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डॉ.राहुल को हिन्दी शलाका सम्मान

साहित्य मंडल संस्था,श्रीनाथद्वारा के तत्वावधान में 13-14 फरवरी को समायोजित समारोह में “हिन्दी शलाका सम्मान” प्रदान करने की घोषणा की गई है। तदर्थ, श्रीनाथजी के नमन करते हुए संस्था के प्रधानमन्त्री श्री श्यामप्रकाश देवपुराअन्य पदाधिकारियों के प्रति  विशेष आभार। राहुल जी समकालीन हिन्दी साहित्य के बहुमुखी प्रतिभा के प्रसिद्ध साहित्यकार हैं। उनकी कृतियों सामाजिक चेतना…

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राजनीति का बदलता स्वरूप

-अनीता गौतम  (प्रवक्ता एवं साहित्यकार)  कैसा लोकतंत्र है यह कैसा प्रजातंत्र है,??  मेरी बात मानो यारों यह तो भीड तंत्र है। कि अधरों पे सिर्फ जहां जाति -धर्म का मंत्र है , खतरे में देखिए आज प्रजातंत्र है। कि  तानाशाही ने दबोच रखी गर्दन संविधान की, हम सब तमाशबीन हैं ,माफिया स्वतंत्र है।,,,,,,,,  ,,,,,,जी हां…

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जीवन

एक जमाना बीता-सा लगने लगा है। यह समंदर रीता-सा लगने लगा है।। मुझको हर पल हारना लगाता अब अच्छा। यह जहां जीता-सा लगने लगा है।। हरपल देती अग्निपरीक्षा, सत्य की मैं। अब यह जीवन सीता-सा  लगने लगा है।। जो भी आया कुछ सिखाने के सबब से। हर कोई उपदेश गीता-सा  लगने लगा है।। टेढ़े-मेढ़े जिंदगी…

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हे शिव

हे शिव शम्भू नमः शिवाय् ,   जगपालक जगत विधाता ।    दुर्गापति जय जनक गणेश के,     स्कन्द पिता जय नमः शिवाय् ।        वैद्यनाथ, संहारक दुर्जन के तुम,          हे केदारनाथ जय नमः शिवाय् ।            त्रिपुरारी शंकर गंगाधर प्रभु जी ,             जय त्रिनेत्र ओउम् नमःशिवाय् ।    हे भोले भंडारी जगपति…

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अवध में राम आए हैं

 – रवीन्द्र जुगरान      कलयुग में त्रेतायुग के, सरकार आए हैं।     देखो-देखो आज अवध में, राम आए हैं।। जग नियंता सीताराम, मन मंदिर में बसे हुए।  भारत की माटी में खेलकर , दशरथ नंदन बढ़े हुए।। जीवन में संबंधों की, मर्यादा लाए हैं। ग्राम- नगर में खुशियों के, अम्बार छाए हैं।।  …

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खुदा से अर्ज ! – डॉक्टर सुधीर सिंह

हम ने खुदा से अर्ज की;ऐ रब ! सबों पर रहम कर| सब को दिखा वह रास्ता, जो हो मुहब्बत की डगर| हम को फरिश्ता मत बना; बंदा बना कुछ काम का, अवसाद और गम कम करें , हमदर्द बन इंसान का| दुनिया में दुख और दर्द है; एहसास हम इसका करें, न रहें कभी…

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 बेशर्मी और केवल बेशर्मी –  कुशलेन्द्र श्रीवास्तव

अपनी धार्मिकता को महसूस किया जा सके पर ऐसा नहीं हो सका । इन दिनों युवाओें का आचरण अजीब ढंग का महसूस किया जाने लगा है । स्वछंदता और बेशर्मी इसके मानक बन चुके हैं । यही कारण है कि देश के विभिन्न अंचलों मेें ऐसी घटनाएं घटित हो रही हैं । शादी-ब्याह को खेल…

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पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी ओंकारानंद सरस्वती जी का इन्द्रपार्क पालम में आगमन

आज 26 मार्च , देव मानव सेवा ट्रस्ट इन्द्रा पार्क पालम के प्रांगण को प्रयाग पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी ओंकारानंद सरस्वती जी महाराज ने अपने चरणों से शुद्ध कर दिया बहुत ही सुन्दर प्रवचन सुनने को मिले बहुत ही शिक्षाप्रद विचारों का प्रदान किया, संस्था विशेष रूप से पूर्व पार्षद मेरे बड़े भाई श्री अनिल…

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मन बुद्धि और ध्यान को योग में लगाओ,

मन बुद्धि और ध्यान को योग में लगाओ, और प्यारे प्रभु की कृपा से आनंदमई जीवन बिताओ! सारे फिकर को सौंप दो और योग में सिर्फ घ्यान दो, सब सरल हो जाएगा जीवन कमल खिल जाएगा, सकारात्मक पे सोच लो,नकारात्मक को छोड़ दो, एक बार योग का दामन तुम थाम लो,सारे फिकर त्याग दो! स्वास्थ…

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जुगनू इन रातों के : अनिल भारद्वाज एडवोकेट

शीतल नहीं चांदनी रातें, उमस भरा सारा दिन, जाने कहां छिपी वर्षा ऋतु,कहां खो गया सावन। फूलों के मौसम में जिसने ढेरों स्वप्न संजोए, बिना आंसुओं के वो क्यारी चुपके चुपके रोए। सूख रहे हैं पुष्प लताऐं, प्यासी है अमराई, किसी पेड़ की छाया में,जाकर लेटी पुरवाई, जाने कहां जा बसे वे दिन,रिमझिम बरसातों के,…

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