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कहा भरोगे पाप की कमाई , ढाबे से लेकर चाय वाले तक ने लूट मचाई

पंकज सीबी मिश्रा  / राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर,  यूपी सम्पूर्ण प्रयागराज इन दिनों श्रद्धालुओं से पटा पड़ा रहा । चारों तरफ कई दिन तक भीसड़ जाम की स्थिति बनी रही । गाड़ियों के बीच बीस से तीस घंटे तक लोगों को सड़कों पर फंसे रहना बेहद कष्टदाई रहा । फरवरी माह में माघी पूर्णिमा…

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नेता जी की जय-जयकार

पुष्प रहे खूब पाँव पखार नेता जी की जय-जयकार ……..       तुम हो श्रेष्ठ,सकल गुणवान       सेवा, श्रम, अर्पण पहचान       त्याग, तपश्चर्या की मूरत       और कहाँ कोई है सूरत       अद्भुत,अपरम्पार कहानी       मिलती कहीं न एक निशानी       करूँ नमन मैं बारम्बार       नेता जी की जय-जयकार… …… विविध रूप धर करते…

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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की सभी महिलाओं को बहुत बहुत शुभकामनाएँ : सीमा शर्मा

हम महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए आवाज़ स्वयं उठानी है न कि मध्य संस्कृति में नारी के सम्मान को बहुत महत्व दिया गया है माँ अर्थात वार्ता के रूप में नारी की धरती पर अपने सबसे पवित्रतम रूप में है न कि नारी को ईश्वर ने जन्मदात्री के रूप में उतारा है  नारी ही…

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फिर से अभिमन्यु (दिनेश कपूर )

दुआ मेरी गूंगी है, रब मेरा बहरा है. उफनती दीवारों पर सब्र का पहरा है. हथेलियों पे छाले पड़ जाते हैं, जब परछाइयों को पकड़ता हूँ, जकड़ता हूँ. जकड़ी परछाई डरी सहमी रहती है. ढील हुई नहीं कि ये गई, वो गई. अपने जिस्म से जुडी भी डरती है कम्बखत जिंदगी. तारों से परे दुबक…

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अब के बरस मानव चेतना की जागृति के दीप जलाएँ

कविता मल्होत्रा (संरक्षक एवं स्थाईस्ताभ्कर) राम राज्य की आकांक्षा तो सभी किया करते हैं मगर खुद राम होने से डरते हैं।अग्नि परीक्षा महिलाओं की ज़िम्मेदारी है।आज तक द्रौपदी का चीरहरण जारी है। कितने युग बीत गए मगर उस युग की महक आज भी हर एक मन को सुवासित करती है।कौन है जो मीरा के भक्तिभाव…

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खिड़की

चुपके चुपके बिना पदचाप पैर पसार रही अजब बीमारी  इसको नहीं किसी का भी डर क़ाबू कर ली है दुनिया सारी जीव जंतु तो घूम रहे खुले में  मानव क़ैद हुआ घर के भीतर अब इनको भी समझ में आया आज़ादी और पिंजरे में अंतर मोटर ट्रक भी न धुंआ उड़ाते ख़त्म ही हो गया…

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राष्ट्र-गीत : पहरुये ! सावधान रहना…

घर   में  सेंध   लगाने   की  वे  फिर  करते   तैयारी,             पहरुये !  सावधान   रहना। पश्चिम सीमा   पर   खतरा  है,पूरब   में  मत  डोल, अभी रात   बाकी है   कितनी   धीरे- धीरे      बोल, कल जो हाल हुआ हम सबका,उसका दुख है भारी,            पहरुये !  सावधान   रहना। तुमने   कितने धोखे   खाए  विश्वासों   में    पड़कर, ये व्यापारी   नहीं,   न…

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अनुभवों का नया पिटारा खोलता  नव वर्ष 2024 ..!

एक और आंग्ल वर्ष 2023 समाप्त हो चूका है और आंग्ल नव वर्ष 2024 का दस्तक हुआ है यह वर्ष राम मंदिर स्थापना और लोकसभा चुनावों की भेंट चढ़ने वाला है। उधर कुछ लोग जान बूझकर दिवाली होली  क्रिसमस का विरोध ऐसे करते हैं जैसे उन्होंने देश का ठेका ले रखा है। उत्तर भारत में…

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रामपग यात्रा से हो रहा राम के आदर्शो और  संघर्षो कों जानने का प्रयास  ..!

    गाँव शहर में एकदम से प्रभु राम छाए हुए हैं । अधिकांश लोगों के मोबाइल में कॉलिंग ट्यून और कॉलर ट्यून दोनों रामजी के भजनों का लगा हुआ है। हर दो मिनट में कहीं बज जाता है, राम आएंगे आएंगे राम आएंगे। जहां भी चार लोग मिलते, अयोध्या जी की बात छिड़ जाती ।…

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अन्तर्द्वन्द्व—(कहानी) : आशा सहाय

सन्नाटा है चारो तरफ।मैं चीख रही हूँ।लगता है, दूर दूर तक मेरी चीख की आवाज पहुँच गयी होगी।पर, नहीं – कहींकोई आवाज नहीं।एक गहरे सन्नाटे की ध्वनिसे भरा पड़ा है सबकुछ।सन्नाटे की एक विचित्र सी गूँज मस्तिष्क को बौखलाहट से भर रही है।और अधिक जोर से चीखने का मन हो  रहा है।पर,चीख जैसे मेरे अन्दर…

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