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विकसित भारत का लक्ष्य पाने के लिए स्थिर सरकार जरूरी”: वित्त मंत्री

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘जब तक जीडीपी नहीं बढ़ेगी, हम अर्थव्यवस्था की मांगों को पूरा नहीं कर पाएंगे. हमें निवेश एवं सेवाओं को बढ़ाने, शैक्षणिक संस्थानों और लोगों को घर खरीदने एवं कारोबार शुरू करने के लिए धन की जरूरत होती है.’ केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि वर्ष…

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दिल्ली सरकार ने IPL सहित अन्य बड़े आयोजनों पर लगायी रोक

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने सम्मेंलन में पत्रकारों से कहा, ‘‘दिल्ली सरकार ने कोरोना वायरस को फैलाने से रोकने के लिए आईपीएल समेत सभी खेल, बड़े सेमिनार, कोंफ़्रेंस आदि के आयोजन पर पाबंदी लगा दी है।’’ दिल्ली सरकार ने कोविड-19 के प्रकोप के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी में 31 मार्च तक…

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पश्चाताप

मंजू लता (राजस्थान) आज रामदीन  बहुत ही उदास बैठा था ।आज फिर उसके बेटे रमेश ने लड़ाई की।उसे घर छोड़ने को कह दिया। यह रोज की बात हो गई थी। वह बैठे-बैठे पुरानी यादों में खो गया । जब चार बेटियों के बाद बेटा रमेश हुआ था । दोनों पति पत्नी बहुत ही खुश हुए…

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करोना को सोच के खुद को ना भूले !

अति बौद्धिकवाद एजेंडा धारी दर्शन भी आतंक का ही रूप स्वरूप है। मात्र आलोचना या वादी प्रतिवादी को ही विद्वता नहीं कहते । इसके लिए आदमी के पास व्यवहारिक ज्ञान के साथ सम्यक व्यवहार होना नितांत अनिवार्य है। अब समय आ गया है ,  मजदूरों का रोना रोना बंद कर दीजिये  , मजदूर घर पहुंच…

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तितली के पंख : अरुण कुमार शर्मा

क्या, तितली के पंख को तुमने, हाथ लगा कर देखा है , जिसपर वो मंडराती है, उस फल को खाते देखा है ! क्या देखी है “अरुण” कभी, तनहाई सूरज की बोलो , क्या तुमने रवि की किरणों को, पास से जाकर देखा है! चंदा हँसता है खिलकर, और तारे मुसकाते तो हैं , मुझे…

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समर्थन

विधवा शब्द कहना कठिन  उससे भी कठिन अँधेरी रात में श्रृंगार का त्याग  श्रृंगारित रूप का विधवा में विलीन होना जीवन की गाड़ी के पहिये में  एक का न होना चेहरे पर कोरी झूठी  मुस्कान होना  घर आँगन में पेड़ झड़ता सूखे पत्ते  ये भी साथ छोड़ते  जीवन चक्र की भाति  सुना था पहाड़ भी…

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लो कर गए प्रवेश नए वर्ष में फिर हम.

लो कर गए प्रवेश नए वर्ष में फिर हम बस देखते रहे गुज़रते पलों को हम l जाता हुआ साल इतिहास लिख गया क्या पाया हमने खोया सब हिसाब लिख गया कुछ हसरतें थीं दिल में जो पूरी न हो सकीं कुछ पल खुशी के साथ मेरे नाम लिख गया लेकर नई आशाएं बढ़ें सबके…

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महात्मा गांधी आजादी के 75 साल बाद भी  प्रासंगिक है

लाल बिहारी लाल मुगल साम्राज्य से जब सत्ता अंग्रैजो के हाथ में गई तो पहले अंग्रैजों का व्यापारिक उदेश्य था पर धीरे-धीरे उनका राजनैतिक रुप भी सामने नजर आने लगा। और वे अपने इस कुटिल चाल में कामयाब भी हो गये । धीरे–धीरे उनके क्रिया-कलापों के प्रति जनमानस में असंतोष की भावना पनपने लगी इसी…

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रेशमा

              रेशमा एक बहुत ही सीधी-सादी लड़की थी । जहां उसके साथ की लड़कियां फ़ैशन ,टीवी और मोबाइल में लगी रहती थी वहीं वह उम्र से पहले ही बड़ी हो चुकी थी। रेशमा का पिता शराबी था वह दर्जी का काम किया करता था परन्तु सारी की सारी कमाई अय्याशी और शराब पर लुटा दिया…

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देश के हर कोने में धूमधाम से खेली जा रही होली, बांग्लादेश के इस्कॉन मंदिर में 200 लोगों की भीड़ ने हमला कर की तोड़फोड़

आज रंगों का त्योहार होली देशभर में धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस बार होली ज्यादा खास भी है क्योंकि करीब दो साल बाद यह पहला मौका है जब लोग बिना कोई पाबंदियों के रंगोत्सव मना पाएंगे। कोरोना महामारी के चलते लोगों को दो साल पाबंदियां भी झेलनी पड़ी और लाकडाउन तक का सामना…

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