माँ के शुभ नौ रूप
नव संवत्सर आ गया, लेकर नवउत्कर्ष ।मंगलमय हो शुभ सदा, भारतीय नववर्ष ।। फसलें सुख समृद्धि का, गातीं मधुरिम गान ।भरे अन्न भण्डार अब, प्रमुदित हुये किसान ।। ऋतु पावन मंगलमयी, सुखद चैत्र शुभ मास ।कोयल गाती गीत मधु, जन-जन में उल्लास ।। नव दुर्गा नव रात्र शुभ, माँ के शुभ नौरूप ।करते जग कल्याण…
