सचिन पायलट की ठंडी हुंकार
राजनीतिक सफरनामा : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव सचिन पायलट ‘‘खोजी खबरदाता’’ के रूप् में उभर चुके हैं । सारे लोग उनके हर एक कदम को विशेष निगाहों से देखते हैं और हर शब्द का विश्लेषण कर अपनी नई सोच बनाकर परोस देते हैं । मीडिया को चाहिए ‘‘सबसे पहले’’ वाली न्यूज, इस के चक्कर में वे हर…
जी हाँ, दिल्ली जीत गई
मनमोहन शर्मा ‘शरण’ (संपादक -उत्कर्ष मेल) चुनाव आते हैं, चले जाते हैं । एक्जिट पोल हो–हल्ला और परिणाम के बाद शांत होकर कहीं मंथन, कहीं चिंतन होता और जिंदगी अपनी वही रफ्तार पकड़ लेती है । विभिन्न राज्यों में चुनाव होते हैं किन्तु उनकी जीत–हार के मायने पार्टी–क्षेत्र् की जनता तक सीमित होते है ।…
सलाह देने की आदत
हेमंत जी अपना घर बड़े मन से बनवा रहे हैं। कोई कसर न छोड़ी मकान बनवाने में। पूरी जिंदगी का ख्वाब जो पूरा हो रहा था उनका। बचपन से ही पुराने मकान में रहते हुए जिंदगी गुजर गई। अब अपने मकान का घर का सपना पूरा हो रहा था। सारा दिन मकान बनवाने की भागा…
मिश्रा, वर्मा की टिप्पणियों का भाजपा समर्थन नहीं करती : रविशंकर प्रसाद
दिल्ली में हुई हिंसक घटनाओं के पीछे उन नेताओ के बयान को भी माना जा रहा है जिन्होंने अपने बयान से आग में घी डालने का काम किया . उनमे से कपिल मिश्रा, वर्मा के साथ साथ अन्य नेताओं के विवादास्पद बयानों पर कड़ी आलोचनाओं के बीच भारतीय जनता पार्टी ने ऐसे बयानों को नामंजूर…
भारत की एकता शांति समृद्धि और विकास का संकल्प हो
कविता मल्होत्रा (संरक्षक , स्तंभकार, उत्कर्ष मेल) भारत की आज़ादी का जश्न मनाने के लिए राष्ट्रीय ध्वज फहरा देने भर से किसी भी भारतवासी का अपने राष्ट्र के प्रति दायित्व पूरा नहीं हो जाता।भारत की एकता, शांति, समृद्धि और विकास का प्रतीक तिरंगा फहराना कोई रस्म नहीं बल्कि अपने देश के प्रति रक्षात्मक प्रवृत्ति का…
दुनिया में अलख जगाना है
जब व्यक्ति के रग-रग में, राष्ट्रीयता का रक्त बहता है. वैसे ही नागरिक का देश, दुनिया का नेतृत्व करता है. Doctor Sudhir Singh जहां का एक-एक आदमी, देशहित की ही करता बात. सबका एक ही रहता लक्ष्य, प्रत्येक व्यक्ति करे विकास. उस समृद्ध और शांत देश में, स्वर्ग का सब सुख उपलब्ध. आइए! मिलकर शपथ …
भारत का वर्तमान नेतृत्व सशक्त और सतर्क है
भारत का वर्तमान नेतृत्व सशक्त और सतर्क है,राष्ट्रहित में निर्णय लेने में सजग और निडर है.धारा 370 काअब कश्मीर में रहा न नामोनिशान,कश्मीर से कन्याकुमारी तक रहेगा एक संविधान.जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में सिर्फ तिरंगा फहरेगा, राष्ट्रध्वज के सामने वहां जयहिंद का नारा गूंजेगा.भारतमाता के आँगन का जन्नत है जम्मू-कश्मीर,धारा 370 की विदाई से चमकेगी उसकी तकदीर. इस…
सबको सन्मती दे भगवान : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव
गैस की हाहाकार सच्ची में या केवल अफवाह ? अब इस प्रश्न का उत्तर खोजा जा रहा है । जिनको खोजना है वे खोज ही रहे हैं पर आम व्यक्ति परेशान है । रसोई गैस अब आम इंसान के लिए हवा-पानी की भांति ही जरूरी हो चुकी है । रोटी खाना है तो पकाओगे काहे…
अक्षय तृतीया (आखा तीज)
मंजुलता वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को ‘अक्षय तृतीया’ या ‘आखातीज’ कहते हैं। ‘अक्षय’ का शाब्दिक अर्थ है- जिसका कभी नाश (क्षय) न हो अथवा जो स्थायी रहे। अक्षय तृतीया तिथि ईश्वर की तिथि है। इसी दिन नर-नारायण, परशुराम और हयग्रीव का अवतार हुआ था इसलिए इनकी जयंतियां भी अक्षय तृतीया को मनाई…
