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नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं

अलविदा दिसम्बर तेरे लिए , स्वागत है अब जनवरी का । कुछ खट्टा  मीठा सा अनुभव , तुम से मिल गया  जिंदगी का। चेहरे कुछ दिखते नए नए, कुछ अपने लगते बिछड़ गए । यह मंच अजनबी सा लगता , कुछ साथ चले कुछ पिछड़ गये । स्वीकार हृदय से अब कर लो , शाश्वत…

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बुर्खा और घूँघट प्रथा —-एक सामाजिक बुराई

कभी तो देखे अपनी माँ को, जो बुर्खा मुख पर ओढ़े थी , कभी बोलती बिना जुबां के, माँ कब तू मुख खोलेगी ! क्या मेरी जवानी और बुढ़ापा तेरी तरह ही गुजरेगा , जो तेरे था साथ हुआ, क्या वो सब मुझपर बीतेगा ! कैसे गर्मी धूप में भी तू, सर ढक कर के…

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पूजहि विप्र सकल गुण हीना । शुद्र न पूजहु वेद प्रवीणा ।।

पंकज सीबी मिश्रा / राजनीतिक विश्लेषक़ एवं पत्रकार जौनपुर, यूपी  रामचरित मानस में बाबा तुलसीदास कहते है कि पूजहि विप्र सकल गुण हीना । शुद्र न पूजहु वेद प्रवीणा ।। औऱ वही मनु स्मृति कहती है कि-  अष्टापाद्यं तु शूद्रस्य स्तेये भवति किल्बिषम्। षोडशैव तु  वैश्यस्य  द्वात्रिंशत्क्षत्रियस्य च॥ ब्राह्मणस्य  चतुःषष्टिः पूर्णं वापि शतं भवेत्। द्विगुणा …

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भीतर दीप जगाना होगा (सम्पादकीय)

मनमोहन शर्मा ‘शरण’ (प्रधान संपादक) आप सभी को सपरिवार दीपावली, गोवर्धन, भैयादूज, छठपर्व की हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएं । दिवाली, दीपों का पर्व है, अन्धकार को मात देती रौशनी के दीपों को प्रज्ज्वलित कर हम अपने आस–पास के रौशनी से जगमगा देते हैं । बम–पटाखों– फुलझड़ियों के मा/यम से अपनी प्रसन्नता और आनन्द को व्यक्त…

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पावन गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर

गुरु का ज्ञान ही आदमी का जीवन-पथ,सदा प्रकाशित व प्रशस्त करता रहता है.स्वयं से यहां जब  हारने लगता है इंसान,शीघ्र पूज्य गुरुजी  का आह्वान करता है. गम का अंधेरा हो  या दुख का पहाड़ हो,गुरु की  ज्ञान-ज्योति सब दूर कर देता है.गुरू के प्रति सिर्फ क्ष्रद्धाऔर समर्पण हो,ब्रह्मस्वरूप गुरुवर हाथ पकड़ चलाता है. अपनी गुरूभक्ति…

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मतदान का त्योहार

भारत के लोकतंत्र को मजबूत कीजिए, इतनी सी गुजारिश है मतदान कीजिए। मतदाता जागरूकता अभियान है जारी, मतदाता हो मतदान में भी भाग लीजिए। मतदान केंद्र कर रहा प्रतीक्षा आपकी, अपने मताधिकार का उपयोग कीजिए। भारत के संविधान ने अधिकार दिया है, मतदान का त्योहार है मतदान कीजिए। भारत का प्रजातंत्र विश्व भर में श्रेष्ठ…

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अग्नि-जाल में बदलते शहरी भवन — डॉ. सत्यवान सौरभ

भारत आज विश्व के सबसे तेज़ी से शहरीकरण करने वाले देशों में शामिल है। आर्थिक विकास, औद्योगीकरण, सेवा क्षेत्र के विस्तार और ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों की ओर निरंतर हो रहे पलायन ने भारतीय शहरों का स्वरूप तेजी से बदला है। महानगरों से लेकर छोटे शहरों तक बहुमंजिला इमारतें, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, कोचिंग संस्थान, होटल, अस्पताल…

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वह कौन था!

लघु कथा, 👉वह कौन था!— बात उस समय की है जब वही अपना देश आजाद हुआ था।लोगों मेंईमानदारी तो थी ही पर संसार में बेईमानों की कोई कमी नहीं होती ।एक गाँव था जिसका नामधर्मराजपुर था उसी गाँव के निवासी थे भोला पंडित ।उससमय भोला पंडित के पास खेती करने लायक जमीन तो थी ही…

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सुखद जीवन के लिए सात्विक खान-पान जरूरी :- बोहरा

अब तक 35 परिवारों ने लिया मांसाहार मुक्त होने का सकंल्प बाड़मेर। 27.01.2024 । राजस्व गांव सांसियों का तला को नशामुक्त व मांसाहार सेवन मुक्त बनाने को लकेर इन दिनों अभियान ग्रामोदय के तहत् नशामुक्त व मांसाहार मुक्त परिवार कार्यक्रम जोर-शोर से चलाया जा रहा है । अभियान प्रेरक मुकेश बोहरा अमन के नेतृत्व में…

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सलाह देने की आदत

हेमंत जी अपना घर बड़े मन से बनवा रहे हैं। कोई कसर न छोड़ी मकान बनवाने में। पूरी जिंदगी का ख्वाब जो पूरा हो रहा था उनका। बचपन से ही पुराने मकान में रहते हुए जिंदगी गुजर गई। अब अपने मकान का घर का सपना पूरा हो रहा था। सारा दिन मकान बनवाने की भागा…

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