पहल रही है एवं सेना से जुड़ी महिलाओं के लिए एक मंच प्रदान करना जहां वे सशक्त बन सके यह संस्था पूरे सेना परिवार के लिए एक…

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विवाह

विधा:-कविता युगल बिताने अपना जीवन, बंधन में बॅंध जाते हैं। हर विवाह की रीति यही है, पति-पत्नी कहलाते हैं॥ धर्म विधान मान्यता पालन, निज समाज का संग रहे। हक सह दायित्वों का संगम, पत्नी का पति अंग रहे॥ नहीं अनैतिकता का पोषक, सुखी शांति उद्देश्य रहे। अत्याचार कमी हो जीवन, मेल-जोल का भाव रहे॥ निर्वाहन…

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भीमराव आंबेडकर

भीमराव महान, बने संविधान निर्माता। जनक संविधान के, देश भाग्यविधाता। दिया गणराज्य हमें, नया भारतबनाया। बने सर्वेसर्वा हम, नया कानून बनाया।। स्त्री पुरुष में भेद नहीं, सम अधिकार दिलाया । दी समानता की शिक्षा, ज्ञान प्रकाश फैलाया। दलित, शोषित,पिछड़ों खातिर जी जान लगाई। एकता का पाठ पढ़ाया ,नई पहचान कराई।। “शिक्षा” शेरनी का दूध, जो…

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देशप्रेम

निशि  मुझे आज ही जाना होगा , जल्दी से तैयारी करा दो ।” समर बोला।        “कैसे ,अभी कल ही तो आते हो और आज फिर जाना है ?” निशि का चेहरा उदास हो गया।    “यही तो हमारी वर्दी का कमाल है ,जब चाहे तब बुलावा आ जाता है । आखिर जिम्मेदारी भी तो…

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गुलाबी/काला/ सफेद..

कई दिनों से!दिन क्या महीनों से बंद हूँ।न खुलकर सांस ले पा रहा हूँ,न ही रोशनी की किरण ही मुझ तक पहुँच रही हैं।दम घुट रहा है।              शायद उसके कदमों की आहट है। पता नहीं आज क्या करेगा? मुझे निकालेगा या मुझ जैसे और साथियों को यहाँ बंद कर देगा। हे ईश्वर!                हाँ…

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श्री चौरासिया ब्राह्मण समाज समन्वय समिति के व्दारा‌ ‘राष्ट्रीय प्रबुद्ध ब्राह्मण‌ महासम्मेलन‌’ का सफल आयोजन

नयी दिल्ली; श्री चौरासिया ब्राह्मण समाज समन्वय समिति द्वारा आयोजित “राष्ट्रीय प्रबुद्ध ब्राह्मण सम्मेलन” कल यानि 23 मार्च 2025 को एनडीएमसी सभागार, 15 संसद मार्ग, नई दिल्ली में परम पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य ज्योतिष्पीठाधीश्वर अनंत श्री विभूषित स्वामी देवादित्यानंद जी महाराज की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। सर्वाधिक प्रतिष्ठित व्यक्तियों में, द्वापरयुग में श्री द्रोणाचार्य जी व्दारा…

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अपने होने का आनंद- आत्म निरीक्षण 

सुख-दुःख का संबंध मन और शरीर से होता है, जबकि आनंद का संबंध अंतरात्मा से होता है। आनंद अगर मिल जाए तो व्यक्ति उसे छोड़ना नहीं चाहेगा। प्रश्न यह है कि आनंद की प्राप्ति कैसे हो? इसके लिए हमें स्वयं से प्रेम करना और दूसरों में प्रेम बांटना होगा। ईश्वर द्वारा निर्मित जीवों के प्रति…

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राष्ट्रभाषा  हिंदी के आगे आज भी नतमस्तक है समाज ..!

हिंदी दिवस के अवसर पर हिंदी भाषा की सार्थकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अधिकतर  कालजई रचनाएं हिंदी भाषा में ही उद्धृत है । हिंदी हमारी राजभाषा है अर्थात राज्य के कामकाज में इस्तेमाल की जाने वाली भाषा है। अंग्रेजों से स्वतंत्र होने के बाद भारत ने 14 सितंबर 1953…

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