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Russia Ukraine War LIVE: रूस और यूक्रेन के बीच चौथे दिन भी जंग जारी, रूसी सेना ने खार्किव में गैस पाइपलाइन को किया तबाह

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध का आज चौथा दिन है। रूस और यूक्रेन के बीच हालात लगातार बिगड़ते ही जा रहे हैं। रूस की सेना ने यूक्रेन की राजधानी कीव तक पहुंच गई है। दोनों देशों के बीच अब आमने सामने की जंग हो रही है। संयुक्त राष्ट्र ने बताया कि गुरुवार…

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ब्रह्म और महासून्यता शून्य से परे एक आध्यात्मिक दृष्टि

Nothingness*हमारी संस्कृति में ‘शून्यता’ शब्द बहुत बार गलत समझा और व्याख्यायित किया गया है। गणितीय शून्य केवल संख्या है एक अंक जो मात्रा की अनुपस्थिति दर्शाता है। वहीं सन्यता/सून्यता (Sunnata) का अर्थ है सब कुछ का अभाव -न कोई गुण, न कोई वस्तु, न कोई पहचान। मेरी पुस्तक और शोध इसी फर्क को स्पष्ट करने…

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नव वर्ष 2024 की बधाई : सम्पादकीय

मनमोहन शर्मा ‘शरण’ नववर्ष 2024 आपके तथा आपके परिवारजनों के लिए, पूरे राष्ट्र के लिए शुभ हो, यही कामना और मेरी प्रभु से प्रार्थना है । कुछ नयापन करने के लिए प्रतिदिन नये उत्साह के साथ अपने कर्म पर जुट जाते हैं और बात जब पूरे वर्ष की हो, नए वर्ष में प्रवेश करने की…

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गुरुग्राम में सिंधी संस्कृति का भव्य उत्सव: ‘सुहिणी शाम सिंधियत जे नाम’

गुरुग्राम: श्री झूलेलाल सेवा समिति, गुरुग्राम द्वारा सिंधी संस्कृति, कला और साहित्य को समर्पित एक भव्य सांस्कृतिक संध्या “सुहिणी शाम सिंधियत जे नाम” का आयोजन 5 जुलाई 2025 को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह मनमोहक कार्यक्रम शनिवार शाम 5:00 बजे से रात 8:30 बजे तक अपैरल हाउस, सेक्टर 44, गुरुग्राम में आयोजित किया गया। इस आयोजन…

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“उलझन”

शाम का समय,आकाश में बादल छाये  हुए थे, हवा तेज चल रही थी और मौसम भी जाड़े का। लोग अपनी-अपनी रजाई में दुबके पड़े गर्म चाय का आनन्द ले रहे थे। सरिता चाय के साथ ही साथ कुछ इधर उधर की बातें भी कर रही थी तभी बगल वाले अजय जी की बातें होने लगीं।…

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मधुबन ही मधुबन हो (श्रंगार गीत)

गूंथ लिया सारा बसंत अपने जूड़े में ,मौसम कहता है तुम फागुन ही फागुन हो। होटों से लिपट लिपट मखमली हंसी तेरी,दूधिया कपोलों का चुंबन ले जाती है।झील के किनारों को काजल से बांधकर,पनीली सी पलकों में सांझ उतर आती है। महावारी पैरों से मेहंदी रचे हाथों तक,छू छू कर कहे हवा चंदन ही चंदन…

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श्री गुरु नानकदेव जी के 550वें शताब्दी वर्ष में तीसरा ऑनलाईन कवि दरबार संपन्न – स.हरभजन सिंह दिओल

नई दिल्ली, भारत सरकार द्वारा श्री गुरु नानकदेव जी के 550वें शताब्दी वर्षके सिलसिले में कोरोना महामारी की वजह से बंद हुए कवि दरबारों को ऑनलाईनके माध्यम से शुरु किया गया है । इस कड़ी में भारतीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा तीसराऑनलाइन कवि दरबार आयोजित किया गया । जिसमें विभिन्न कवियों द्वारा श्री गुरुनानकदेव जी की…

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“अपने पराए”

विपत्ति के समय ही मनुष्य के चरित्र की पहचान होती है। कौन अपना है और कौन पराया है, इसका पता मुसीबत में ही लगता है। इस घटना के जो मुख्य पात्र हैं वो आज नहीं हैं। परन्तु घटना से मिली एक सीख आज भी मुझे याद है। दादाजी के गुजर जाने के बाद की घटना…

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नारी (कविता-9)

नारी  नारी कुल की मर्यादा है।  नारी उपहास की चीज नहीं।  जो मान घटाए नारी का, तो उसको कोई तमीज नहीं।।  सम्मान आबरू है नारी।  सब कुछ समाज पर है वारी।  आगे बढ़ने दो नारी को,  उसकी सीमा दहलीज नहीं,,,,,,, प्रसव की पीड़ा कौन कहे।  हर गम को नारी मौन सहे।  सब्र का दूजा नाम…

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