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अंतरिक्ष यात्री का त्याग किसी भी उच्च से उच्च श्रेणी के तपस्वी से महान है

गृह और किसी अन्य ग्रह का दृश्य एक जैसा कैसे हो सकता है ?  ग्रह पर जोखिम बहुत है। अगर हमारी फ्लाइट या ट्रेन की समय-सारिणी बदल जाती है, तो हम एक प्रकार से एयरपोर्ट अथवा स्टेशन पर फंस जाते हैं और हम इन क्षणों में बेचैनी और हताश से भर जाते हैं। सोचिये क्या…

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‘बेरोजगारी के दौर में युवा शक्ति कौशल और शिक्षा’

युवाओं को सशक्त बनाने की कुंजी, कौशल विकास के साथ है, जब एक युवा के पास आवश्यक कौशल होता है तो वह उसका उपयोग अपनी आजीविका व दूसरों की सहायता करने के लिए कर सकता है। वह आर्थिक रूप से राष्ट्र का भी समर्थन करता है। कौशल विकास न केवल आजीविका का साधन है बल्कि…

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इंदौर में 6 हजार सरकारी कर्मचारियों का वेतन रुका, नहीं ली थी कोरोना की सर्तकता डोज

इंदौर जिले के छह हजार सरकारी कर्मचारियों, जिन्‍होंने कोरोना की सतर्कता डोज के रूप में तीसरा टीका नहीं लगवाया है उनका जनवरी माह का वेतन रोक दिया गया है। इसमें नगर निगम, जिला पंचायत, सहकारिता विभाग, स्वास्थ्य विभाग, कृषि और बागवानी विभाग और पुलिस, एपीटीसी सहित बीएसएफ और विभिन्न बटालियन के कर्मचारी और अधिकारी शामिल हैं। इनमें से बहुत…

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राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का रोचक इतिहास : लाल बिहारी लाल

आजादी की पहली मांग सन् 1857 ईस्वी में पुरजोर तरीके से उठी उसी समय राष्ट्र के ध्वज बनाने की योजना बनी परंतु पहले स्वतंत्रता संघर्ष के परिणाम को देखकर झंडे की मांग बीच में ही अटक गई । वर्तमान स्वरूप में विद्यमान झंडा कई चरणों से होकर गुजरा है । प्रथम चित्रित ध्वज स्वामी विवेकानंद…

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साहित्यकार सविता चड्ढा को मिलेगा  ‘प्रज्ञान विश्वम सम्मान’

मैसूर साहित्य महोत्सव साहित्यकार सविता चड्ढा को मिलेगा  प्रज्ञान विश्वम सम्मान नई दिल्ली -अखिल भारतीय सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति का तीन दिवसीय अठारहवां राष्ट्रीय अधिवेशन आगामी 19/ 20/21 जून को कर्नाटक के ऐतिहासिक नगर  मैसूर के “रॉयल इन” सभागार में आयोजित किया जा रहा है। वैश्विक चिंतक कवि प्रज्ञान पुरुष पंडित सुरेश नीरव की अध्यक्षता…

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एप्सटिन फ़ाइल्स : शर्म, सन्नाटा और हमारी सामूहिक विफलता

सत्ता-संरक्षित अपराधों के सामने समाज, मीडिया और न्याय की सामूहिक परीक्षा)  — डॉ. सत्यवान सौरभ इतिहास के कुछ क्षण ऐसे होते हैं जब सभ्यता अपने ही आईने में झाँकने से डरने लगती है। आज हम ठीक उसी मोड़ पर खड़े हैं। जिन कांडों का खुलासा हो रहा है—जिनके वीडियो, दस्तावेज़ और गवाह सार्वजनिक हो चुके…

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जादुई अवाज की मल्लिका की आवाज खामोश हो गई

लाल बिहारी लाल  स्वर कोकिला लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर 1929 ईस्वी को मध्यप्रदेश के इंदौर रियसत में हुआ था।  इन्हें गायकी अपने पिता से विरासत में मिली । इनके पिता हृदयनाथ मंगेशकर एक शास्त्रीय गायक थे।  इनकी पहली फिल्म मंगलागौड़ 1942 में आई थी और इन्होंने  कई फिल्मों में बाल कलाकार के रूप में…

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सफलता और पूजा एक दूजे के पूरक

कि आपको यह मुकाम हासिल करने में किन परेशानी का सामना करना पड़ा। इस पर पूजा जी ने बताया कि लगभग दो साल से सोशल मीडिया पर काम कर रही हूँ। मेरे परिवार में मेरे दो बच्चे मेरे पति और मेरे मम्मी पापा है। मैंने दो साल पहले वे नहीं सोचा था कि एक वीडियो…

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शीर्षक (संवाद )

एक दिन एक शेर शेरनी से बोला ओ भगवान क्या है हमारे समाज का हाल मैंने सुना है कल ही एक शेर ने दूसरे शेर की खींची थी खाल यह बात आज तक मुझको समझ नहीं आ रही है क्यों हम जानवरों को इंसानों की लत लगती जा रही है आज इंसान इंसान का गला…

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उम्मीद के दीप

माना रात घनी है,घोर तमस से भरी है। उजियारी भौंर के सामने कई चुनौतियाँ धरी हैं। तुम सूरज पर एतबार बनाए रखना। उम्मीदों के दीपक जलाए रखना। मंजिल बहुत दूर हो,दर्द बेहिसाब हो। सबसे मेरा रश़्क हो,उजड़े हुए मेहताब हो। जुगनुओं से इल्तिफात तुम बनाए रखना। उम्मीदों के दीपक जलाए रखना। मंज़र-ए-नदीश में कष्ट इफरात…

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