Latest Updates

साफ-साफ दो टूक

साफ-साफ दो टूक शब्द में कहना सबके मन भाया आज हमारे मोदी जी ने सब बापों  को समझाया टेरर टॉक अब नहीं चलेगा नहीं चलेगा टॉक और ट्रेड केवल बात pok पर होगी किया फैसला सबसे ग्रेट नहीं बहेगा साथ साथ अब खून और पानी सब सुन ले मौत, जिंदगी उन पर छोड़ी जो चुनना…

Read More

विरोध-प्रदर्शन का गांधीवादी तरीका अपनाएं किसान : सुप्रीम कोर्ट

पंजाब-हरियाणा सीमा पर एक पखवाड़े से अधिक समय से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे डल्लेवाल की तबीयत बिगड़ रही है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत एवं न्यायमूर्ति उज्ज्ल भुइयां की पीठ ने केंद्र और पंजाब सरकार के प्रतिनिधियों को डल्लेवाल से तुरंत मुलाकात करने का निर्देश दिया जो 17 दिन से अधिक समय से अनशन पर हैं। पीठ को…

Read More

अफसरशाही की जाँच क्यो नही होती ?

मैं ऐसे कई लेखा बाबुओं और अन्य सरकारी कार्यालयों मे काम करने वाले बाबुओं को जानता हूँ जिनका मासिक वेतन बीस हजार से तीस हजार है पर उनके घर की शानो- शौकत किसी बिजनसमैन के रुतबे से कम नही । आखिर कहाँ से आया इतना पैसा ? कई ऐसे  थानाध्यक्ष एस ओ और एस आई…

Read More

बेलगाम आतंकवाद एक वैश्विक समस्या बन जाएगी

पाकिस्तान के घरेलू आतंकवाद के बारे में सबूतों की कोई कमी नहीं है। इसने IC-814 का अपहरण करने वालों का साथ दिया, 26/11 मुंबई हमलों के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों को पनाह दी, दुनिया के सबसे वांछित आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को अपनी सैन्य अकादमी से एक मील से भी कम दूरी पर एक सुरक्षित पनाहगाह…

Read More

धोबीघाट

एक अँधेरी गुफामें खिंची जा रही है वह—घिरनी की तरह घूमती हुई।घोर अँधेरा—आँखें फाड़ फाड़कर देखने की कोशिश कर रही है वह-,पर कुछ दीखता नहीं –काला –गहरा अँधेरा बस।घूमता हुआ शरीर जैसे तिनके तिनके हो बिखर जाएगा—कितना लम्बा अँधेरा है—एक किरण ही रोशनी की दिख जाए गर! और –और  –अचानक जैसे रोशनी का विस्फोट है…

Read More

न्यूज़ पेपर और वेब पोर्टल में छपना हुआ बेहद आसान

न्यूज़ पेपर और वेब  पोर्टल में छपना हुआ बेहद आसान   जी हाँ दोस्तों, अनुराधा प्रकाशन पिछले १० वर्षों से ‘उत्कर्ष मेल’ राष्ट्रीय पाक्षिक समाचार पत्र प्रकाशित करता आ रहा है जिसका मूल केंद्र बिंदु “आपसी संवाद का सशक्त माध्यम है”   राष्ट्र भाषा के प्रचार प्रसार एवं नवोदित साहित्यकारों को मंच प्रधान करने के उद्देश्य से…

Read More

विश्व हिंदी दिवस को समर्पित पंक्तियां

डॉक्टर सुधीर सिंह जी (शेखपुरा, बिहार ) हिंद और हिंदी हिंदुस्तानी की पहचान है,वही हमारी राष्ट्रीय अस्मिता की जान है।हिंदी की श्रेष्ठता को संसार स्वीकार कर,सरेआम कह रहा है हिन्दुस्तान महान है। भाषाअभिलाषा को कार्यान्वित करती है,उससे ही व्यक्तित्व का विकास होता है।हिंदी की भव्यता ही भारत का भविष्य है,इसलिए वह हमारी प्यारी राष्ट्रभाषा है।…

Read More

नींद से जागो

आज फिर रोज की तरह विवश हो गयी हूं ,समाज में हो रही अपराधिक घटनाओं के बारे में सोचने पर! क्या करूं मन का आक्रोश किस से सांझा करूं, क्योंकि यहां सभी धृतराष्ट्र हैं और जो नहीं है वह धृतराष्ट्र बने रहने को विवश हैं ,क्योंकि सत्य बोलने का हश्र हम सभी देख रहे है!यह…

Read More

आलोकित रहे हिंदुस्तान

सलामत   रहे  सारा जहान। दिलों   में  बचा  रहे  ईमान। आसमां के सितारों की तरह, आलोकित रहे  हिंदुस्तान।। छल बल से नहीं चलता देश, कुटिल रावण-सा धरो न वेष। कुछ  गुंडों के कोलाहल से, कभी बदलता नहीं परिवेश। नभ  में कितने मेघ  घने हों, परंतु  सूर्य  निकलता ही है। सत्य  पर कई  परदे  डालो, लेकिन सत्य…

Read More

जाने से पहले

जाने से पहले करना ऐसा, जनजीवन तेरा नमन करें। कुछ ऐसा कर जाना साथी, दुनिया हरदम गुणगान करे। राम और कृष्ण की ये धरती, निशि दिन तुझको नमन करे। आदर्शों पर तेरे नित चलकर, अपने देश का गौरव वहन करें। जो मान और सम्मान बढाये , कर्मों का ऐसा ही चलन रहे। उठा रहे सदा…

Read More