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सूरज की सगी बहन

आग उगलती दोपहरी ये अंगारे सा दिन, कब आषाढ़ घन गरजेंगे कब बरसेगा सावन। प्यासे अधर नदी झरनों के, कंठ कुओं के सूखे, दिन भर के दुबके नीड़ों में, पंछी सोऐं भूखे। प्रातः से ही तपन तपस्विन करने लगी हवन, कब मेघों का बिजुरियों से होगा मधुर मिलन। सड़कों पर सन्नाटा लेटा, मृग मरीचिका बनकर,…

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श्री चौरासिया ब्राह्मण शिक्षा समिति ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रतिभाशाली बच्चो को सम्मानित किया

श्री चौरासिया ब्राह्मण शिक्षा समिति के अध्यक्ष आदरणीय पं. नरेश कुमार शर्मा के द्वारा गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2023 को प्रातः 09-15 बजे अपने शिक्षा समिति भवन, प्लाट नं – 1044ए, सैक्टर -15, पार्ट- 2, गुरुग्राम, हरियाणा में ध्वजारोहण किया गया तथा मुख्य अतिथि आदरणीय डाक्टर तनूजा शर्मा धर्म पत्नी आदरणीय डाक्टर केशव शर्मा (उप…

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शिव समान मोहि प्रिय नही दूजा !

श्रावण माह कैलाशपति भगवान नीलकंठ के कृपा का माह माना जाता है । सड़को पर रंग बिरंगे कावड़ो से सजे कावड़ियों की यात्रा अनायास ही भक्ति भाव से ओत प्रोत कर देती है । आजकल सड़को पर नमाज और हनुमान चालीसा का मुद्दा जोर पकड़ रहा । भक्ति और श्रद्धा केवल सहज शुद्ध हृदय से…

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वर्तमान का क्षण : ललित पारिमू

मनुष्य अगर अपने दैनन्दिन कार्यों पर एक पैनी नज़र दौड़ाए तो वो इस निष्कर्ष पर पोहोंच सकता है कि  वो अपने दिन का अधिकतम समय भविष्य और भूत काल में ही बिताता है। वर्तमान क्षण से उसका सम्बन्ध कम ही बना रहता है । और जो दिन भर में उसे थोड़ा सा सुख और आनंद…

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बुर्खा और घूँघट प्रथा —-एक सामाजिक बुराई

कभी तो देखे अपनी माँ को, जो बुर्खा मुख पर ओढ़े थी , कभी बोलती बिना जुबां के, माँ कब तू मुख खोलेगी ! क्या मेरी जवानी और बुढ़ापा तेरी तरह ही गुजरेगा , जो तेरे था साथ हुआ, क्या वो सब मुझपर बीतेगा ! कैसे गर्मी धूप में भी तू, सर ढक कर के…

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दीवाल पर टांग लिया नया कैलेण्डर

राजनीतिक सफरनामा : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव एक अलसाई सुबह के साथ नए कैलेण्डर के नए पन्ने पर अंकित नए वर्ष के उदित होते सूरज ने आंगन में अपनी रोशनी बिखेर दी है । ‘‘यह हमारा नव वर्ष नहीं है’’ के स्लोगन के बीच भी सोशल मीडिया पर शुभकामनाओं की भरमार है । हर साल 31 दिसम्बर…

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सही परवरिश

बृजेश जी और उनकी पत्नी अनिता जी दोनों मिलजुल कर अपनी गृहस्थी चला रहे हैं। बृजेश जी एक सरकारी कॉलेज में लेक्चरार हैं। स्कूल में भी बच्चों को अच्छी तरीके से पढ़ाते हैं बृजेश जी और अपने बच्चों पर भी उनकी परवरिश पर दोनों पति-पत्नी ने पूरा ध्यान दिया है। आज इन्हीं दंपति की मेहनत…

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परिवार के वट वृक्ष – पिता

पिता एक ऐसा शब्द जिसके बिना किसी के जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। एक ऐसा पवित्र रिश्ता जिसकी तुलना किसी और रिश्ते से नहीं हो सकती है। यह सत्य है कि हमेशा माँ के बारे में ही लिखा जाता है । हर जगह माँ को ही स्थान दिया जाता है पर हमारे…

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डॉ अरुणा पाठक आभा विंध्य प्रदेश रीवा को सम्मानित किया गया श्रेष्ठ साक्षात्कारकर्ता के विश्व साहित्य शिखर सम्मेलन  में।

22 सितंबर 2023 को शाम 7:00 बजे शेबराॅन होटल एसपी बंगले के सामने एमएस रोड मुरैना मध्य प्रदेश में तीन दिवसीय #विश्व साहित्यकार शिखर सम्मेलन 2023 की श्रृंखला का तीसरा #कवयित्री सम्मेलन सत्र के रूप में संपन्न हुआ। आयोजन के #कवयित्री सम्मेलन सत्र की #अध्यक्षता हिंदी भोजपुरी की सुप्रसिद्ध रचनाकार डॉ मधुबाला सिन्हा मोतीहारी बिहार…

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“राखी”

        राखी नाम की एक दुबली-पतली बीमार -सी ,साँवले रंग की एक लड़की,उम्र यही तेरह- चौदह की साल रही होगी । वह आठवीं कक्षा में पढ़ती थी । राखी कक्षा में बिलकुल पीछे बैठती थी। वह हमेशा चुपचाप बैठी रहती शायद इसी लिए उसकी कोई  सहेली भी नहीं बनी थी । हाँ अगर शिक्षिका कक्षा…

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