Latest Updates

भारत – हमारा गर्व : सीमा तंवर

भारत  एक  शानदार  देश  रहा  है  जिस  पर  हमे  सदा  गर्व  रहेगा  दुनिया  ने  इस  बहुमूल्य  हीरे  को  कई  बार  परखा  भी  और  हर  बार  जी  भर कर  इसके  खजाने  से  अपनी  झोली  भर  ली . बड़े  ही  दुःख  की  बात  है  की  एक  आम  भारतीय  ही  कुछ  ज़हरीले  लोगो  की  साजिश  के  कारन  अपने …

Read More

गंतव्य संस्थान के सदस्यों  की टीम द्वारा निराश्रित वरिष्ठ नागरिकों को कंबल व खाद्यान्न  सहयोग

गंतव्य संस्थान के सदस्यों  की टीम निराश्रित वरिष्ठ नागरिकों को कंबल व खाद्यान्न  सहयोग  अभियान के अंतर्गत आज  माता रामबेटी वृद्धाश्रम , मुकरबा चौक , करनाल बाईपास  दिल्ली पहुची जहां सभी ने बुजुर्गों को कम्बल ओढा कर व फल आदि देकर सम्मानित किया साथ ही करीब एक महीने का राशन व फल भी आश्रम के…

Read More

“परदे में रहने दो, परदा न हटाओ……।” – मनमोहन शर्मा ‘शरण’ (सम्पादकीय)

बात फिल्मों की करें या उसमें प्रस्तुत संगीत-गीत की वे सब भी हमारे ही बीच से हमारे लिए सृजित होते हैं। फिर एकाएक गीत बनता है- “परदे में रहने दो, परदा न उठाओ परदा जो उठ गया तो भेद खुल जायेगा।” बात आजकल राजनीति की जोर-शोर से हो रही है। पिक्चर साफ हो चुकी है…

Read More

मानवता को प्रणाम : मनमोहन शर्मा ‘शरण’

भारत में कोरोना विस्फोट चरम पर है, 3–80 लाख के लगभग मामले एक दिन में आना अपने में भयावह है किन्तु साथ ही ठीक होने वालों की संख्या भी 2–97 लाख के लगभग है, जो बाकी देशों की तुलना में संतोषजनक है । इस बार कोरोना की सूनामी युवाओं को अ/िाक चपेट में ले रही…

Read More

“मिल जाओ मोहन”

एक छोटे से गांव में मोहन अपनी मां के साथ रहता था। एक छोटा सा खेत था उनके पास। उसमें फसल उगाकर मां मोहन की परवरिश कर रही थी। मोहन एक होनहार छात्र था। कक्षा में हमेशा प्रथम आता।मेहनत से पढ़ाई करता। जो समय बचता उसमें मां की काम में सहायता कर देता। पिता का…

Read More

जनगण मन अधिनायक जय है…. !

— कुशलेन्द्र श्रीवास्तव सूरज की उदित होती किरणों के साथ लहर लहर लहरा रहा है हमारा तिरंगा……..हम हुए थे स्वतंत्र 15 अगस्त 1947 को इसे याद दिलाने के लिए । वैसे भी हम भारतवासी कहां विस्मृत कर पाते हैं आजादी की लड़ाई को और अंग्रेजों की तानाषाही को । हर पल याद रहता है हमें…

Read More

किंकर्तव्यमूढ़ समाज के चारों तरफ क्यों जमी है धुंध.!

पंकज सीबी मिश्रा, राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी हम वही देखते है जो हमें दिखाया जाता है जबकि वास्तविक चित्र अब भी धुंधला है और धूर्त नेता इस चित्र के आगे कुंडली मार बैठे है। आपको समाज का सबसे निकृष्ट व्यक्ति साबित करने में इन्हे केवल दो मिनट लगता है जबकि इनका वीआईपी कल्चर…

Read More

जीवन गरम चाय की प्याली

पुस्तक समीक्षा : कविता मल्होत्रा ये गर्म चाय की प्याली नहीं बल्कि जीवन को सार्थक दृष्टिकोण देती वो खुशहाली है, जिसके अमृत पान से समूचे ब्रह्मांड में जागृति रूपांतरित हो सकती है। समीक्षा तो नहीं हो पाएगी मुझसे इस अनाहद नाद की कोशिश ज़रूर रहेगी,जागृति संग रहे आपके हर अल्फ़ाज़ की  कई दिन से इस अनूठे…

Read More

भीतर दीप जगाना होगा (सम्पादकीय)

मनमोहन शर्मा ‘शरण’ (प्रधान संपादक) आप सभी को सपरिवार दीपावली, गोवर्धन, भैयादूज, छठपर्व की हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएं । दिवाली, दीपों का पर्व है, अन्धकार को मात देती रौशनी के दीपों को प्रज्ज्वलित कर हम अपने आस–पास के रौशनी से जगमगा देते हैं । बम–पटाखों– फुलझड़ियों के मा/यम से अपनी प्रसन्नता और आनन्द को व्यक्त…

Read More