पहलगाम की घटना से हर भारतीय आक्रोशित : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव
राजनीतिक सफरनामा शर्मनाक……घृणित, कायराना हमला……निःशब्द और मौन रहकर केवल उनके प्रति भावांजलि है जिनको हमने खो दिया है, ओह क्या कसूर था उनका वे तो अपने परिवार के साथ प्रकृति के अनूठे सौन्दर्य को निहारने गए थे….तुमने उनको अकारण मार दिया, धर्म की आड़ लेकर मार दिया उनके परिवार के सामने उन पर गोलियां बरसा…
